ऑपरेशन के बाद महिला की मौत, निजी अस्पताल पर गंभीर आरोप, थाने में शिकायत के बाद हेल्थ डिपार्टमेंट ने जब्त किए दस्तावेज
मनेंद्रगढ़ में निजी अस्पताल में ऑपरेशन के बाद महिला की मौत हो गई.परिजनों अस्पताल के खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज कराई है.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : August 20, 2026 at 12:19 PM IST
मनेंद्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर : मनेंद्रगढ़ में नदी पार स्थित चैनपुर के मेट्रो अस्पताल में इलाज के दौरान एक महिला की मौत का मामला सामने आया है. मृतिका के परिजनों ने इसके लिए अस्पताल प्रबंधन को जिम्मेदार माना है. परिजनों ने अस्पताल पर गलत इलाज का आरोप लगाते हुए मनेंद्रगढ़ थाने में शिकायत दर्ज कराई है.शिकायत के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अस्पताल पहुंचकर उपचार से जुड़े दस्तावेज अपने कब्जे में लिए हैं और मामले की जांच शुरू की है.
क्या है मामला ?
ग्राम पंचायत सिरौली निवासी दंपति महिला का इलाज कराने चैनपुर स्थित मेट्रो अस्पताल पहुंचे थे. अस्पताल में डॉक्टरों ने महिला की आवश्यक जांच कराई. परिजनों के अनुसार जांच के बाद डॉक्टरों ने बच्चेदानी में समस्या बताते हुए ऑपरेशन की सलाह दी. ऑपरेशन का खर्च करीब 50 हजार रुपये बताया गया. जिसके बाद महिला के पति ने अस्पताल में तत्काल 25 हजार रुपये जमा किए. इसके बाद महिला का ऑपरेशन किया गया.
ऑपरेशन के बाद बिगड़ी तबीयत
परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के बाद महिला की हालत अचानक बिगड़ने लगी. हालत गंभीर होने पर अस्पताल प्रबंधन की ओर से बताया गया कि अस्पताल में आईसीयू की सुविधा उपलब्ध नहीं है. महिला को तत्काल दूसरे अस्पताल ले जाने की सलाह दी गई.

हम गंभीर हालत में पीड़िता को दूसरे अस्पताल लेकर रवाना हुए. लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई.मौत के बाद हम लोग मनेंद्रगढ़ थाने पहुंचे और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई.हम सभी को न्याय चाहिए - अवसर सिंह, मृतिका का पति
निष्पक्ष जांच की मांग
परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है शिकायत मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम मेट्रो अस्पताल पहुंची और महिला के उपचार से संबंधित दस्तावेज जब्त कर जांच शुरू कर दी. स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.

इस पूरे मामले ने जिले में संचालित निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम की व्यवस्थाओं पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं. सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि अस्पताल में आईसीयू जैसी आपातकालीन सुविधा उपलब्ध नहीं थी तो क्या गंभीर स्थिति की आशंका वाले मरीज का ऑपरेशन किया जाना उचित था.ऑपरेशन से पहले स्वास्थ्य संबंधी जोखिम का पता क्यों नहीं किया गया.
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