ETV Bharat / state

हांसी में आधी रात हाईवोल्टेज ड्रामा, स्वास्थ्य जांच को लेकर प्रशासन और ग्रामीण आमने-सामने, दोनों पक्षों के दावे अलग-अलग

चानौत जल आंदोलन के दौरान रात दो बजे स्वास्थ्य जांच को लेकर विवाद गहराया. प्रशासन और ग्रामीणों ने एक-दूसरे के दावों को गलत ठहराया.

Chanot Drinking Water Protest
चानौत धरने पर आधी रात हाईवोल्टेज ड्रामा (ETV Bharat)
author img

By ETV Bharat Haryana Team

Published : June 19, 2026 at 10:45 AM IST

|

Updated : June 19, 2026 at 11:02 AM IST

2 Min Read
Choose ETV Bharat

हांसी: हांसी के गांव चानौत में पेयजल की मांग को लेकर जारी धरने के दौरान गुरुवार तड़के नया विवाद सामने आया. आमरण अनशन पर बैठे लोगों की तबीयत बिगड़ने की सूचना मिलने पर प्रशासन रात करीब दो बजे स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ धरनास्थल पर पहुंचा. इसके बाद स्वास्थ्य जांच को लेकर प्रशासन और धरने पर बैठे ग्रामीणों के बीच विवाद की स्थिति बन गई.

ग्रामीणों ने लगाए जबरन उठाने के आरोप: धरनास्थल पर मौजूद कुछ ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन स्वास्थ्य जांच के बहाने अनशनकारियों को जबरन धरने से हटाने की कोशिश कर रहा था. इसे लेकर मौके पर कुछ देर तनावपूर्ण माहौल बना और ग्रामीणों ने प्रशासनिक कार्रवाई पर सवाल उठाए. हालांकि बाद में स्थिति शांत हो गई.

स्वास्थ्य जांच को लेकर प्रशासन और ग्रामीण आमने-सामने (ETV Bharat)

डीएसपी बोले- "केवल स्वास्थ्य परीक्षण के लिए पहुंचे थे": मामले में डीएसपी रवींद्र सांगवान ने कहा कि, "हम एसडीएम के निर्देश पर केवल सेवा भाव से बुजुर्ग अनशनकारियों का स्वास्थ्य परीक्षण कराने पहुंचे थे. ग्रामीणों ने हूटिंग की, हमने उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन सहमति नहीं बनने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम वापस लौट गई. बातचीत के दौरान मेरी नेम प्लेट गिर गई थी, किसी तरह की धक्का-मुक्की नहीं हुई."

एसडीएम ने मानवाधिकारों का दिया हवाला: वहीं, एसडीएम राजेश खोथ ने कहा कि, "मानवाधिकारों के अनुसार प्रशासन का पहला दायित्व लोगों के जीवन और स्वास्थ्य की रक्षा करना है. 82 वर्षीय टेकचंद सहित अन्य अनशनकारियों की तबीयत खराब होने की सूचना मिलने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम भेजी गई थी, लेकिन सहयोग नहीं मिलने के कारण टीम को लौटना पड़ा."

आंदोलन जारी: स्वास्थ्य जांच को लेकर प्रशासन और धरना दे रहे ग्रामीणों के दावे पूरी तरह अलग-अलग हैं. एक ओर ग्रामीण इसे दबाव बनाने की कोशिश बता रहे हैं, वहीं प्रशासन इसे मानवीय जिम्मेदारी और स्वास्थ्य सुरक्षा का हिस्सा बता रहा है. फिलहाल पेयजल की मांग को लेकर चानौत गांव का आंदोलन लगातार जारी है और पूरे घटनाक्रम पर सभी की नजर बनी हुई है.

ये भी पढ़ें: हांसी में ग्रामीणों ने बैरिकेड तोड़े, लघु सचिवालय में घुसे, DC से बोले- "पीकर दिखाओ ये गंदा पानी"

Last Updated : June 19, 2026 at 11:02 AM IST