दुल्हन गोंजलो ने पहनी बनारसी साड़ी, दूल्हे रुईज ने धोती-कुर्ता, मैक्सिकन कपल ने काशी में लिए सात फेरे
मैक्सिकन कपल ने अस्सी घाट पर बीच गंगा नदी में नाव पर वैदिक रीति रिवाज से शादी की. हवन पूजन किया.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : February 24, 2026 at 9:32 PM IST
वाराणसी : आध्यात्मिक नगरी काशी एक बार फिर अपनी सनातन परंपरा और वैश्विक आकर्षण के कारण सुर्खियों में है. विश्वप्रसिद्ध अस्सी घाट पर मैक्सिको से आए एक कपल ने बीच गंगा नदी में नौका पर वैदिक विधि-विधान से विवाह किया. इस विशेष आयोजन को देखने के लिए घाट पर स्थानीय नागरिकों, श्रद्धालुओं और पर्यटकों की अच्छी भीड़ रही.
वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हुआ विवाह संपन्न : मैक्सिको के निवासी रुईज कब्रोल और गोंजलो मिगुल लंबे समय से भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं से प्रभावित थे. उन्होंने अपने वैवाहिक जीवन की शुरुआत भारत की आध्यात्मिक राजधानी वाराणसी से करने का निर्णय लिया. निर्धारित मुहूर्त में गंगा के बीच सजी भव्य नौका पर मंडप तैयार किया गया, जहां वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ विवाह संपन्न हुआ.
दूल्हा-दुल्हन ने पहने भारतीय परिधान : विवाह संस्कार कराने वाले आचार्य दीपक पांडेय ने बताया, हिंदू रीति रिवाज के अनुसार हवन, पूजन एवं जयमाल, सिंदूर दान कर विवाह सम्पन्न कराया गया. मंत्रों की गूंज, धूप-दीप की सुगंध और गंगा की शांत लहरों ने वातावरण को पूर्णतः आध्यात्मिक बना दिया. दूल्हा-दुल्हन ने पारंपरिक भारतीय परिधान धोती-कुर्ता और लाल बनारसी साड़ी धारण की.
घाट पर मौजूद लोगों ने दिया आशीर्वाद : घाट पर मौजूद लोगों ने पुष्पवर्षा कर नवदम्पति को आशीर्वाद दिया. कई देशी-विदेशी पर्यटकों ने इस अद्भुत क्षण को अपने कैमरों में कैद किया. उपस्थित लोगों ने इसे संस्कृतियों का संगम बताते हुए कहा कि यह आयोजन भारतीय परंपराओं की वैश्विक स्वीकार्यता का प्रतीक है.
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