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यूपी में रोजगार की बहार; इन 5 मंडलों में लगेंगे 'मेगा जॉब फेयर', एक लाख युवाओं को नौकरी, शामिल होंगी 100 कंपनियां

9 जनवरी से 6 फरवरी तक चलेगा रोजगार मेला, शुरुआत लखनऊ, कानपुर, आयोध्या और बरेली से.

यूपी में रोजगार की बहार
यूपी में रोजगार की बहार (Photo Credit; ETV Bharat)
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By ETV Bharat Uttar Pradesh Team

Published : January 6, 2026 at 10:40 AM IST

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लखनऊ: ​मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने का सबसे बड़ा माध्यम बनकर उभरा है. वर्ष 2026 की शुरुआत के साथ ही योगी सरकार ने प्रदेश के युवाओं के लिए खुशियों का पिटारा खोल दिया है. इस माह प्रदेश के 5 जनपदों में मंडल स्तरीय वृहद रोजगार मेलों का आयोजन किया जाएगा, जिसके माध्यम से एक लाख युवाओं को सीधे निजी क्षेत्र की कंपनियों में रोजगार दिलाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा गया है. ये रोजगार मेला 9 जनवरी से 6 फरवरी तक लगेगा. शुरुआत लखनऊ, कानपुर, अयोध्या और बरेली से होगी.

किस दिन कहां लगेगा रोजगार मेला

  • 9 जनवरी - लखनऊ, कानपुर, आयोध्या, बरेली.
  • 16 जनवरी- मुजफ्फरनगर मेरठ, सहारनपुर, अलीगढ़, मुरादाबाद.
  • 23 जनवरी- झांसी, चित्रकूट आगरा.
  • 30 जनवरी गोरखपुर, बस्ती देवी पाटन, आजमगढ़.
  • 6 फरवरी- वाराणसी, मिर्जापुर, प्रयागराज.

हर मेले में 100 कंपनियां और 20 हजार नौकरियां: ​व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार कपिल देव अग्रवाल ने बताया कि इन मेलों की रूपरेखा उद्योगों की जरूरतों के हिसाब से तैयार की गई है. प्रत्येक मेले में औसतन 100 प्रतिष्ठित कंपनियां शामिल होंगी. हर मंडल स्तर के मेले से करीब 20 हजार युवाओं को मौके पर ही नियुक्ति पत्र दिलाने का प्रयास होगा. सरकार का उद्देश्य पलायन रोकना और युवाओं को उनके घर के पास ही काम उपलब्ध कराना है.

रिकॉर्ड उपलब्धियां, 2017 से अब तक का सफर: ​योगी सरकार की रोजगारपरक नीतियों के कारण पिछले कुछ वर्षों में सेवायोजन के आंकड़ों में भारी उछाल आया है. 2017-18 से अब तक 186 बड़े रोजगार मेलों के जरिए 4.32 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार मिला है. दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना के तहत 1,624 मेलों के माध्यम से 2.26 लाख ग्रामीण युवाओं को नौकरियों से जोड़ा गया. कोविड काल के दौरान भी सरकार ने ऑनलाइन मेलों के जरिए 10,000 से अधिक युवाओं को रोजगार दिलाया.

कौशल प्रशिक्षण और उद्योग का समन्वय: ​सरकार अब कौशल प्रशिक्षण को सीधे उद्योगों की मांग के अनुरूप ढाल रही है. विश्व युवा कौशल दिवस पर भी प्रदेश के 74 जनपदों में 21,000 युवाओं का सफल सेवायोजन कर एक रिकॉर्ड कायम किया गया है. उत्तर प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बनाने की दिशा में युवाओं का यह कौशल विकास और रोजगार सृजन एक मजबूत आधार माना जा रहा है. बता दें कि योगी सरकार 2017 से अब तक सरकार 6 लाख से अधिक युवाओं को विभिन्न रोजगार मेलों के जरिए निजी क्षेत्र में नौकरी दिला चुकी है.

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