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पश्चिम एशिया संकट का असर: UP के रईसों ने बदला समर प्लान; इंटरनेशनल बुकिंग्स 80% गिरी, कश्मीर-लद्दाख पहली पसंद

दुनिया के देशों में जारी युद्ध और मिडिल-ईस्ट में तनाव को देखते हुए डोमेस्टिक टूरिज्म में उछाल देखा जा रहा है.

पश्चिम एशिया संकट का असर: UP के रईसों ने बदला समर प्लान.
पश्चिम एशिया संकट का असर: UP के रईसों ने बदला समर प्लान. (Photo Credit: ETV Bharat)
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By ETV Bharat Uttar Pradesh Team

Published : May 29, 2026 at 12:12 PM IST

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कानपुर: पश्चिम एशिया में युद्ध और तनाव का सीधा असर उत्तर प्रदेश के अमीर परिवारों के समर वेकेशन प्लान पर दिखने लगा है. इस सीजन में दुबई, दोहा, कतर और सिंगापुर जैसे पसंदीदा जगहों की बुकिंग में 80% तक की ऐतिहासिक गिरावट दर्ज की गई है. इसकी जगह अब यूपी के रईस कश्मीर की वादियों, लद्दाख की पहाड़ियों और केरल के बैकवॉटर्स का रुख कर रहे हैं. राज्य का ट्रैवल मार्केट अब पूरी तरह 'लोकल' मोड में शिफ्ट हो चुका है. पेश है मनोज द्विवेदी के संपादन में संवाददाता समीर दीक्षित की रिपोर्ट.

ट्रैवेल विशेषज्ञों का कहना है कि कश्मीर में अचानक हुए गोंडोला हादसे के बाद कश्मीर की बुकिंग का ग्राफ नीचे की ओर आ गया. हां, यह जरूर है कि यूपी में पारा 45 डिग्री पार है. इससे राहत पाने के लिए कुफरी, मनाली, चायल और शिमला जाने वालों की लंबी कतारें हैं.

दूसरी तरफ आसमान छूते हवाई किराए और सुरक्षा की चिंता ने खाड़ी देशों की डिमांड को लगभग शून्य पर ला दिया है. नतीजतन, मानसिक शांति और सुरक्षित छुट्टियों की तलाश में यूपी के पर्यटक अब भारत के विभिन्न लोकेशन की बुकिंग्स करा रहे हैं.

पश्चिम एशिया संकट का असर. (Video Credit: ETV Bharat)

दोगुना तक बढ़ा हवाई किराया: कानपुर में अवध टूर एंड ट्रैवेल्स के निदेशक शारिक अल्वी ने बताया कि जैसे ही 28 फरवरी से पश्चिम एशिया में युद्द जैसे हालात बने तो कई एयरलाइंस ने अचानक ही अपने टिकट के दामों में दोगुना तक इजाफा कर दिया. इससे जहां एक वर्ग ऐसा था, जो बिजनेस टूर के लिए तैयार था, उस वर्ग ने तो बढ़ी हुई दरों पर अपनी टिकटें करा लीं. लेकिन, जिन्हें परिवार के साथ गर्मी की छुट्टियों में घूमने जाना था, उन्हें अपना प्लान बदलना पड़ा.

कानपुर के कई ऐसे भी परिवार हैं, जिन्होंने यह जानकारी मांगी कि दुबई या खाड़ी देश अगर वह नहीं जा सकते हैं तो किस देश में घूमना बेहतर होगा? उदाहरण के लिए शारिक बताते हैं कि तीन महीने पहले सऊदी अरब आने-जाने का टिकट 52 हजार रुपए में मिल रहा था.

जबकि पिछले कुछ दिनों से एक तरफ का किराया ही 54-55 हजार का हो गया. उन्होंने कहा कि कुछ सेक्टर्स ऐसे भी हैं, जहां टिकटों की दरों में उछाल 100 प्रतिशत तक पहुंच गया है. जंग जैसी स्थिति में कुवैत का टिकट पहली बार 70 हजार रुपए तक का बिका है.

कम हुई इंटरनेशनल बुकिंग.
कम हुई इंटरनेशनल बुकिंग. (Photo Credit: ETV Bharat)

यूरोप बन रहा पहली पसंद: शारिक अल्वी ने बताया कि इस समर सीजन में सबसे अधिक बुकिंग्स यूरोप की हुई है. यहां सेलजेन वीजा बनने के चलते जो लोग घूमने जाते हैं. उन्हें बतौर पर्यटक 24 देशों का वीजा एक साथ मिल जाता है.

इसके अलावा सिंगापुर, मलेशिया भी लोग गए हैं और लगातार बुकिंग्स मिल रही हैं. आंकड़ों की जानकारी देते हुए बताया कि पिछले तीन महीने में करीब 500 लोगों ने इन देशों के लिए अपनी टिकटें कराई हैं. वहीं, खाड़ी देशों के लिए भी पिछले तीन महीने में जाने वालों की संख्या 500 है.

हालांकि, इनमें कई लोग ऐसे हैं, जिन्होंने अपने वीजा की वैधता को देखते टिकटें कराईं. उन्होंने बताया कि अधिकतर लोग ऐसे हैं जो उन्नाव से कुवैत जाते हैं. वहां, पर वह सभी लाऊंड्री का काम करते हैं. उन सभी ने अच्छी संख्या में अपनी कुवैत की टिकटें बुक कराईं हैं.

किराए में आया उतार-चढ़ाव.
किराए में आया उतार-चढ़ाव. (Photo Credit: ETV Bharat)

कूल-कूल रहने के लिए डोमेस्टिक पैकेज की मांग: शारिक अल्वी ने बताया कि विदेशों की बात न करें, तो भारत में घूमने के लिए लोग गर्मी के दिनों में ठंडे स्थानों को अपनी पहली पसंद बनाते हैं. इसके लिए सबसे अधिक कश्मीर की बुकिंग्स के साथ ही शिमला, मनाली, चायल, कुफरी को चुना है.

वहीं, केरल और नॉर्थ ईस्ट जाने वालों की संख्या भी अच्छी खासी है. कई परिवार ऐसे हैं, जिन्हें बहुत अधिक रुपए नहीं खर्च करने हैं, तो उन्होंने गोवा का विकल्प भी लिया है. कुल मिलाकर भारतीय डेस्टिनेशन लोगों की पसंद में शामिल हो रहे हैं.

UP के रईसों ने बदला समर प्लान.
UP के रईसों ने बदला समर प्लान. (Photo Credit: ETV Bharat)

क्या बोले लोग: विकास नगर निवासी डॉ. बीएन आचार्य ने बताया कि कंपनियां रुपए तो घटाती-बढ़ाती हैं, लेकिन उससे फर्क नहीं पड़ता. हमने परिवार के साथ घूमने जाना था. पीएम मोदी ने जो आह्वान किया है, उससे फैसला किया, अब फॉरेन ट्रिप पर नहीं जाएंगे. हालात भी ठीक नहीं हैं. परिवार के साथ अब भारत में ही कहीं घूमेंगे. विदेशों की यात्रा बहुत आवश्यक नहीं हैं.

शास्त्री नगर निवासी अनिल बाजपेई बताते हैं कि मिडिल ईस्ट में बवाल मचा है. साथ ही एयरलाइंस ने किराए भी बढ़ा दिए हैं. जब हालात सामान्य होंगे, तब चले जाएंगे. पीएम मोदी भी आमजन से कह चुके हैं कि विदेश यात्राओं से बचना चाहिए. इसलिए हम भी भारत के अच्छे डेस्टिनेशन पर जाने का प्लान कर रहे हैं.

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