भिवाड़ी में बिना लाइसेंस दवा कारोबार पर कार्रवाई, 4 करोड़ की दवाइयां और दवा बनाने का सामान जब्त
भिवाड़ी के बिना लाइसेंस चल रहे गोदाम पर कार्रवाई कर करीब 1500 कार्टन दवाइयां और अन्य सामान जब्त किया गया.

Published : September 1, 2026 at 8:51 PM IST
जयपुर: चिकित्सा विभाग ने बिना लाइसेंस बेची जा रही दवा से जुड़ी बड़ी कार्रवाई की है. विभाग ने भिवाड़ी में एक गोदाम पर कार्रवाई करते हुए करीब 4 करोड़ की दवाइयां और दवा बनाने का सामान जब्त किया. दवाइयों की गुणवत्ता जांच के लिए 9 सैंपल भी लिए गए हैं.
प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य गायत्री राठौड़ ने बताया कि औषधि नियंत्रण की टीम ने भिवाड़ी में बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 4 करोड़ रुपए की दवाइयां और दवा बनाने में इस्तेमाल होने वाला सामान जब्त किया है. विभाग को मिली गोपनीय सूचना के आधार पर आयुक्तालय मुख्यालय जयपुर, अलवर और दौसा के अधिकारियों की संयुक्त टीम ने स्ट्रेन हेल्थ केयर, भिवाड़ी के बिना लाइसेंस चल रहे गोदाम पर कार्रवाई की. यहां से करीब 1500 कार्टन दवाइयां और अन्य सामान जब्त किया गया. उन्होंने बताया कि दवाइयों की गुणवत्ता जांच के लिए 9 सैंपल लिए गए हैं. इसके अलावा गोदाम से दवा बनाने में इस्तेमाल होने वाला कच्चा माल, जिसमें टेपेंटाडॉल, प्रेगबालिन और कोट्रीमोक्साजोल आदि शामिल हैं, पैकिंग का सामान और दवा बनाने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण भी जब्त किए गए. मौके से एक्सपायर्ड सिल्डेनाफिल की गोलियां भी मिलीं.
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ये दवाइयां मिलीं: जांच के दौरान अलग-अलग कंपनियों की कई तरह की दवाइयां मिलीं. इनमें कंडोर हेल्थकेयर, लालरू (पंजाब) द्वारा निर्मित टेबलेट मेडिक्ब-55 (डायक्लोफेनेक सोडियम 50 एमजी) एवं टेबलेट एरिक्वा, ओपल हेल्थकेयर, करनाल (हरियाणा) द्वारा निर्मित टेबलेट चका पैन एक्सट्रा, टेबलेट लेडीनेक्स एवं टेबलेट हाइग्रा 200, एलेक्सा फार्मास्युटिकल्स, बड्डी, डिस्ट्रिक्ट सोलन (हिमाचल प्रदेश) द्वारा निर्मित टेबलेट पिलप्रोफॉक्सेसिन-500 तथा यूनिशार्प ऑर्गेनिक्स प्राइवेट लिमिटेड, लालरू, एसएएस नगर (मोहाली), पंजाब द्वारा निर्मित टेबलेट ऑक्सीपर प्लस सहित अन्य दवाइयां जब्त की गईं. ये दवाइयां स्ट्रेन हेल्थ केयर, भिवाड़ी द्वारा बाजार में बेची जा रही थीं. राठौड़ ने कहा कि लोगों की सेहत से जुड़े मामले में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. दवाइयों की गुणवत्ता और उनकी सही तरीके से बिक्री सुनिश्चित करने के लिए बिना लाइसेंस दवा रखने, बनाने या बेचने वालों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी.
तीन राज्यों को अलर्ट: औषधि नियंत्रण आयुक्त अविचल चतुर्वेदी ने बताया कि कार्रवाई के दौरान जिन कंपनियों की दवाइयां मिली हैं, उनके संबंध में पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश के औषधि प्रशासन को जानकारी दी गई है, ताकि वहां भी संबंधित कंपनियों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जा सके. आगे की जांच के लिए संबंधित राज्यों में औषधि नियंत्रण अधिकारियों की टीम भेजी गई है. यह कार्रवाई औषधि नियंत्रक अजय फाटक के निर्देशन में सुभाष मुटनेजा, सहायक औषधि नियंत्रक, आयुक्तालय मुख्यालय, महेन्द्र जूणवाल, सहायक औषधि नियंत्रक, अलवर, रामकेश मीणा, सहायक औषधि नियंत्रक, दौसा एवं अलवर सहित जयपुर, दौसा एवं भरतपुर के औषधि नियंत्रण अधिकारियों की टीम द्वारा की गई.

