धनबाद के बरवाअड्डा थाने में हंगामा, विधायक समर्थक और मुखिया पक्ष आपस में भिड़े
धनबाद के बरवाअड्डा थाना परिसर में मुखिया यशोदा देवी के समर्थकों की जयराम महतो के समर्थकों के साथ जोरदार झड़प हो गई.

Published : August 22, 2026 at 2:16 PM IST
धनबादः बरवाअड्डा थाना परिसर में जाति प्रमाण पत्र से जुड़े विवाद को लेकर जमकर हंगामा हुआ. बड़ा पिछरी पंचायत की मुखिया के कथित फर्जी हस्ताक्षर और मुहर के इस्तेमाल से प्रमाण पत्र बनवाने के मामले में पुलिस ने एक युवक को हिरासत में लिया था. इसी युवक को छुड़ाने डुमरी विधायक जयराम महतो अपने समर्थकों के साथ थाना पहुंचे थे. इसी दौरान मुखिया पक्ष भी थाने पहुंच गया और दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ गया. मुखिया पक्ष ने मारपीट और जातिसूचक टिप्पणी का आरोप लगाया है, जबकि विधायक के समर्थकों की ओर से इन आरोपों को गलत बताया गया है. मामले को लेकर पुलिस जांच में जुटी है.
पुलिस ने युवक को हिरासत में लिया था
पूरा विवाद बड़ा पिछरी पंचायत की मुखिया यशोदा देवी के कथित फर्जी हस्ताक्षर और मुहर के इस्तेमाल से जाति प्रमाण पत्र बनाए जाने के आरोप से शुरू हुआ. मुखिया प्रतिनिधि आशुतोष रजक के आवेदन पर बरवाअड्डा पुलिस ने गणेश दास नाम के युवक को हिरासत में लिया था.
जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करने का आरोपः मुखिया पक्ष
बताया गया कि युवक को छुड़ाने के लिए डुमरी विधायक जयराम महतो अपने समर्थकों के साथ बरवाअड्डा थाना पहुंचे. विधायक ने थाना प्रभारी से मामले को लेकर बातचीत की. इसी दौरान मुखिया प्रतिनिधि आशुतोष रजक भी अपने समर्थकों के साथ थाना पहुंच गए. इसके बाद दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई और देखते ही देखते थाना परिसर में हंगामा होने लगा. मुखिया पक्ष का आरोप है कि विवाद के दौरान मुखिया के पुत्र के साथ मारपीट की गई और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया गया. मुखिया प्रतिनिधि ने पूरे मामले में विधायक और उनके समर्थकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.

जातिसूचक शब्दों का आरोप गलतः जयराम महतो समर्थक
वहीं, दूसरी ओर विधायक समर्थकों का कहना है कि विधायक, युवक के मामले की जानकारी लेने और उसे कानूनी प्रक्रिया के तहत छुड़ाने के लिए थाना पहुंचे थे. उनका आरोप है कि बेवजह विवाद को राजनीतिक रंग दिया जा रहा है. समर्थकों ने मारपीट और जातिसूचक टिप्पणी के आरोपों को भी खारिज किया.
पुलिस मामले की जांच में जुटी
घटना के बाद दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे पर आरोप लगाए गए. थाना परिसर में कुछ देर के लिए तनावपूर्ण स्थिति बनी रही. पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है. दोनों पक्षों के आरोपों की सत्यता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी.
'मुखिया के फर्जी हस्ताक्षर से जुड़े मामले में एक युवक को हिरासत में लिया गया था. हिरासत में लिए गए युवक के साथ मारपीट किए जाने की जानकारी डुमरी विधायक जयराम महतो को उनके समर्थकों के माध्यम से दी गई. इसी सूचना के बाद विधायक अपने समर्थकों के साथ बरवाअड्डा थाना पहुंचे. विधायक ने हिरासत में लिए गए युवक से स्वयं बातचीत की और मामले की जानकारी ली. इसके बाद वह आश्वस्त हुए. हालांकि, इसी दौरान मुखिया समर्थकों की ओर से आरोप लगाया गया कि विधायक और उनके समर्थक हिरासत में लिए गए युवक को छुड़ाने के उद्देश्य से थाना पहुंचे हैं. इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के समर्थकों के बीच विवाद बढ़ गया और देखते ही देखते थाना परिसर में हंगामा शुरू हो गया. पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया. मामले में दोनों पक्षों की ओर से लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है.' रवि कुमार, बरवाअड्डा थाना प्रभारी
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