दो महीने बाद भी सऊदी से गिरिडीह नहीं पहुंच सका विजय का शव, जांच में उलझे परिजन, गोली लगने से हुई थी मौत
सऊदी में मारे गए विजय की लाश अभी तक गिरिडीह नहीं पहुंच पाई है. परिजनों का बुरा हाल है.

Published : December 29, 2025 at 1:12 PM IST
गिरिडीहः डुमरी थाना क्षेत्र के अंतर्गत मधगोपाली पंचायत के दूधपनिया गांव निवासी प्रवासी श्रमिक विजय कुमार महतो की दो माह पहले गोली लगने से मौत हो गई थी. सऊदी अरब में 15 अक्टूबर की शाम विजय को गोली लगी थी और 24 अक्टूबर को इलाज के दौरान मौत हो गई. इस घटना को बीते 2 महीने से अधिक का समय होने के बावजूद विजय की लाश अभी तक उसके गांव नहीं पहुंच सकी है और न ही किसी तरह का मुआवजा मिला है. ऐसे में घर का हर सदस्य मायूस है. कमाऊ पुत्र की मृत्यु से अधेड़ माता-पिता भी परेशान हैं. वहीं पत्नी की हालत अभी भी बेहतर नहीं हो सकी है.
समझ में नहीं आता क्या करूं: पिता
विजय के घर के हालात को जानने ईटीवी भारत की टीम उसके घर पर पहुंची. यहां विजय के पिता सूर्य नारायण महतो से बात की. उन्हेंने बताया कि कोई मदद नहीं मिल रही है. सिर्फ एनओसी मांगा जाता है. 'जिस कंपनी ने विजय को हायर किया था वह भी कुछ नहीं बोल रही है, न मुआवजे की बात की जा रही है और न ही शव इंडिया लाने की. उसपर धमकी दी जाती है कि एनओसी नहीं देंगे तो शव को सऊदी में ही दफना दिया जाएगा, क्या ऐसा होता है'. हमें तो शव और मुआवजा दोनों चाहिए.
बच्चों की स्कूल फीस के लिए पैसा नहीं है
मृतक की पत्नी बसंती देवी का रो-रोकर बुरा हाल है. बसंती हर बात पर रोने लगती है. वह बार- बार कहती है कि उसकी जिंदगी में अंधेरा हो गया. घर में पैसा नहीं है, जिस स्कूल में बच्चे पढ़ते हैं वहां फीस बाकी है. स्कूल वाले नाम काटने की धमकी दे रहे हैं, समझ में नहीं आता करूं तो क्या करूं.
क्या है मामला
बता दें कि विजय सऊदी अरब में एक कंस्ट्रक्शन कंपनी में काम करते थे. 15 अक्टूबर की शाम को विजय ने एक वॉइस मैसेज अपनी पत्नी को भेजा था जिसमें उसने कहा था कि उसे गोली लगी है. मैसेज में यह भी था कि अपराधी और पुलिस के बीच मुठभेड़ चल रही थी और उसी में उसको गोली लग गई. बाद में उसे अस्पताल ले जाया गया जहां 24 अक्टूबर को उसने दम तोड़ दिया. इसके बाद से परिजनों का हाल बुरा है.
विजय की मौत के बाद से झारखंड सरकार की टीम लगातार सऊदी में स्थित दूतावास से संपर्क में है. मामला सऊदी के लोक अभियोजक के पास है. फाइनल रिपोर्ट का इंतजार है. रिपोर्ट आते ही आगे का कदम उठाया जाएगा. वैसे सरकार और टीम विजय के परिजनों को हर संभव मदद देने में जुटी हैः शिखा लकड़ा, टीम हेड, लेबर सेल, झारखंड सरकार
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