थावे मंदिर में चोरी का मास्टरमाइंड गिरफ्तार, गूगल पर मंदिर का डिजाइन देखकर की थी प्लानिंग
थावे मंदिर में चोरी मामले में पुलिस ने मास्टरमाइंड को गिरफ्तार किया. आरोपी ने बॉलीवुड फिल्म और गूगल से चोरी की प्लानिंग की थी.

Published : December 23, 2025 at 7:25 PM IST
गोपालगंज: बिहार के गोपालगंज थावे मंदिर में चोरी मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया. इस मामले में एक मास्टरमाइंड आरोपी को गिरफ्तार किया है. आरोपी की पहचान यूपी के गाजीपुर जिले के जमानिया निवासी देवानंद राय का पुत्र दीपक कुमार के रूप में हुई है.
पांच दिनों तक छापेमारी: चोरी की जांच के लिए गोपालगंज एसपी अवधेश दीक्षित ने 12 सदस्यीय विशेष जांच टीम का गठन किया था. टीम ने पांच दिनों तक बिहार और उत्तर प्रदेश में छापेमारी की. पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल सर्विलांस के आधार पर दीपक कुमार को गिरफ्तार कर लिया.

"दीपक राय को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई. सख्ती से पूछताछ के दौरान दीपक ने अपने अपराध को स्वीकार कर लिया. इस मामले में मंदिर प्रशासन या किसी और की संलिपत्ता नहीं आई है. दूसरे आरोपी की पहचान कर ली गई है और उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है." -अवधेश दीक्षित, एसपी, गोपालगंज
कई सामान बरामद: आरोपी की निशानदेही पर रॉड कटर, चोरी के समय पहने गए कपड़े, मोबाइल फोन (जिसमें थावे मंदिर की पूरी सर्च हिस्ट्री मिली), बैग (जिसमें चोरी के आभूषण डाले थे) बरामद किए हैं. मोबाइल फोन की जांच में यह भी सामने आया कि चोरी के बाद भी आरोपी सोने की क्वालिटी के बारे में सर्च किया था.
करोड़ों रुपये की चोरी: पुलिस ने बताया कि मंदिर के पुजारी के अनुसार चोरों ने मंदिर से मां दुर्गा की प्रतिमा पर से 51 लाख का सोने-चांदी का मुकुट, कीमती हार और अन्य जेवरात चुराए थे. दानपेटी को भी निशाना बनाया था. चोरी किए गए सामान की कीमत करोड़ों रुपए बतायी गयी थी.

दो दिनों तक रेकी: एसपी ने बताया कि दीपक 10 और 11 दिसंबर की रात थावे मंदिर में आकर खुद रेकी की थी. उसने तय किया कि मंदिर में कहां से प्रवेश करना है, गर्भगृह तक कैसे पहुंचना है और चोरी के बाद सुरक्षित निकलने का रास्ता कौन-सा होगा. पूरी रणनीति तैयार की थी.
गूगल का लिया मदद: गोपालगंज के थावे मंदिर और पुणे के एक बड़े मंदिर की रेकी शुरू की. आरोपी ने गूगल सर्च के जरिए मंदिर के स्ट्रक्चर, गर्भगृह, मां दुर्गा के मुकुट और आभूषणों की पूरी जानकारी निकाली. चोरी के बाद पकड़ ना जाए, इसके लिए बॉलीवुड फिल्म देखी थी कि पुलिस चोर के पास कैसे-कैसे पहुंच सकती है.
17 दिसंबर की रात चोरी: पूरी प्लानिंग के बाद 17 दिसंबर की रात उसने अपने साथी के साथ बाइक से गाजीपुर से थावे पहुंचा. योजनाबद्ध तरीके से अपनी बाइक मंदिर के पीछे जंगल में पोखरे के पास रखी. घने कोहरे और सुनसान स्थिति देखकर उसने नवनिर्मित मकान से मंदिर में प्रवेश किया. मंदिर के गर्भगृह का ताला काटकर चोरी की.
चोरी कर गाजीपुर निकला: इसके बाद वह रस्सी में लॉकर बांधा और ऊपर की ओर खींच लिया. इसके बाद वह रस्सी और सीढ़ी के सहारे मंदिर से निकला और लॉकर तोड़ कर मुकुट निकाला. अपनी बाइक के पास पहुंचकर पैठान पट्टी होते हुए सिवान चला गया. जहां से वह अपने घर गाजीपुर निकल गया.

एलएलबी की पढ़ाई कर रहा आरोपी: एसपी ने बताया कि आरोपी बास्केट बॉल प्लेयर रहा है. उसके पिता रिटायर्ड आर्मी के जवान हैं. दो भाइयों में बड़ा है जो एलएलबी का छात्र है. एसपी ने बताया कि यह आदतन अपराधी है. पांच चोरी का केस दर्ज हैं.
चोरी मामले में जा चुका है जेल: पहले भी कई मंदिर चोरी की घटनाओं में शामिल रहा है. मार्च 2025 में उसने यूपी के मऊ जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र में स्थित शीतला माता मंदिर में चोरी की थी. इस मामले में जेल गया था और 13 नवंबर 2025 को जेल से छूटकर बाहर आया था.
नौकरी दिलाने के नाम पर युवक को फंसाता था: एसपी के अनुसार भाजपा नेता और जम्मू कश्मीर के गवर्नर मनोज सिन्हा के गांव के रहने के कारण वह कुछ लड़कों को नौकरी दिलवाने के लालच देकर अपने साथ चोरी की घटना में शामिल करता था. बताया कि जब पुलिस उसके घर पहुंची और जानकारी दी तब ग्रामीणों को इसकी जानकारी हुई. उसके परिवार को समाज से अलग कर दिया गया है.
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