रुद्रपुर में मौलाना मुफ्ती मुजीब के मदरसे पर प्रशासन ने जड़ा ताला, मान्यता ना होने पर हुई कार्रवाई
उत्तराखंड के रुद्रपुर में मदरसों की मान्यता को लेकर धामी सरकार की सख्ती का असर अब जमीन पर दिखाई देने लगा है.

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : September 1, 2026 at 9:46 AM IST
|Updated : September 1, 2026 at 12:17 PM IST
रुद्रपुर: उत्तराखंड में मदरसों की मान्यता और संचालन को लेकर राज्य सरकार की ओर से अपनाई जा रही सख्ती के बीच जिला प्रशासन ने दो मदरसों के खिलाफ कार्रवाई की है. रुद्रपुर में मौलाना मुफ्ती मुजीब से जुड़े मदरसा फैजुल मुस्तफा को प्रशासन ने सील कर दिया है. प्रशासन का कहना है कि मदरसा आवश्यक मान्यता के बिना संचालित किया जा रहा था.
मौलाना मुफ्ती मुजीब हाल ही में रुद्रपुर के त्रिशूल चौक पर आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान धामी सरकार द्वारा मदरसों को लेकर अपनाई जा रही नीति के खिलाफ कथित तौर पर बयान देने को लेकर चर्चा में आए थे. इसी बीच अब उनके मदरसे पर हुई प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर क्षेत्र में चर्चाएं तेज हो गई हैं. हालांकि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सीलिंग की कार्रवाई मान्यता संबंधी नियमों और आवश्यक दस्तावेजों के अभाव के आधार पर की गई है.
मौलाना मुफ्ती मुजीब उधम सिंह नगर में बयान दे रहे थे और वह मदरसा फैजुल मुस्तफा में प्राचार्य हैं. जांच में सामने आया कि उक्त मदरसा अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण से मान्यता प्राप्त नहीं था, जिसके बाद नियमानुसार कार्रवाई करते हुए उसे सील किया गया.
-नितिन सिंह भदौरिया, डीएम-
प्रशासन ने मदरसा जामियातुल हसनात के खिलाफ भी कार्रवाई की है. जिलाधिकारी के मुताबिक यह मदरसा जाहिद राजा का है और इसके पास मान्यता के लिए आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं थे. इसी आधार पर मदरसे को भी सील किया गया है.गौरतलब है कि उत्तराखंड सरकार ने मदरसा बोर्ड को समाप्त कर अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण की व्यवस्था लागू की है.
अब मदरसों के लिए प्राधिकरण के साथ-साथ उत्तराखंड शिक्षा बोर्ड से आवश्यक मान्यता लेना अनिवार्य किया गया है. सरकार का उद्देश्य मदरसों में संचालित शिक्षा व्यवस्था को निर्धारित नियमों के दायरे में लाना बताया जा रहा है.उधम सिंह नगर जिले में कुल 118 मदरसे बताए गए हैं. प्रशासन के अनुसार इनमें से पांच मदरसे पहले ही बंद हो चुके हैं, जबकि करीब 60 मदरसों ने अभी तक मान्यता के लिए आवेदन नहीं किया है. वहीं, शेष मदरसों की ओर से मान्यता प्राप्त करने के लिए ऑनलाइन आवेदन किए गए हैं.
पूर्व में मदरसा बोर्ड में पंजीकृत करीब 452 मदरसों को अब अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण से मान्यता प्राप्त करनी होगी. जो मदरसे निर्धारित प्रक्रिया के तहत मान्यता नहीं लेंगे, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. करीब 200 मदरसों के आवेदन प्राप्त हो चुके हैं और इनका स्पॉट सर्वे कराया जा रहा है.
-डॉ. पराग मधुकर धकाते, सचिव, अल्पसंख्यक विभाग-
वहीं, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी विपिन सिंह कंडारी ने बताया कि मदरसे को नोटिस चस्पा करने के साथ ही उसके गेट पर ताला लगाया गया है. उन्होंने कहा कि फिलहाल वहां किसी भी प्रकार का पाठ्यक्रम संचालित नहीं होगा और आगे की कार्रवाई नियमानुसार वैधानिक प्रक्रिया के तहत की जाएगी.
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी राज्य में शिक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार की नीति पर पहले स्पष्ट बयान दे चुके हैं. वहीं इरशाद अहमद पार्षद प्रतिनिधि ने जानकारी देते हुए बताया कि यह मदरसा 1995 से संचालित हो रहा था. सरकार द्वारा गाइडलाइन जारी की गई थी जिसको लेकर आवेदन मदरसा कमेटी द्वारा किया गया था. 1 जुलाई से इस मदरसे को बंद रखा गया है. जिस तरह से प्रशासन ने कार्रवाई की है नोटिस तामील की है इसका जवाब दिया जाएगा.
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