रमजान पर मेवात में बाजारों में दिखी खास रौनक, खरीदारों की उमड़ी भारी भीड़
मेवात में रमजान के पहले रोज़े पर मस्जिदों में इबादत और बाजारों में खरीदारी की खास रौनक रही.

Published : February 20, 2026 at 10:46 AM IST
नूंह: पवित्र महीने रमजान की शुरुआत पहले रोज़े के साथ हुई तो पूरे मेवात क्षेत्र में रूहानी माहौल देखने को मिला. सुबह फज्र की नमाज़ के साथ रोज़ों का सिलसिला शुरू हुआ. मस्जिदों में नमाज़ियों की भीड़ उमड़ी और लोगों ने मुल्क व अमन-चैन की दुआ मांगी. चारों ओर इबादत और श्रद्धा का वातावरण रहा.
बाजारों में बढ़ी रौनक और खरीदारी: रमजान के पहले दिन बाजारों में खास चहल-पहल देखने को मिली. सहरी और इफ्तार की तैयारी को लेकर लोगों ने जमकर खरीदारी की. फल, खजूर, केले, सेब, संतरे और तरबूज से सजी दुकानों पर भीड़ लगी रही. दुकानदारों ने भी विशेष इंतजाम किए. शाम ढलते ही बाजारों की रौनक और बढ़ गई तथा रोज़ेदार जरूरी सामान खरीदते नजर आए. बच्चों और युवाओं में भी खास उत्साह दिखाई दिया.

"रोज़ा-आत्मसंयम और नेक राह का संदेश": रमजान केवल भूखे-प्यासे रहने का नाम नहीं, बल्कि अपनी नीयत और व्यवहार को पाक रखने का भी संदेश देता है. रोज़ा इंसान को बुराइयों से दूर रहकर नेक राह पर चलने की सीख देता है. वक्फ बोर्ड इमाम नूंह के अध्यक्ष मौलाना असरुद्दीन ने कहा, “रमजान का महीना इंसानियत, सब्र और भाईचारे का पैग़ाम देता है. यह महीना हमें जरूरतमंदों की मदद करने और आपसी प्रेम बढ़ाने की सीख देता है.”
सामाजिक एकता की झलक: गांव के निवासी राशिद खान ने बताया, “रमजान हमें एक-दूसरे के करीब लाता है. रोज़े के दौरान हम सब मिल-जुलकर इफ्तार करते हैं और भाईचारे को मजबूत करते हैं.” वहीं दुकानदार अब्दुल रशीद ने कहा, “रमजान में बाजारों की रौनक बढ़ जाती है. लोग खुशी-खुशी खरीदारी करते हैं और हम भी खास तैयारी रखते हैं.” पहले रोज़े के साथ ही मेवात में इबादत, बाजारों की चहल-पहल और सामाजिक एकता की खूबसूरत तस्वीर देखने को मिली. रमजान का यह पाक महीना पूरे क्षेत्र में आस्था और इंसानियत की नई रोशनी लेकर आया है.

