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मेरठ के 1 लाख के इनामी उधम सिंह की गिरफ्तारी पर रोक, हाईकोर्ट में 17 जुलाई तक पुलिस को देना होगा जवाब, क्राइम कुंडली खंगाल रही

यूपी सरकार समेत मेरठ के एसएसपी, सरूरपुर थाना पुलिस को मिली है नोटिस.

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मेरठ पुलिस की तरफ से एक लाख के इनाम घोषित उधम सिंह के मामले में हाईकोर्ट में 17 जुलाई को जवाब देगी खाकी (Photo Credit; ETV Bharat)
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By ETV Bharat Uttar Pradesh Team

Published : July 6, 2026 at 12:52 PM IST

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मेरठ: वांटेड उधम सिंह की गिरफ्तारी पर हाईकोर्ट की रोक को लेकर मेरठ पुलिस अब इस मामले में जवाब तैयार करने में लगी हुई है. हाईकोर्ट ने मेरठ पुलिस से 17 जुलाई तक जवाब मांगा है. पुलिस ने वांटेड उधम सिंह के मामले में काफी तेजी भी दिखाई थी, जहां उस पर पहले 25 हजार रूपये का इनाम घोषित किया गया था. कुछ ही दिन बाद फिर इनाम की राशि 50 हजार कर दी गई और उसके ठीक 1 महीने पहले 5 जून को उधम पर एडीजी मेरठ जोन ने 1 लाख का इनाम घोषित कर दिया था.


कोर्ट ने किया नोटिस जारी: अब इस मामले में नया मोड़ उस वक्त आ गया जब हाईकोर्ट ने इस मामले में उसकी गिरफ्तारी पर ही रोक लगा दी. इस पूरे मामले में मेरठ पुलिस अब विधिक राय ले रही है. उधम सिंह के गुनाहों का हिसाब और लेखा जोखा एकत्र किया जा रहा है. बता दें कि बीते दिनों हाईकोर्ट ने इस मामले में यूपी सरकार समेत मेरठ के एसएसपी, सरूरपुर थाना पुलिस और अन्य के खिलाफ नोटिस जारी करके इस मामले में 17 जुलाई को जवाब दाखिल करने के लिए कहा था.


इस बारे में वरिष्ठ अधिवक्ता और मेरठ बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष गजेंद्र धामा कहते हैं कि यदि कोर्ट में मेरठ पुलिस मजबूती से पक्ष नहीं रख सकी, तो उधम सिंह पर दर्ज FIR भी खारिज हो सकती है. वहीं पुलिस को अंदेशा ये भी है कि कोर्ट उधम सिंह पर घोषित इनाम की राशि को लेकर भी निर्णय ले सकती है.


यूपी का घोषित अपराधी माफिया: मेरठ पुलिस के मुताबिक उधम सिंह यूपी का घोषित अपराधी माफिया है जो कि सरूरपुर थानाक्षेत्र के करनावल गांव का रहने वाला है, बीते 4 साल से जेल में था 26 मार्च को उधम सिंह को उन्नाव जेल से रिहाई मिली थी और फिर उसके बाद वह अंडरग्राउंड हो गया. उसको लेकर कई बार ऐसी भी अफवाह उड़ी थी वह नेपाल या फिर किसी अन्य देश चला गया है. पुलिस भी जमानत पर रिहा होने के बाद से उसकी खोज रही थी. उसके जमानतियों की भी जांच पड़ताल में लगी हुई है.



हाईकोर्ट ने उधम सिंह की गिरफ्तारी पर लगाई रोक: वहीं, पुलिस के मुताबिक जमानत पर सलाखों के बाहर आए उधम सिंह की जमानत अनवर निवासी जसड़ सरूरपुर मेरठ और बागपत के छपरौली निवासी राहुल के दस्तावेज लगाए गए थे, उन्होंने कभी जमानत नहीं ली. उधम सिंह के अधिवक्ता चौधरी अमरपाल सिंह भट्टल का कहना है कि हाईकोर्ट में सरूरपुर पुलिस की FIR को चैलेंज किया गया था. जिस पर हाईकोर्ट ने इस मामले में उधम सिंह की गिरफ्तारी पर रोक लगाने के साथ ही 17 जुलाई को जवाब मांगा है.

इस मामले में मेरठ पुलिस की तरफ से एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले का कहना है कि मामला उच्च अधिकारियों के संज्ञान में है, 17 जुलाई को हाईकोर्ट में जवाब दिया जाएगा. तमाम बिंदुओं पर गहनता से पड़ताल की जा रही है.


70 से ज्यादा अपराधों का रिकॉर्ड: पुलिस की मानें तो वांटेड उधम सिंह पर वेस्टर्न यूपी के लगभग 6 जिलों में 70 से ज्यादा आपराधिक वारदातों को अंजाम देने के मामले दर्ज हैं. जिनमें हत्या, लूट, डकैती और अपहरण जैसे गंभीर मामले भी दर्ज हैं. उधम सिंह देश में है या देश के बाहर है इसकी कोई जानकारी पुलिस को नहीं है. उधम सिंह पर गुंडा एक्ट समेत राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत भी पूर्व में कार्रवाई हो चुकी है.

सन् 2021 में मेरठ के सरूरपुर थाने में तत्कालीन थाना प्रभारी दिनेश प्रताप सिंह ने उधम सिंह के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट में केस दर्ज किया था. कोर्ट ने भी तब उधम को दोषी पाया था. उस वक्त उस पर सजा के साथ ही 20 हजार रूपये का जुर्माना भी लगाया गया था. उधम सिंह के खिलाफ इसी साल जनवरी महीने में न्यायालय स्पेशल जज गैंगस्टर एक्ट की न्यायाधीश अपर्णा पाण्डेय ने उधम सिंह को गैंगस्टर एक्ट में दोषी पाया था और 4 साल के सश्रम कारावास और 20 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा तब सुनाई गई थी.

फिलहाल उस पर गलत तरीके से जमानत लिए जाने के मामले में ईनाम की राशि बढाई गई थी. जनवरी महीने में ही एक मामले में आवश्यक 2 साल की सजा भी सुनाई गई थी.


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