मेरठ के मतीन बने हिंदू-मुस्लिम एकता के मिसाल, रमजान में बेच रहे रंग और गुलाल
कोतवाली क्षेत्र स्थित बुढ़ाना गेट पर रंग और गुलाल की दुकान पर सांप्रदायिक सौहार्द की झलक.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : March 1, 2026 at 2:07 PM IST
मेरठ : रंगों के त्योहार होली की खरीदारी के लिए बाजार में अनोखी रंगत है. बाजार में रंग-गुलाल की दुकानें सजी हैं. वहीं पकवानों की महक भी लोगों को लुभा रही है. हर कोई अपनी जरूरत और पसंद के सामान की खरीदारी के लिए दुकानों पर पहुंच रहे हैं. इस बीच मेरठ कोतवाली क्षेत्र स्थित बुढ़ाना गेट पर रंग और गुलाल की दुकान लगाए मतीन सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल पेश कर रहे हैं.
मतीन कोई नए व्यापारी नहीं हैं. उनकी परिवार रंग-गुलाल और पिचकारी पीढ़ियों से बेचता रहा है. मतीन बताते हैं कि उनके दादा-परदादा त्योहारों में खुशियां बांटने के लिए काम करते थे. होली पर रंग-पिचकारी और दिवाली पर रंगोली के रंग बेचते थे. ऐसे में यह उनके लिए सिर्फ व्यापार नहीं, बल्कि एक परंपरा है. मतीन कहते हैं कि मजहब अपनी जगह है और इंसानियत अपनी जगह. होली आपसी भाईचारे और गले मिलने पर त्यौहार है.

रमजान के उपवास के बीच व्यापार : आजकल रमजान का महीना चल रहा है. इसके बावजूद मतीन कड़ी धूप में दुकान भी संभालते हैं. दिनभर रोजा रखने के बावजूद उनके उत्साह में कोई कमी नहीं है. दुकान पर आने वाले ग्राहकों को पूरी शिद्दत के साथ डील करते हैं. मतीन का कहना है कि राजनीति करने वाले लोग चाहे जो कहें, लेकिन मेरठ की जनता हमेशा एक-दूसरे के त्योहारों को मिलकर मनाती आई है.
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