किशनगढ़ में आग का तांडव: सिलोरा रीको क्षेत्र के गोदाम में लगी भीषण आग, बाल-बाल बची ऑयल फैक्ट्री
बचाव दलों से समय रहते आग पर काबू पा लिया, अन्यथा पास ही ऑयल फैक्ट्री थी. उसमें आग लग सकती थी.

Published : February 20, 2026 at 4:28 PM IST
किशनगढ़: अजमेर जिले की मार्बल सिटी किशनगढ़ के सिलोरा रीको इंडस्ट्रियल एरिया में शुक्रवार को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब एक कबाड़ के गोदाम में भीषण आग लग गई. आग इतनी विकराल थी कि देखते ही देखते धुएं का गुबार आसमान में छा गया और पास स्थित एक ऑयल फैक्ट्री पर भी खतरे के बादल मंडराने लगे. सिलोरा रीको एरिया स्थित इस गोदाम में कागज के गत्ते और प्लास्टिक के बारदाने का निर्माण व भंडारण किया जाता था. गोदाम में भारी मात्रा में प्लास्टिक वेस्टेज और कागज होने के कारण आग ने कुछ ही मिनटों में रौद्र रूप धारण कर लिया. आग की लपटें दूर-दूर तक दिखाई दे रही थीं, जिससे औद्योगिक क्षेत्र में दहशत फैल गई, हालांकि किसी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं है.
किशनगढ़ शहर थाना प्रभारी बन्नालाल जाट ने बताया कि सिलोरा में आग की सूचना मिली थी. सूचना मिलते ही किशनगढ़ शहर थाना पुलिस, दमकल विभाग और एनडीआरएफ की टीमें तुरंत मौके पर पहुंची. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए किशनगढ़ के अलावा दूदू और अजमेर से भी दमकल की गाड़ियों को बुलाया गया. लगभग 5 दमकल गाड़ियां मौके पर तैनात रही. नगर परिषद के अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी रामप्रसाद चौधरी के सुपरविजन में दमकलकर्मियों और एनडीआरएफ की टीम ने मोर्चा संभाला. सबसे बड़ी चुनौती पास ही स्थित ऑयल फैक्ट्री को बचाना थी, क्योंकि आग अगर वहां तक पहुंचती तो बड़ा विस्फोट हो सकता था.
पढ़ें: फैक्ट्री में धमाके बाद लगी आग, जिंदा जलकर 7 लोगों की मौत
लाखों का नुकसान, जांच जारी: 3 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद दमकलकर्मियों ने आग पर पूरी तरह काबू पाया, हालांकि, इस अग्निकांड में गोदाम में रखा लाखों रुपए का कच्चा माल और मशीनें जलकर खाक हो गई हैं. गनीमत रही कि समय रहते रेस्क्यू शुरू होने से कोई जनहानि नहीं हुई. किशनगढ़ शहर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है. औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी अक्सर ऐसे हादसों का कारण बनती है. प्रशासन अब गोदाम के फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट की भी जांच कर सकता है.


