अर्धकुंभ मेले को लेकर साधु संतों के साथ चर्चा, अमृत स्नान, पेशवाई और भूमि आवंटन को लेकर मांगे सुझाव
हरिद्वार में अर्धकुंभ मेले को लेकर मेलाधिकारी सोनिका ने साधु संतों की बैठक बुलाई.

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : February 26, 2026 at 8:24 AM IST
हरिद्वार: अर्धकुंभ मेले की तैयारियों को लेकर बुधवार को मेला नियंत्रण भवन में मेला प्रशासन की ओर से बैठक आयोजित की गई. बैठक में सभी 13 अखाड़ों के साधु संतों को आमंत्रित किया गया था, लेकिन केवल पांच अखाड़ों के प्रतिनिधियों ने ही बैठक में सहभागिता की. बैठक में मेला प्रशासन के अधिकारियों ने साधु-संतों के साथ आगामी अर्धकुंभ मेले को सकुशल और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने को लेकर चर्चा की. अधिकारियों ने पीपीटी के माध्यम से अर्धकुंभ के दौरान छावनियों, धर्मध्वजा, पेशवाई और भूमि आवंटन से जुड़ी जानकारियां साझा की. इसके अलावा निर्माण कार्यों, आधारभूत सुविधाओं, यातायात प्रबंधन, पार्किंग, बिजली पानी की व्यवस्था, स्वच्छता और सुरक्षा इंतजामों की योजनाओं से भी अवगत कराया.
अधिकारियों ने बताया कि मेले को दिव्य और भव्य बनाने के साथ साथ श्रद्धालुओं की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी. इसके लिए विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर कार्ययोजना तैयार की जा रही है. बैठक में मौजूद संतों से सुझाव भी मांगे गए. सभी संतों ने भी अपने सुझाव रखे और समयबद्ध तरीके से निर्माण कार्य पूर्ण करने पर जोर दिया. उन्होंने अखाड़ों की पारंपरिक व्यवस्थाओं, शाही स्नान की तैयारियों और साधु संतों की सुविधाओं को प्राथमिकता देने की बात कही. मेला प्रशासन ने आश्वस्त किया कि संत समाज के सुझावों को योजना में शामिल कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी, ताकि वर्ष 2027 का अर्द्धकुंभ मेला सुव्यवस्थित और सफलतापूर्वक आयोजित हो सके.
अखाड़ा परिषद के महामंत्री एवं जूना अखाड़े के अंतरराष्ट्रीय संरक्षक श्रीमहंत हरि गिरि महाराज ने बताया कि कुंभ मेले को लेकर मेलाधिकारी की अध्यक्षता में अच्छे वातावरण में बैठक हुई है. मेले को दिव्य और भव्य बनाने को लेकर चर्चा की गई है. उन्होंने बताया कि पूर्व की भांति हरिद्वार में भी सुरक्षित कुंभ मेले का आयोजन होगा. होलाष्टक लगने के कारण सभी अखाड़ों के साधु संत बैठक में नहीं आ पाए. नवरात्र के पश्चात फिर से बैठक होगी, जिसमें सभी अखाड़ों के साधु संतों की उपस्थिति नजर आएगी.

अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष एवं निरंजनी अखाड़े के सचिव श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज ने कहा कि पीएम मोदी और सीएम पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में हरिद्वार में भव्य कुंभ का आयोजन होगा. कुंभ मेले में साधु संतों की मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराने को लेकर अधिकारियों से चर्चा हुई है. सभी साधु संत मुख्यमंत्री के दिव्य भव्य कुंभ के विजन को साकार करेंगे. हरिद्वार कुंभ में प्रयागराज, उज्जैन और नासिक की तर्ज पर धर्मध्वजा, पेशवाई और अमृत स्नान होंगे. उन्होंने बताया कि सभी साधु संत कुंभ मेले के आयोजन को लेकर एक हैं. जितने भी संत बैठक में शामिल नहीं हुए, वो अगली बैठक में शामिल होंगे.

मेलाधिकारी सोनिका ने बताया कि कुंभ मेले में अमृत स्नान, पेशवाई और भूमि आवंटन को लेकर साधु संतों से चर्चा हुई है. साधु संतों के सभी सुझावों को कुंभ मेले में शामिल किया जाएगा. बैठक से पूर्व सभी अखाड़ों के साधु संतों को सूचना दी गई थी, लेकिन होली के त्यौहार के कारण कई साधु संत उपस्थित नहीं हो सके. अगली बैठक में सभी साधु संतों को आमंत्रित किया जाएगा.
कुंभ मेला 2027 से पहले साधु संतों के अखाड़ों में गुटबाजी नजर आई है. बुधवार को हरिद्वार के मेला नियंत्रण भवन में मेला प्रशासन ने कुंभ को मेले की तैयारी को लेकर सभी 13 अखाड़ों के प्रतिनिधियों को बैठक के लिए बुलावा भेजा था. हालांकि इस बैठक में महज 5 संन्यासी अखाड़ों के संत ही शामिल हुए, जबकि महानिर्वाणी अखाड़े के अलावा निर्मल, बैरागी और उदासीन अखाड़ों के साधु संत बैठक में नहीं पहुंचे. गौरतलब है कि प्रयागराज कुंभ मेले में अखाड़ा परिषद की गुटबाजी खुलकर सामने आई थी. जिसमें अखाड़ा परिषद निरंजनी गुट और महानिर्वाणी गुट में दो फाड़ हो गया था. हालांकि मीडिया से बात करते हुए साधु संतों ने सभी 13 अखाड़ों में एकजुटता का दावा किया और कहा कि अगली बैठक में सभी अखाड़ों के प्रतिनिधि शामिल होंगे.
पढे़ं-

