फरीदाबाद के बीके सिविल अस्पताल का हार्ट सेंटर फिर हुआ बंद, महंगी चिकित्सा मशीनें बाहर ले जाने पर शुरू हुआ विवाद
बीके सिविल अस्पताल फरीदाबाद में मेडिट्रिना हार्ट सेंटर के बंद होने के बाद विवाद बढ़ता जा रहा है.

Published : August 25, 2026 at 5:42 PM IST
फरीदाबादः बीके सिविल अस्पताल फरीदाबाद में पीपीपी मोड पर चल रहा मेडिट्रिना ग्रुप का हार्ट सेंटर एक बार फिर बंद हो गया है. सेंटर बंद होने के बाद वहां रखी महंगी चिकित्सा मशीनों और अन्य उपकरणों को बाहर ले जाने की कोशिश को लेकर विवाद खड़ा हो गया. सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने पुलिस को मौके पर बुलाया और सामान से लदे दो ट्रकों को अस्पताल परिसर से बाहर जाने से रोक दिया.
पुलिस के पास पहुंचा मामलाः हार्ट सेंटर में रखी चिकित्सा मशीनों और अन्य उपकरणों को दो ट्रकों में भरकर बाहर ले जाया जा रहा था. इसकी जानकारी मिलने पर वकील संजय गुप्ता मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी. शिकायतकर्ता का आरोप है कि "करोड़ों रुपये की कीमत वाले उपकरण बिना विभागीय अनुमति के अस्पताल से बाहर ले जाए जा रहे थे."
मेडिट्रिना का पक्षः वहीं मेडिट्रिना से जुड़े कर्मचारी मनजीत का कहना है कि "कंपनी का करीब 8 करोड़ 30 लाख रुपये का भुगतान लंबे समय से लंबित है." उनका दावा है कि "इस संबंध में 21 जुलाई को सीएमओ, डीजीएचएस और अन्य अधिकारियों को पत्र भेजा गया था. मनजीत के मुताबिक भुगतान को लेकर विभाग के साथ कई दौर की बैठकें हो चुकी हैं, लेकिन अभी तक समस्या का समाधान नहीं हुआ है."
क्या बोले सिविल सर्जनः हालांकि, सिविल सर्जन डॉ. जयंत आहूजा ने कंपनी के 8 करोड़ 30 लाख रुपये के भुगतान लंबित होने के दावे को खारिज किया है. उन्होंने कहा कि "विभागीय रिकॉर्ड के अनुसार कोई बिल लंबित नहीं है और प्राप्त बिलों का भुगतान किया जा चुका है."
सीएस ने वरीय अधिकारियों को दी जानकारीः डॉ. आहूजा ने आगे बताया कि अनुबंध की शर्तों के तहत अस्पताल में रखे सामान और उपकरणों को इस तरह बाहर नहीं ले जाया जा सकता. मामले की जानकारी उच्च अधिकारियों को भेज दी गई है. अब जांच के बाद अधिकारियों के निर्देशों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.

