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NAMO BHARAT METRO से मुसाफिर मस्त, मगर रोजाना 10 लाख के नुक़सान से रोडवेज़ पस्त

मेरठ में मेट्रो और नमो भारत ट्रेनों के संचालन से कॉमनमैन, कारोबारी, युवाओं समेत हर वर्ग को काफी सहूलियत हो रही है.

मेरठ परिक्षेत्र में रोडवेज को नुकसान.
मेरठ परिक्षेत्र में रोडवेज को नुकसान. (Photo Credit : ETV Bharat)
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By ETV Bharat Uttar Pradesh Team

Published : February 27, 2026 at 1:12 PM IST

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Updated : February 27, 2026 at 4:30 PM IST

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मेरठ : नमो भारत और मेरठ मेट्रो के संचालन से मेरठ और आसपास के जिलों से दिल्ली के लिए आवाजाही आसान हो गई है. साथ ही हाईवे और लिंक सड़कों से जाम की समस्या भी दूर हो गई है. नमो भारत और मेट्रो के संचालन से सड़कों पर वाहनों को दबाव कम होने से प्रदूषण स्तर में भी गिरावट आने की उम्मीद है. हालांकि नमो भारत और मेट्रो के गठजोड़ से रोडवेज को राजस्व के नुकसान की आशंका सता रही है. पढ़ें ईटीवी भारत की खास खबर...

NAMO BHARAT और METRO से रोडवेज को नुकसान. देखें पूरी खबर (Video Credit : ETV Bharat)

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से सटे मेरठ में मेट्रो दौड़ने लगी है. नमो भारत 82 किलोमीटर के कॉरिडोर पर संचालित हो रही है. नमो भारत और मेट्रो के संचालन के बाद मेरठ की सड़कों पर वाहनों की संख्या में परिवर्तन शहरवासी महसूस कर रहे हैं. दिनभर जाम के झाम से जूझने वाले मेरठ सिटी की सड़कों पर वाहनों का दवाब कम हो गया है. मेरठ के शिव प्रकाश बताते हैं कि जब पहले दिल्ली जाते थे तो एक घंटा मेरठ पार करने में ही लग जाता था. अब 50 मिनट में 82 किलोमीटर का सफर पूरा हो जाता है. मेरठ से सरायकाले खां पहुंचने में एक घंटे से भी कम समय लग रहा है. यह बड़ा बदलाव है, इससे सड़कों पर न सिर्फ ट्रैफिक नियंत्रित होगा. प्रदूषण स्तर में भी कमी निश्चित ही आएगी.

मेरठ में मेट्रो और नमो भारत का संचालन.
मेरठ में मेट्रो और नमो भारत का संचालन. (Photo Credit : ETV Bharat)


सुरक्षित यात्रा के साथ बढ़ा आत्मविश्वास : शिवम कनौजिया बताते हैं कि जब पहले दिल्ली जाते थे तो 3 घंटे लगते थे. अब दिल्ली यूनिवर्सिटी तक पहुंचने में मिनटों लगते हैं. नमो भारत और मेट्रो से सफर में बड़ी राहत ये भी है कि अब कपड़े गंदे होने का टेंशन नहीं रहता है. जिससे आत्मविश्वास में कमी आना स्वाभाविक था. मेरठ निवासी विजय यादव कहते हैं कि पहले दिनभर शहर जाम के झाम से जूझता था. खासतौर से दिल्ली रोड और उसके आसपास के क्षेत्र से गुजरना ही दूभर था. अब नमो भारत और मेट्रो चलने से सड़कों पर वाहनों में निश्चित ही कमी आएगी और इसका असर भी दिखने लगा है.

मेरठ में मेट्रो संचालन का दायरा बढ़ा.
मेरठ में मेट्रो संचालन का दायरा बढ़ा. (Photo Credit : ETV Bharat)



नमो भारत का किराया कम होना चाहिए : चौधरी प्रहलाद कहते हैं कि नमो भारत और मेट्रो का संचालन बेहत अच्छा है. हालांकि आम आदमी के लिए किराया ज्यादा है. किराया कम होना चाहिए. वरिष्ठ पत्रकार अनुज कौशिक कहते हैं कि अब धीरे-धीरे मेरठ में भी दिल्ली की तरह ही डेवलपमेंट और बदलाव दिखेगा. प्रॉपर्टी के दाम भी बढ़ेंगे. युवा अफजाल कहते हैं कि पहले दिल्ली से मेरठ की आवाजाही में दिन खत्म हो जाता था. यहां के व्यापार को बड़ा लाभ होने वाला है. साथ ही सुरक्षा भी महत्वपूर्ण फैक्टर है.

मेरठ में मेट्रो संचालन का दायरा बढ़ा.
मेरठ में मेट्रो संचालन का दायरा बढ़ा. (Photo Credit : ETV Bharat)



युवाओं के लिए उपयोगी और आसान हुआ सफर : युवा पत्रकार प्रदीप मावी कहते हैं कि सिर्फ मेरठ के ही लोगों को नहीं, इससे मुजफ्फरनगर तक के लोगों को भी बहुत फायदा होगा जो बच्चे पढ़ने जाते थे. आसानी से समय से शिक्षण संस्थाओं में पहुंच रहे हैं. ट्रैफिक और प्रदूषण में कमी देखी जा सकती है.

