मेरठ में मनचले ने सरेराह मां-बेटी को बेरहमी से पीटा, मदद के नाम पर यूपी पुलिस ने झाड़ा पल्ला
लहूलुहान मां-बेटी को छोड़ आगे बढ़ गई यूपी पुलिस!

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : July 8, 2026 at 1:49 PM IST
मेरठ: कंकरखेड़ा थाना इलाके में दिल्ली-देहरादून हाईवे पर एकतरफा प्यार में पागल सिरफिरे ने बीच सड़क पर मां और बेटी पर डंडों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया. हैरानी की बात ये है कि, पीड़ित ने जब पुलिस से मदद मांगी तो पुलिसवालों ने मुंह फेर लिया.
शादी से इनकार करने पर की पिटाई: डबका गांव की रहने वाली एक महिला अपनी बेटी के साथ हाईवे स्थित 'साहिल सेल परचेज' कॉम्प्लेक्स में काम करती है. हमेशा की तरह आज भी दोनों काम करने पहुंची. उसी दौरान पहले से मौजूद परीक्षितगढ़ निवासी आरोपी रिंकू ने शादी करने की बात कही, और इनकार करने पर डंडों से हमला कर दिया. वारदात के बाद आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से फरार हो गया.
एकतरफा विवाद और शादी से इनकार करने पर मां-बेटी के साथ मारपीट का मामला सामने आया है. पीड़िता की तहरीर पर आरोपी रिंकू के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है. पुलिस की टीमें आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही हैं. उसे जल्द ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा.- जितेंद्र सिंह, थाना प्रभारी
पुलिस का मदद से इनकार: हमले में युवती का सिर फटने से वह लहूलुहान हो गई, और उसकी मां भी गंभीर रूप से घायल हो गई. हद तो तब हो गई जब मदद के लिए पहुंची 'डायल 112' की पीआरवी गाड़ी ने घायलों को अस्पताल ले जाने से मना कर दिया. पुलिसकर्मियों ने संवेदनहीनता की हद पार करते हुए कहा कि, गाड़ी में पहले से चार लोग बैठे हैं, जगह नहीं है. इसके बाद घायल मां-बेटी सड़क किनारे तड़पती और रोती रहीं.
पुलिस के रवैये पर उठे सवाल: मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत 'यूपी 112' को कॉल कर सूचना दी. मौके पर पीआरवी-552 गाड़ी पहुंची, जिसमें दो महिला पुलिसकर्मियों समेत चार स्टाफ तैनात थे. पीड़ितों और प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने गाड़ी से नीचे उतरना तक मुनासिब नहीं समझा. वे करीब आधे घंटे तक सड़क पर तड़प रही मां-बेटी से सिर्फ नाम-पता नोट करते रहे.
जहां तक डायल 112 पीआरवी के पुलिसकर्मियों की लापरवाही का सवाल है, तो इस मामले की भी आंतरिक जांच की जा रही है. जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी.- जितेंद्र सिंह, थाना प्रभारी
हाईवे पुलिस चौकी ने की मदद: इसी बीच हाईवे पुलिस चौकी पर तैनात कांस्टेबल विकास दहिया, अशोक नायक और फारुख को मामले की भनक लगी. उन्होंने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तुरंत तत्परता दिखाई. तीनों पुलिसकर्मियों ने मौके पर पहुंचकर तुरंत एक ई-रिक्शा की व्यवस्था की और घायल मां-बेटी को इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल पहुंचाया.
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