रंग-गुलाल से सराबोर हुई कान्हा की नगरी मथुरा, मंदिर, आश्रम, घर और गलियों में मची होली की धूम
होली के अनेक रंग में श्रद्धालु और बृजवासी हुए रंगे. जनपद के मंदिरों में भी होली धूमधाम के साथ खेली गई.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : March 4, 2026 at 10:14 AM IST
|Updated : March 4, 2026 at 8:59 PM IST
मथुरा: सब जग होरी ब्रज होरा... होली का पर्व देशभर में हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है. होली के अनेक रंग में श्रद्धालु बृजवासी सराबोर हैं. जनपद के मंदिरों में भी होली धूमधाम के साथ खेली जा रही है. बता दें कि ब्रज में पूरे 40 दिनों तक होली का रंग उत्सव मनाया जाता है. इस दौरान फागुन के आखिरी दिन होली का समापन होता है. इस अवसर पर दूरदराज से आए श्रद्धालु भी होली के रंग का आनंद ले रहे हैं. वहीं ब्रज में होली का उत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया गया. राधा कृष्ण की निकाली गई शोभयात्रा भगवान ने माता संग दिए दर्शन.
होली का पर्व: गौर करें तो भगवान श्रीकृष्ण की नगरी मथुरा में होली का रंग उत्सव धूमधाम के साथ मनाया जा रहा है. यहां साधु-संतों के आश्रम, ठाकुर जी के मंदिरों मैं रंग-गुलाल के साथ श्रद्धालु होली के रंग में सराबोर हो रहे हैं. यहां अनेक रंगों के साथ होली का रंग उत्सव मनाया जा रहा है. श्रीकृष्ण जन्म स्थान द्वारकाधीश वृंदावन, श्री ठाकुर बांके बिहारी मंदिर, राधा रमण राधा दामोदर और इस्कॉन मंदिर में भी जबर्दस्त तरीके से होली खेली जा रही है.

ब्रज में 40 दिनों तक होली: ब्रज में होली का रंग उत्सव पूरे 40 दिनों तक खेला जाता है. बसंत पंचमी के दिन से होली की शुरुआत होती है और फागुन की आखिरी दिन होली का समापन होता है. जनपद में रह रहे और आए हुए फूलों की होली, लड्डुओं की होली, लठ्ठमार मार होली, रंग-गुलाल के साथ होली का आनंद लेते हैं. दूरदराज से लाखों की संख्या में श्रद्धालु देश और विदेश से यहां मथुरा और वृंदावन में होली का त्योहार मनाने आते हैं.

बरसाना में राधा कृष्ण ने एक साथ दिए दर्शन: राधा रानी की जन्मस्थली श्री लाडली जी राधा रानी मंदिर में होली पर्व के मौके पर मंदिर गर्भ ग्रह से शोभा यात्रा परिसर के सफेद छतरी पर पहुंची. जहां राधा कृष्ण ने एक साथ सर्व समाज को दर्शन दिए. मंदिर प्रांगण जयकारे से गूंज उठा. हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने राधा रानी और कृष्ण के एक साथ दर्शन किए.
दरअसल बता दें कि वर्ष में 3 बार राधा रानी मंदिर से बाहर आती हैं. प्रथम बार राधा अष्टमी पर, दूसरी बार हरियाली तीज, तीसरी बार रंगों की होली पर शोभायात्रा मंदिर परिसर से पालकी में निकल जाती है और मंदिर प्रांगण के सफेद छतरी पर बैठकर राधा कृष्ण एक साथ भक्तों को दर्शन देते हैं.
हर्षोल्लास के साथ खेली गई ब्रज में होली: होली का रंग उत्सव देश भर के साथ ब्रज के मंदिरों में भी धूमधाम के साथ खेला गया. साधु संतों ने होली रंग और गुलाल के साथ खेली, तो वहीं ठाकुर जी के मंदिरों में भी रंग और गुलाल जमकर उड़ाए गए. देश-विदेश से लाखों की संख्या में श्रद्धालु होली का आनंद लेने के लिए कृष्ण की नगरी पहुंचे और जिला प्रशासन ने भी सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए.
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