बिहार के मेयर के सरकारी और प्राइवेट बॉडीगार्ड गिरफ्तार, शराब से जुड़ा है मामला
शराब मामले में गयाजी के मेयर के सरकारी और प्राइवेट अंगरक्षक को गिरफ्तार किया गया है. पढ़ें पूरी खबर.

Published : February 25, 2026 at 7:54 PM IST
गया: बिहार के गयाजी में शराब मामले में पुलिस की बड़ी कार्रवाई हुई है. पुलिस की कार्रवाई में गयाजी के मेयर गणेश पासवान के दो बॉडीगार्ड को गिरफ्तार किया गया है. एक सरकारी अंगरक्षक है, तो दूसरा निजी अंगरक्षक बताया जाता है. दोनों नाटकीय तरीके से पुलिस की गिरफ्त में आए. पुलिस मामले में अग्रतर कार्रवाई में जुटी हुई है.
गयाजी में मेयर के दो अंगरक्षक गिरफ्तार: गयाजी के मेयर गणेश पासवान उर्फ वीरेंद्र पासवान के दो अंगरक्षक को गिरफ्तार किया गया है. इसमें एक सरकारी अंगरक्षक शामिल है. यह मामला कोतवाली थाना क्षेत्र का है. जानकारी के अनुसार कोतवाली थाना की पुलिस को सूचना मिली थी, कि पीपरपांती मोहल्ले में शराब की बिक्री की जा रही है.
196 बोतल बियर बरामद: सूचना मिलते ही पुलिस की टीम ने चिन्हित स्थान पर दबिश दी. पुलिस की कार्रवाई में स्विफ्ट डिजायर गाड़ी से 196 बोतल बियर बरामद किया गया. वहीं, पुलिस की कार्रवाई देख मौके से दो युवक फरार होने में सफल हो गए.
सरकारी बॉडीगार्ड भी गिरफ्तार : वहीं, जिस स्विफ्ट डिजायर गाड़ी से 196 बोतल बियर की बरामदगी हुई थी. उस स्विफ्ट डिजायर को मेयर के सरकारी अंगरक्षक रितेश कुमार छुड़ाने कोतवाली थाने को पहुंचा. पुलिस के अनुसार उसने थाने में आकर कहा, कि उसे मेयर गणेश पासवान के निजी अंगरक्षक अजीत कुमार के द्वारा गाड़ी छुड़ाने की बात कहकर भेजा गया है, उसी के लिए आया हूं.
निजी बॉडीगार्ड पहले भी जा चुका है जेल: शराब वाली गाड़ी छुड़ाने की पैरवी करने आए मेयर के सरकारी अंगरक्षक रितेश कुमार को पुलिस ने मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया. वहीं, जब सरकारी अंगरक्षक गिरफ्तार हुआ, तो मेयर गणेश पासवान के निजी अंगरक्षक अजीत कुमार ने थाने में आकर सरेंडर कर दिया. मेयर के दो बॉडीगार्ड के गिरफ्त में आने के बाद पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है. अजीत कुमार जो कि मेयर का निजी बॉडीगार्ड है, उसके शराब मामले में पहले भी जेल जाने की बात सामने आई है.
"गुप्त सूचना के आधार पर कोतवाली थाना क्षेत्र से बियर की बरामदगी की गई थी. कुल 108 लीटर बियर की बरामदगी हुई थी. मौके से जिस स्विफ्ट डिजायर वाहन से बियर की बरामदगी हुई थी, उसे छुड़ाने के लिए मेयर का सरकारी अंगरक्षक आया था, जिसे मौके से गिरफ्तार कर लिया गया. वहीं, बाद में मेयर के निजी अंगरक्षक ने आत्मसमर्पण कर दिया है. पुलिस पूरे मामले में कार्रवाई कर रही है."- सरोज कुमार साह, डीएसपी सदर 1, गया
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