सुदामा कुटी का शताब्दी वर्ष; गाजे-बाजे के साथ निकाली गई शोभायात्रा, संघ प्रमुख करेंगे कार्यक्रम का उद्घाटन
धर्म नगरी मथुरा वृंदावन के परिक्रमा मार्ग पर स्थित सुदामा कुटी के शताब्दी वर्ष पर 12 दिवसीय आयोजन शुरू.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : January 10, 2026 at 2:39 PM IST
मथुरा : परिक्रमा मार्ग पर स्थित सुदामा कुटी के शताब्दी वर्ष पर कुंभ क्षेत्र में 12 दिवसीय आयोजन का आगाज शनिवार सुबह शोभायात्रा निकालने के साथ हो गया. वृंदावन कस्बे में ढोल नगाड़े बजाकर शोभायात्रा निकाली गई. शनिवार दोपहर बाद संघ प्रमुख मोहन भागवत सुदामा कुटी शताब्दी वर्ष कार्यक्रम का उद्घाटन करेंगे. 12 दिवसीय आयोजन में यूपी समेत कई प्रदेशों के मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री भी पहुंचेंगे.
1926 में हुई सुदामा कुटी की स्थापना : यमुना नदी के किनारे वृंदावन में स्थित सुदामा कुटी की स्थापना 1926 में सुदामा दास महाराज ने की थी. सुदामा दास महाराज का जन्म बिहार के गोपालगंज गांव छिपाया में 1899 में हुआ था. सुदामा दास महाराज जन्म के बाद कुछ वर्ष अयोध्या में रहे और 1925 में वृंदावन आ गए. 1926 में यमुना नदी के किनारे सुदामा कुटी की स्थापना की. कूटी स्थापना के 100 वर्ष पूर्ण होने पर शताब्दी वर्ष हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है.

मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री भी पहुंचेंगे वृंदावन : मेला क्षेत्र में 108 महा श्रीराम कुंडीय यज्ञ में 10 जनवरी से 20 जनवरी तक लगातार आहुति दी जाएगी. आयोजन में देश-विदेश से संत समाज के लोग वृंदावन सुदामा कुटी पहुंचेंगे. इस दौरान संतों के संबोधन के कार्यक्रम भी रखे गए हैं. इसी क्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर धामी सहित कई केंद्रीय मंत्री भी शिरकत करेंगे. वृंदावन आने का न्योता योग गुरु बाबा रामदेव, महाराज बागेश्वर धाम धीरेंद्र शास्त्री, दीदी मां साध्वी ऋतंभरा, जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर अवधेशानंद गिरी, कैलशानंद गिरी महाराज, जगद्गुरु रामभद्राचार्य महाराज को भी भेजा गया है.

आश्रम के बड़े महंत सुतीक्ष्ण दास महाराज ने बताया कि मथुरा भगवान श्रीकृष्ण की लीला स्थली है. यहां तमाम संतों ने तपस्या भी की है. जगद्गुरु श्री रामानंदाचार्य का 726 वां जन्मोत्सव और सुदामा कुटी के शताब्दी वर्ष पूर्ण होने पर कार्यक्रम शनिवार से शुरू हो गए हैं. 21 जनवरी तक यह अभूतपूर्व उत्सव मनाया जाएगा. शनिवार दोपहर बाद संघ प्रमुख मोहन भागवत कार्यक्रमों का उद्घाटन करेंगे.
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