धमतरी में दिव्यांग जोड़ों का सामूहिक विवाह, आयोजन में नशामुक्ति का दिया संदेश
धमतरी में दिव्यांग जोड़ों का सामूहिक विवाह हुआ.जिसमें नशामुक्ति का संदेश देते हुए तीन जोड़ियों का रीति रिवाज के साथ विवाह संपन्न कराया गया.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : December 29, 2025 at 1:43 PM IST
|Updated : December 29, 2025 at 2:09 PM IST
धमतरी : कहते हैं जोड़ियां आसमान में बनती हैं,लेकिन कुछ जोड़ियों को बनाने में किस्मत से ज्यादा हिम्मत की जरुरत होती है. ऐसी ही अनोखी जोड़ियां धमतरी में बनाई गईं. समाज सेवी संगठन ने जिले के आमा तालाब रोड पर मौजूद सरस्वती शिशु मंदिर स्कूल में दिव्यांग जोड़ों का सामूहिक विवाह आयोजित किया.सामूहिक विवाह की थीम नशामुक्त समाज, नशामुक्त धमतरी रखी गई. थीम के तहत घड़ी चौक से नशामुक्ति रैली निकाली गई. रैली को एसपी सूरज सिंह परिहार ने हरी झंडी दिखाई. रैली के दौरान दिव्यांग दूल्हों को हेलमेट भी भेंट किया गया.
सामूहिक विवाह में निभाई गई हर रस्म
इस खास और अनोखे विवाह में जनप्रतिनिधियों के अलावा अधिकारी भी शामिल हुए. आम शादियों की तरह ही बारातियों का स्वागत सत्कार हुआ.विवाह के लिए मंडप तैयार हुए और रीति रिवाजों के साथ दिव्यांग जोड़ों का सामूहिक विवाह संपन्न कराया गया.

दूल्हा दुल्हन ने फाउंडेशन को कहा धन्यवाद
इस मौके पर दूल्हा दुल्हन ने कहा उनके विवाह होने पर खुशी का माहौल है.हम विवाह कराने वाले संस्था को बहुत-बहुत धन्यवाद देते हैं. उन्होंने कहा कि नशा मुक्ति को लेकर आयोजन किया गया क्योंकि नशामुक्ति जीवन के लिए बहुत ही जरूरी है.
नशा करके व्यक्ति अपनी जान खो बैठते हैं. नशा से कैंसर होता है. शादी के सातवें वचन के बाद नशामुक्ति को आठवें वचन के रूप में निभाएंगे. नशा करने से परिवार टूट जाता है. पूरनदास साहू, दूल्हा
दिव्यांगों के लिए फाउंडेशन की सोच
कन्यादान करने वाले समाजसेवी रितुराज पवार ने कहा कि एक्जेक्ट फाउंडेशन दिव्यांगों के लिए बहुत वर्षों से काम कर रही है. फाउंडेशन ने तीन दिव्यांगों का सामूहिक विवाह किया. जिसमें एक कन्या का कन्यादान करने का अवसर प्राप्त हुआ.

मैं बहुत ही सौभाग्यशाली हूं. इस नेक काम के लिए एक्जेक्ट फाउंडेशन धन्यवाद के पात्र हैं. ऐसे कार्यों में बढ़ चढ़कर सभी संस्था को हिस्सा लेना चाहिए.- रितुराज पवार , समाज सेवी

दिव्यांगों के विवाह का उठाया जिम्मा
रितु पवार ने इस मौके पर कहा कि हमारे शास्त्र और सनातन में लिखा है कि जितने भी दान होते हैं, उनमें कन्यादान सबसे बड़ा दान है. इस मौके पर समाजसेवी संगठन के अध्यक्ष ने कहा कि अक्सर दिव्यांगों की शादी को लेकर कई तरह की सामाजिक, आर्थिक बाधाएं आती हैं. भेदभाव, असमानता जैसी दिक्कतें भी आती हैं. दिव्यांग भी समाज के ही अंग हैं. दिव्यांगों को समान अवसर और समर्थन देने के उद्देश्य से ही यह आयोजन संस्था पिछले 4 साल से कर रही है.
अब तक 18 जोड़ों का विवाह करा चुके हैं. इस वर्ष नशामुक्ति थीम पर सामूहिक विवाह का आयोजन किया गया है. 27 दिसंबर को हल्दी, मेहंदी, संगीत का कार्यक्रम हुआ. 28 दिसंबर को हिन्दू रीति रिवाज के साथ विवाह संपन्न हुआ- लक्ष्मी सोनी, अध्यक्ष एक्जेक्ट फाउंडेशन
आपको बता दें कि दिव्यांग जोड़ों में किशन यादव संग ललिता यादव, पूरनदास साहू संग चंद्रमुखी साहू, धीरेंद्र कुमार गजेंद्र संग द्रोपती निषाद का विवाह हुआ. एक जोड़े का समाजसेवी रितुराज पवार, एक का नरेंद्र साहू और एक जोड़े का नीलेश सालुंके ने कन्यादान किया. विवाह स्थल सरस्वती शिशु मंदिर में बारात स्वागत के बाद वर वधू ने एक दूसरे को वरमाला पहनाया. इसके बाद विधायक ओंकार साहू ने सभी जोड़ों सहित उपस्थित लोगों को नशामुक्ति का संकल्प दिलाया.
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