मेरठ में मेट्रो संचालन का दायरा बढ़ा.
मेरठ में मेट्रो संचालन का दायरा बढ़ा. (Photo Credit : ETV Bharat)

रोडवेज को हर दिन औसतन 10 लाख रुपये के राजस्व का नुकसान

यूपीएसआरटीसी के मेरठ क्षेत्र के क्षेत्रीय प्रबंधक संदीप नायक बताते हैं कि बड़ा प्रभाव तो परिवहन निगम पर उस वक्त पड़ गया था, जब मेरठ दक्षिण तक नमो भारत ट्रेन का संचालन दिल्ली की ओर होने लगा था. अब क्योंकि मोदीपुरम से सराय काले खां तक नमो भारत का संचालन हो रहा है. ऐसे में इसका निश्चित ही बड़ा असर परिवहन निगम पर भी पढ़ रहा है.

क्षेत्रीय प्रबंधक संदीप नायक बताते हैं कि क्योंकि इस वक्त रमजान है. ऐसे में यात्रियों की संख्या स्वाभाविक तौर पर भी घट जाती है. इसलिए अभी पूरी तरह से तो आकलन नहीं किया जा सकता, लेकिन यह तो निश्चित है कि शहर से नमो भारत चलने के बाद लगभग 10 लाख रुपये राजस्व का प्रतिदिन का नुकसान रोडवेज को होना तय है. 10 से 20 प्रतिशत रोडवेज के यात्री कम होते दिख रहे हैं.



नुकसान की भरपाई को लेकर कर ली गई थी प्लानिंग : क्षेत्रीय प्रबंधक संदीप नायक कहते हैं कि वे ये भी मानते हैं कि जो रोडवेज दिल्ली से मेरठ के बीच में चलती थी, वह जाम में भी काफी फंसी रहती थीं. ऐसे में प्रयास कर रहे हैं कि अब यात्री नमो भारत से मेरठ तक अगर अधिक संख्या में आएंगे तो उन्हें आगे उनके गंतव्य तक पहुंचाने के रोडवेज की तरफ से बसों की उपलब्धता कराई जाएगी. रोडवेज बसों को अब हाईवे पर संचालित करके समय का सदुपयोग करके और बसों को संचालित कर पाएंगे. बहरहाल कॉमनमैन को बड़ी राहत मिली है. ऐसे में प्रदूषण में भी कमी आएगी ये भी माना जा रहा है.



प्रत्येक टिकट पर पा सकते हैं लॉयल्टी पॉइंट्स : नमो भारत ट्रेन और मेरठ मेट्रो में सफर करते समय एनसीएमसी कार्ड या नमो भारत कनेक्ट ऐप का इस्तेमाल किया जा सकता है. कार्ड से यात्रा करने पर लॉयल्टी पॉइंट्स भी मिलते हैं. एनसीआरटीसी के द्वारा संचालित लॉयल्टी प्रोग्राम के तहत नमो भारत और मेरठ मेट्रो के यात्री नमो भारत कनेक्ट ऐप के माध्यम से डिजिटल क्यूआर टिकट जनरेट कर सकते हैं, या नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड (NCMC) का उपयोग करके अपनी प्रत्येक यात्रा पर लॉयल्टी पॉइंट्स पाते हैं, लॉयल्टी पॉइंट्स रिडीम कर मुफ़्त यात्रा का लाभ उठा सकते हैं.


इसी प्रकार एनसीएमसी या नमो भारत कनेक्ट ऐप से यात्रा पर खर्च किए गए प्रत्येक 1 पर 1 लॉयल्टी पॉइंट इकट्ठा होता है. प्रत्येक पॉइंट का मूल्य 10 पैसे है. न्यूनतम 300 लॉयल्टी पॉइंट्स इकट्ठा होने पर यात्री उन्हें रिडीम कर निःशुल्क यात्रा का आनंद ले सकता है. अगर कोई यात्री अपनी यात्रा पर 100 रुपये खर्च करता है तो उसे 10 के बराबर 100 पॉइंट मिलते हैं जो उसके एनसीएमसी खाते में जुड़ जाते हैं. यदि यात्री पांच-ट्रिप पास रिडीम करते हैं तो सभी पांचों यात्राओं का उपयोग निर्धारित 7 दिनों की अवधि के भीतर करना आवश्यक है. एनसीएमसी कार्ड उपयोग करने वाले यात्री टिकट वेंडिंग मशीन (टीवीएम), टिकट रीडर या टिकट काउंटर पर अपने जमा लॉयल्टी पॉइंट्स की जानकारी भी यात्री पा सकते हैं. वाई फाई की सुविधा भी उपलब्ध रहती है. जिससे आसानी से डिजिटली पेमेंट करके टिकट पा सकते हैं.






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Last Updated : February 27, 2026 at 4:30 PM IST