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ये क्या कह गए अशोक चौधरी? सदन में कटौती प्रस्ताव लाने वाले विधायकों को धमकाया

बिहार विधानसभा में मंत्री अशोक चौधरी ने चेतावनी देते हुए कहा कि कटौती प्रस्ताव पर जिनका साइन हैं, उनके क्षेत्र में काम नहीं होगा. पढ़ें

ASHOK CHOUDHARY
ग्रामीण कार्य विभाग के मंत्री अशोक चौधरी (सौ. बिहार विधानसभा)
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By ETV Bharat Bihar Team

Published : February 18, 2026 at 7:24 PM IST

4 Min Read
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पटना: बिहार विधानसभा में बुधवार को ग्रामीण कार्य विभाग के मंत्री अशोक चौधरी ने चेतावनी देते हुए साफ-साफ कहा कि कटौती प्रस्ताव वापस लिया जाए, नहीं तो जिन विधायकों ने इसपर हस्ताक्षर किए हैं उनके क्षेत्र में विभाग काम नहीं करेंगे. उनके बयान के बाद सदन में एनडीए विधायकों और मंत्रियों के बीच हंसी की लहर दौड़ गई, लेकिन तब तक विपक्ष के सदस्यों ने वॉकआउट कर लिया था.

ग्रामीण कार्य विभाग का बजट पास: ग्रामीण कार्य विभाग के बजट पर चर्चा के दौरान विपक्ष के साथ-साथ सत्ता पक्ष के सदस्यों ने भी कई तरह के आरोप लगाए और जब मंत्री अशोक चौधरी ने जवाब दिया तो विपक्ष के सदस्य यह कहते हुए सदन से बाहर निकल गए कि उनके उठाए सवालों का जवाब नहीं दे रहे हैं.

मंत्री अशोक चौधरी का बयान (सौ. बिहार विधानसभा)

सदन में अशोक चौधरी की चेतावनी: चर्चा के बाद वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ग्रामीण कार्य विभाग का 11312 करोड़ से अधिक का बजट सर्वसम्मति से पास हो गया, लेकिन उससे पहले अशोक चौधरी ने कटौती प्रस्ताव पर सिग्नेचर करने वाले सभी सदस्यों को चेतावनी दी कि यदि उन्होंने नाम वापस नहीं लिया तो उनके क्षेत्र में हम काम नहीं करेंगे. हालांकि चर्चा के बाद विपक्ष की अनुपस्थिति में सर्व सर्वसम्मति से ग्रामीण कार्य विभाग का बजट पास हो गया, लेकिन अशोक चौधरी की चेतावनी विधानसभा परिसर में चर्चा का विषय बना हुआ रहा.

"बिहार के विकास को ताकत देने के लिए, नीतीश सरकार के सपनों को साकार करने के लिए, इस बजट को अनुमति प्रदान की जाए. हम माननीय सदस्यों से आग्रह करते हैं कि अपना कटौती प्रस्ताव वापस लेने का काम करें. अगर कटौती प्रस्ताव वापस नहीं लेंगे तो जो लोग कटौती पर दस्तखत किए हैं, उनके विधानसभा में ग्रामीण कार्य विभाग कोई काम नहीं करेगा."- अशोक चौधरी, मंत्री, ग्रामीण कार्य विभाग

सत्ता पक्ष के विधायकों ने भी मंत्री को घेरा : बिहार विधानसभा में ग्रामीण कार्य विभाग के बजट पर सत्ता पक्ष के बीजेपी विधायक प्रमोद कुमार ने कहा कि "ग्लोबल टेंडर लागू किए जाने से छोटे ठेकेदार धूल फांक रहे हैं. काम भी समय पर पूरा नहीं हो रहा है. जिन्होंने ग्लोबल टेंडर लिया वे पेटी कॉन्ट्रैक्टर को ढूंढ रहे हैं."

लापरवाही पर कार्रवाई होनी चाहिए: एलजेपीआर के विधायक राजू तिवारी ने ग्रामीण कार्य विभाग पर चर्चा करने की जगह आरजेडी पर ही रामविलास पासवान को बेचारा कहने के मामले पर हमला किया. उन्होंने कहा "हमारे नेता के खिलाफ जिस प्रकार से शब्दों का प्रयोग किया है, उसके लिए आरजेडी के लोग माफी मांगे. राजू तिवारी ने कहा ना तो इन्हें अल्पसंख्यक से कोई लेना देना है ना दलितों से."

राजू तिवारी और कुमार सर्वजीत के बीच बहस: कुमार सर्वजीत के टोकने पर राजू तिवारी ने कहा कि आपके पिताजी की हत्या किसके शासनकाल में हुई थी. इसपर सर्वजीत ने कहा कि नीतीश कुमार के शासन में ही हुई थी. बार-बार माफी मांगने की बात कहने पर राजद के कुमार सर्वजीत ने कहा कि हम माफी मांगने के लिए तैयार हैं, यदि ये लोग विधानसभा परिसर में रामविलास पासवान की एक आदमकद मूर्ति लगा दें.

ग्लोबल टेंडर को लेकर नाराजगी: आईआईपी के इंद्रजीत गुप्ता ने कहा ग्लोबल टेंडर होने से छोटे ठेकेदार बेरोजगार हो रहे हैं, इससे पलायन बढ़ रहा है, इसलिए इसको ध्यान देने की जरूरत है. विपक्ष के कई सदस्यों ने भी ग्लोबल टेंडर को लेकर अपनी नाराजगी जताई.

अशोक चौधरी का बीजेपी विधायक पर तंज: बीजेपी के विधायक प्रमोद कुमार को लेकर अशोक चौधरी ने कहा विधायक तो बीजेपी के हैं लेकिन बोल रहे थे विरोधी दल की तरह. अशोक चौधरी ने कहा कि 2005 से पहले हम शर्मसार होते थे, जब गड्ढे में सड़क है या सड़क में गड्ढा था. अशोक चौधरी ने विपक्ष और सत्ता पक्ष के कई नेताओं का नाम लिया जिनके क्षेत्र में ग्रामीण कार्य विभाग कम कर रहा है.

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