ऊना जिला में ढाई महीने के लिए माइनिंग लीज की गई सस्पेंड, नदी-नालों को लेकर खनन विभाग ने जारी किया आदेश
मानसून सीजन में ऊना जिले में नदी-नालों में होने वाली माइनिंग पर रोक रहेगी. वहीं, इस आदेश का उल्लंघन करने वालों पर होगी कानूनी कार्रवाई.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : July 8, 2026 at 3:07 PM IST
ऊना: खनन विभाग द्वारा मानसून सीजन को ध्यान में रखते हुए 1 जुलाई से लेकर 15 सितंबर तक जिला ऊना की रिवर बैड वाली सभी खनन लीज को सस्पेंड कर दिया गया है. इसके साथ ही विभाग द्वारा सभी स्टोन क्रशर मालिकों को लिखित आदेश भी जारी कर दिए गए हैं. हालांकि, जिला के तमाम नदी नालों में खनन करने के लिए दी गई लीज तुरंत प्रभाव से रद्द कर दी गई है. जबकि पहाड़ी क्षेत्र के लिए यह आदेश लागू नहीं होगा. काबिले गौर है कि खनन विभाग द्वारा प्रतिवर्ष खनन साइट्स की रेस्टोरेशन के चलते इन गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाया जाता है.
मानसून सीजन को ध्यान में रखते हुए खनन विभाग द्वारा जिला भर की नदी नालों में आवंटित की गई माइनिंग लीज को तुरंत प्रभाव से ढाई महीने के लिए रद्द कर दिया है. जिला भर में स्थापित किए गए स्टोन क्रेशर उद्योगों के प्रबंधकों और मालिकों को लिखित आदेश जारी करते हुए इसकी अलग से सूचना भी जारी कर दी गई है.
सहायक भू वैज्ञानिक राजीव कालिया ने बताया, "1 जुलाई से लेकर 15 सितंबर तक प्रतिवर्ष खनन पट्टों को रद्द किया जाता है. साल भर नदी नालों में खनन के बाद मानसून का सीजन रेस्टोरेशन के लिए अहम माना जाता है. इसी के चलते यह आदेश जारी कर दिए गए हैं. इन आदेशों के बाद 1 जुलाई से 15 सितंबर तक कोई भी व्यक्ति यदि नदी नालों में खनन करता हुआ पाया जाता है तो उसके खिलाफ कानून सम्मत कार्रवाई अमल में लाई जाएगी".
राजीव कालिया ने बताया हालांकि जिला के ढलान वाले क्षेत्रों में यह आदेश लागू नहीं होंगे. मानसून सीजन में किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए ऊंचाई वाले और पहाड़ी क्षेत्रों को पूरी तरह से इस आदेश से अलग रखा गया है.

