भतीजे आकाश आनंद को बड़ी ज़िम्मेदारी नहीं सौंपेंगी मायावती, जानें क्यों कही ये बात
मायावती बोलीं- बहुजन समाज का हित, कल्याण व उसकी अस्मिता को बनाए रखना ही बीएसपी मूवमेंट का मिशन है.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : September 3, 2026 at 2:39 PM IST
लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने गुरुवार को पार्टी मुख्यालय पर देश भर के पार्टी पदाधिकारियों के साथ बैठक की. बैठक में आकाश आनंद, जो पार्टी के चीफ नेशनल कोऑर्डिनेटर हैं, वो बैठक में मौजूद तो नहीं थे, लेकिन मायावती की तरफ से जो बयान आया, उसमें आकाश आनंद की चर्चा है.
बसपा सुप्रीमो की तरफ से जो बयान जारी किया गया, उसमें लिखा है कि "बहुजन समाज पार्टी के संस्थापक काशीराम के संकल्प और समर्पण की तरह ही मेरे लिए भी बहुजन समाज का हित, कल्याण व उसकी अस्मिता यानी बीएसपी पार्टी मूवमेंट शोषित वर्ग को शासक वर्ग बनाने का मिशनरी लक्ष्य सर्वोपरि है."
इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए निजी तौर पर मेरा न तो कोई अपना है और न ही पराया. जो भी बीएसपी और बहुजनों के हित में काम करेगा उसका स्वागत और आभार है, इसीलिए जिस प्रकार कांशीराम ने अपने परिवार के लोगों और रिश्ते, नातों को पार्टी कार्य में सहयोग करने की छूट तो दे दी थी, लेकिन उन्हें चुनाव लड़ने या सरकार बनने पर कोई भी पद देने के ख़िलाफ़ थे.

मायावती ने कहा कि "इसी प्रकार से आकाश आनंद को पार्टी में कार्य करने की तो इजाज़त मैंने दी है, जो हकीक़त आप सभी लोगों को सामने है, लेकिन इस मामले में आकाश आनंद को अभी और अधिक परिपक्व होने की ज़रूरत है, तब तक इनको पार्टी की अभी बड़ी ज़िम्मेदारी देना उचित नहीं होगा. जो विरोधियों के साम, दाम, दंड, भेद जैसे हथकंडों को इस्तेमाल करके चुनाव में हानि पहुंचाने से बचाने के लिए भी समय की ज़रूरत है."
बसपा सुप्रीमो मायावती ने देश के विभिन्न राज्यों के वरिष्ठ पदाधिकारियों की बैठक में कहा कि जो कमियां हैं, उन्हें ज़ल्द से ज़ल्द दूर किया जाए. उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब में कार्य, चुनाव की घोषणा से काफी पहले ही पूरा करने के भी ज़रूरी निर्देश दिए.

उन्होंने 25 अगस्त को पंजाब स्टेट की और 31 अगस्त को उत्तर प्रदेश स्टेट की अलग से पार्टी की बड़ी बैठक भी बुलाई थी, जिसकी जानकारी दी.
बसपा सुप्रीमो ने कहा कि अगले माह नौ अक्टूबर को कांशीराम की पुण्य तिथि के अवसर पर प्रदेश स्तर पर और बाकी राज्यों में जोन स्तर पर खुली संगोष्ठी के कार्यक्रम पूरी मिशनरी भावना से आयोजित किया जाए.
प्रदेश के मुख्य जोन प्रभारी मुख्य अतिथि के रूप में इन कार्यक्रमों में शामिल हों. बीएसपी दिल्ली प्रदेश के सभी लोग नई दिल्ली गुरुद्वारा रकाबगंज रोड पर स्थित बहुजन प्रेरणा स्थल जहां कांशीराम का अस्थिकलश प्रतिस्थापित है, वहां पुण्यतिथि के अवसर पर उन्हें अपने श्रद्धा सुमन अर्पित करें.
यूपी के बाकी सभी मंडलों के लोगों के साथ ही लखनऊ आकर यहां स्मृति उपवन के सामने कांशीराम स्मारक स्थल पर विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करें. मायावती ने अपने जन्मदिन के मौके पर पार्टी को आर्थिक सहयोग देने के लिए भी जरूरी दिशा निर्देश दिए हैं. यहां उपस्थित नेताओं ने इस पर सहमति जताई.
मायावती ने कहा कि आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के अमेरिका दौरे के दौरान भारत की अनेकता में एकता संबंधी कहीं-कहीं बातों का संज्ञान लिया है.
भारत में खासकर जातिवाद और असमानता के साथ संविधान निर्माता भीमराव आंबेडकर के संघर्षों से एससी, एसटी और ओबीसी वर्गों के बहुजन समाज के करोड़ों लोगों के वास्तविक हित, कल्याण और उनके आरक्षण के संवैधानिक अधिकार के साथ-साथ महिलाओं, मुस्लिम और अन्य धार्मिक अल्पसंख्यकों के जानमाल और मजहब की सुरक्षा सम्मान आदि के मामले में आरएसएस की कथनी और करनी में जमीन आसमान का भारी अंतर है. इसके चलते ही उनमें विश्वसनीयता का अभाव है.
यह संगठन काफी पुराना होने के बावजूद सम्मान अर्जित नहीं कर पाया है, जो वह चाहते हैं. आरएसएस के लोग डॉ भीमराव आंबेडकर के मानवतावादी कल्याणकारी और समता मूलक संविधान में अपनी पूरी आस्था और निष्ठा रखते हुए उस पर खुद ईमानदारी से अमल करें. उसी के हिसाब से अपने लोगों को उस पर अमल करने को बाध्य भी करें.
मायावती ने कांग्रेस पार्टी पर हमला करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी तो हर मामले में ज़बरदस्त दलित व अंबेडकर विरोधी पार्टी है, जिसका इतिहास किसी से छिपा नहीं है. ऐसी स्थिति में अब पार्टी ने पूरे देश में सभी छोटे-बड़े चुनाव अकेले ही लड़ने का फैसला लिया है.

