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उत्तराखंड पर अगले 18 घंटे भारी! बारिश का रेड अलर्ट, पिथौरागढ़ जिले में कई सड़कें बंद

उत्तराखंड में मानसून जाते हुए भी टेंशन देकर जा रहा हैं. मौसम विभाग ने फिर से बारिश को लेकर रेड अलर्ट जारी किया हैं.

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By ETV Bharat Uttarakhand Team

Published : September 1, 2026 at 7:16 PM IST

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देहरादून: मौसम के लिहाज से उत्तराखंड के लिए अगले 18 घंटे मुश्किल भरे रहने वाले है. क्योंकि मौसम विभाग ने आज एक सितंबर शाम चार बजे से लेकर दो सितंबर बुधवार सुबह 10 बजे तक प्रदेश के कई इलाकों खासकर कुमाऊं में भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है, जिसको लेकर उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण भी सर्तक हो गया है.

उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से जो सूचना जारी की गई है, उसके अनुसार कल दो सितंबर सुबह दस बजे तक नैनीताल और अल्मोड़ा जिलों के चौखुटिया, भिकियासैंण, रानीखेत, भनोली, कटारमल, जैती, रामनगर, भीमताल, हल्द्वानी, मुक्तेश्वर, कोटाबाग, भवाली और द्वाराहाट समेत आसपास के इलाकों में बहुत भारी से अत्यंत भारी वर्षा होने की आशंका जताई गई है.

स्कूलों की छुट्टी के आदेश भी जारी किए गए: वहीं भारी बारिश के अलर्ट को देखते हुए नैनीताल, बागेश्वर और अल्मोड़ा में स्कूलों की छुट्टी के आदेश भी जारी किए गए. मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग समेत तमाम जिला प्रशासन और पुलिस भी अलर्ट हो गई है. संवेदनशील क्षेत्रों में पहले से ही एसडीआरएफ को तैनात किया है. साथ ही आपदा प्रबंधन विभाग और मौसम विभाग ने लोगों के अपील की है कि भारी बारिश के दौरान बेवजह घरों से बाहर न निकले. इसके अलावा पहाड़ी इलाकों में सफर करने से बचे. क्योंकि बारिश के दौरान पहाड़ों पर लैंडस्लाइड की घटनाएं बढ़ जाती है.

पिथौरागढ़ में 17 सड़कों पर यातायात ठप: सीमांत पिथौरागढ़ जिले में सोमवार रात से मूसलाधार बारिश हो रही है. बारिश के कारण लैंडस्लाइड होने से जिले की पिथौरागढ़- घाट एनएच सहित 17 सड़कों पर यातायात ठप है. 400 से अधिक वाहन हाईवे पर फंसे हैं. मंगलवार सुबह पिथौरागढ़- घाट सड़क पर मुन्ना बैंड में भारी मलबा आ गया था. यहां भी करीब 200 से अधिक टैक्सी, बसें और ट्रक सहित अन्य वाहन फंसे हैं.

चीन सीमा का संपर्क घाटियों से कटा: वहीं लैंडस्लाइड के कारण दो स्टेट हाईवे थल-मुनस्यारी और थल-ओगला भी बंद रहा. देर शाम को पिथौरागढ़ घाट सड़क खुल गई है. मलघाट में मलबा आने से चीन सीमा को जाने वाली धारचूला- तवाघाट और तवाघाट- गुंजी बार्डर रोड भी बंद है. इससे सीमा की तीनों घाटियों का संपर्क कटा हुआ है. कई वाहन रास्ते में फंसे हैं. फिलहाल बीआरओ (Border Roads Organisation) सड़क खोलने में जुटा हुआ है.

पिथौरागढ़ जिले की 12 ग्रामीण सड़कें अभी यातायात के लिए नहीं खुल पाई: जिले में करीब 12 सड़कें ऐसी है, जो बुधवार शाम को भी नहीं खुल पाई, जिनमें

  • ड्योड़ा- बारमो
  • कनालीछीना-पीपली
  • सोबला-उमचिया
  • होकरा- नामिक
  • ऐलागाड़-जुम्मा
  • धापा बैंड- बुईं पातो
  • बांसबगड़- कोटा
  • बांसबगड़- धामीगांव
  • कालिका- खुमती
  • देवीसूना-गराली
  • मालाकोट- लोद
  • सेलाकोट- बुसैल सड़कों पर यातायात पूरी तरह से ठप है.
  • बेरीनाग अल्मोड़ा मोटर गणाई के पास मलबा आने से तीन घंटे मार्ग बंद रहा था.

नदी नाले उफान पर: लगातार हो रही बारिश के कारण नदी नाले उफान पर हैं. काली नदी, रामगंगा, सरयू और गोरी नदी का जल स्तर सामान्य से अधिक है. प्रशासन ने लोगों से नदी नालों के किनारे न जानें और सुरक्षा का ध्यान रखने की अपील की है. मंगलवार को दिन भर बारिश होने से लोगों का जनजीवन अस्त व्यस्त रहा. बाजारों में भी सुनसानी छाई रही.

पिथौरागढ़ डीएम आशीष भटगांई ने मंगलवार को आपदा नियंत्रण कक्ष का निरीक्षण किया और सभी तहसीलों में बारिश की स्थिति की जानकारी ली. डीएम ने अधिकारियों को बंद सड़कों को तत्काल खोलने के निर्देश दिए गए.

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