तीन दिवसीय पल्स पोलियो अभियान शुरू, रांची में मेयर रोशनी खलखो ने बच्चों को पोलियो की दवा पिलाकर की शुरुआत
रांची में पल्स पोलियो अभियान की मेयर रोशनी खलखो ने शुरुआत की. इस दौरान विधायक सीपी सिंह सहित स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारी मौजूद रहे.

Published : June 28, 2026 at 4:26 PM IST
रांची:राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान का शुभारंभ रविवार 28 जून 2026 को सदर अस्पताल में रांची की महापौर रोशनी खलखो द्वारा किया गया. इस मौके पर रांची विधायक सीपी सिंह, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के झारखंड अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा, रांची के सिविल सर्जन डॉ. प्रभात कुमार, टीकाकरण के राज्य नोडल पदाधिकारी डॉ. विजय किशोर रजक, सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. विमलेश कुमार सिंह, विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रतिनिधि के रूप में डॉ. अमरेंद्र, डीआरसीएचओ डॉ. असीम कुमार मांझी, एसीएमओ डॉ. अमरेंद्र कुमार, DTO डॉ. एस बास्की समेत अन्य पदाधिकारी, चिकित्सक एवं स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे. महापौर रोशनी खलखो, विधायक सीपी सिंह और अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने बच्चों को पल्स पोलियो की खुराक पिलाकर अभियान की औपचारिक शुरुआत की.
कोई भी बच्चा पोलियो की खुराक से न रहे वंचितः सीएस
रांची के सिविल सर्जन डॉ. प्रभात कुमार ने सभी गणमान्य अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि पिछले 14 वर्षों से भारत में पोलियो का एक भी मामला सामने नहीं आया है. इसका श्रेय स्वास्थ्यकर्मियों की निरंतर मेहनत और जनसहभागिता को जाता है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान और अफगानिस्तान जैसे पड़ोसी देशों में अभी भी पोलियो के मामले मिल रहे हैं, इसलिए हमलोगों को भी न सिर्फ सजग रहना होगा, बल्कि सचेत भी रहना होगा. उन्होंने कहा कि समय पर टीकाकरण अत्यंत आवश्यक है. इसलिए सभी अभिभावकों से अपील की कि 0 से 5 वर्ष तक का कोई भी बच्चा पोलियो की खुराक से वंचित न रखे.

मेयर ने की स्वास्थ्यकर्मियों और चिकित्सकों की सराहना
वहीं मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रांची की मेयर रोशनी खलखो ने कहा कि भारत आज पोलियो मुक्त है,लेकिन इस उपलब्धि को बनाए रखने के लिए नियमित टीकाकरण जरूरी है. उन्होंने सभी स्वास्थ्यकर्मियों और चिकित्सकों के समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि उनके अथक प्रयासों से ही देश पोलियो मुक्त बन सका है. उन्होंने बताया कि आज सदर अस्पताल के साथ-साथ गांवों के स्वास्थ्य केंद्रों, आंगनबाड़ी केंद्रों और आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में भी बच्चों को पोलियो की खुराक दी जा रही है, ताकि कोई भी बच्चा छूट न जाए. उन्होंने सदर अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं की भी प्रशंसा करते हुए कहा कि यहां अब बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हैं, जिसका लाभ आमजन को मिल रहा है.
विधायक ने स्वास्थ्यकर्मियों का हौसला बढ़ाया
वहीं पूर्व मंत्री एवं स्थानीय विधायक सीपी सिंह ने कहा कि देश को पोलियो मुक्त बनाने में स्वास्थ्यकर्मियों का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है. उन्होंने सदर अस्पताल की बदलती स्वास्थ्य सेवाओं की सराहना करते हुए कहा कि आज यहां सभी वर्गों के लोगों को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो रही है. उन्होंने कहा कि अस्पताल को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करना चाहिए, ताकि लोगों को बेहतर इलाज के लिए अन्य संस्थानों पर निर्भर न रहना पड़े.

29 और 30 जून को डोर-टू-डोर अभियान
वहीं NHM झारखंड के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने बताया कि वर्ष 1995 से देशभर में पल्स पोलियो अभियान लगातार संचालित किया जा रहा है. इस वर्ष झारखंड में लगभग 61 लाख से अधिक बच्चों को 24,507 बूथों पर पोलियो की खुराक पिलाई जा रही है. उन्होंने बताया कि आज (28 जून) को बूथ दिवस के रूप में मनाया जा रहा है, जबकि 29 एवं 30 जून को स्वास्थ्यकर्मी, सहिया दीदी, आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका घर-घर जाकर छूटे हुए बच्चों को पोलियो की दवा पिलाएंगे. इसके अलावा रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, बाजार एवं अन्य सार्वजनिक स्थलों पर भी विशेष टीमें तैनात की गई हैं. उन्होंने सभी अभिभावकों से अपील की कि वे अपने 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को अवश्य पोलियो की खुराक पिलाएं.

सतर्कता और नियमित टीकाकरण आवश्यक
वहीं राज्य टीकाकरण नोडल पदाधिकारी डॉ. विजय किशोर रजक ने कहा कि राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान पूरे देश में चलाया जा रहा है तथा अभियान का पहला दिन बूथ दिवस के रूप में मनाया जाता है. उन्होंने कहा कि पड़ोसी देशों में अभी भी पोलियो के मामले मिलने के कारण सतर्कता और नियमित टीकाकरण आज भी आवश्यक है.
कार्यक्रम के अंत में जिला कार्यक्रम प्रबंधक प्रवीण कुमार सिंह ने सभी अतिथियों, स्वास्थ्यकर्मियों एवं उपस्थित जनों का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए अभियान को सफल बनाने में सहयोग की अपील की. उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान 28 से 30 जून 2026 तक संचालित किया जा रहा है. सभी अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने 0 से 5 वर्ष तक के प्रत्येक बच्चे को पोलियो की दो बूंद अवश्य पिलाएं और पोलियो मुक्त भारत के संकल्प को मजबूत बनाएं.
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