एक उम्मीदवार ऐसा भी! सहयोग राशि से चुनाव लड़ रहे मेयर प्रत्याशी, अब तक 1 लाख से अधिक का मिल चुका है चंदा
हजारीबाग के एक मेयर प्रत्याशी सहयोग राशि से चुनाव लड़ रहे हैं. इसी पैसे से वे प्रचार प्रसार कर रहे हैं.

Published : February 18, 2026 at 8:00 AM IST
हजारीबाग: झारखंड में निकाय चुनाव को लेकर सरगर्मी तेज है. वार्ड पार्षद से लेकर मेयर तक के उम्मीदवार चुनावी मैदान में है. ईटीवी भारत आपको एक ऐसे उम्मीदवार से मिलाने जा रहा है, जो लोगों से मदद लेकर चुनाव लड़ रहा है या कहा जाए तो भिक्षाटन कर चुनावी खर्च का इंतजाम कर रहा है.
चुनाव के दौरान पैसा खर्च हमेशा सुर्खियों में रहता है. प्रत्याशी पैसे के दम पर प्रचार प्रसार करते हैं. हजारीबाग के रहने वाले पत्रकार अरविंद राणा भिक्षाटन कर चुनाव लड़ रहे हैं. जो भी पैसा उन्हें सहायता के रूप में मिलता है उस पैसा से बैनर पोस्टर या फिर अपना बाइक का तेल भरवाते हैं. अरविंद कुमार राणा संघ से तालुकात रखते हैं और हिंदूवादी राष्ट्र विचारधारा को मानने वाले हैं.
हजारीबाग में उनकी एक अलग पहचान है. छठ पूजा के समय खरीद दाम पर समाज के लोगों की मदद से बाजार लगाते हैं. धर्मांतरण और पशु तस्करी के खिलाफ हमेशा आवाज बुलंद करते हैं. यही कारण है कि लोग उन्हें पसंद कर रहे हैं. जब वे वोट मांगने के लिए जाते हैं तो मतदाता ₹10 से लेकर ₹5000 देकर उन्हें मदद कर रहे हैं. इसी पैसे से वह चुनावी खर्च अपना निकल रहे हैं.

चुनाव प्रचार के दौरान अरविंद राणा को 1 लाख 11 हजार रुपया अब तक सहयोग राशि के रूप में लोगों से मिला है. यह राशि ₹10 से लेकर ₹5000 तक की है. अरविंद राणा ने बताया कि चुनाव को लेकर जो जानकारी निर्वाचन विभाग को दिया है इसके अनुसार उनकी कुल संपत्ति मात्र 21000 है. उनके पास ना अपनी गाड़ी है ना घर और ना ही मकान.

हजारीबाग के लोगों का अपार सहयोग प्राप्त हो रहा है. अरविंद ने बताया कि संघ में सेवा देने के दौरान यह शिक्षा दी जाती थी. समाज के लोगों से मदद लेकर ही समाज के लिए काम करना है. इस शिक्षा के अनुसार इस चुनाव में उतरे हैं. यह चुनाव यज्ञ की तरह है. चुनाव में सहयोग करने वाले मतदाता भी कहते हैं कि अपने जीवन में पहली बार ऐसा उम्मीदवार देखा है जो लोगों से सहयोग लेकर चुनाव लड़ रहा है. इससे दिखता है कि समाज में परिवर्तन हो रहा है.

चुनाव पूंजी पतियों का हुआ करता था. अरविंद ने साबित कर दिया कि जिसके पास पैसा नहीं है लेकिन उसकी सोच सही है तो वह चुनाव में उतर सकता है. अरविंद को अपार जन समर्थन मिल रहा है. लोगों को उम्मीद भी बड़ी है. अरविंद के सामने यह चुनौती है कि वह मेयर बनता है तो लोगों की उम्मीद पर खरा उतरे.
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