"मंच की गरिमा पर नहीं होगा समझौता, मैंने किसी का अपमान नहीं किया”, विवाद पर फिर बोले मासूम शर्मा
हरियाणवी सिंगर मासूम शर्मा ने जींद कार्यक्रम विवाद पर सफाई देते हुए कहा कि मंच की गरिमा बनाए रखना ही उनका उद्देश्य था.

Published : February 24, 2026 at 11:48 AM IST
जींद: जिले में आयोजित एक निजी पारिवारिक समारोह के दौरान हरियाणवी गायक मासूम शर्मा से जुड़ा विवाद तूल पकड़ गया था. यह कार्यक्रम उनके रिश्तेदार के परिवार में रखा गया था. इसी दौरान गांव मुआना के पूर्व सरपंच राजेंद्र शर्मा और उनके कुछ समर्थकों के स्टेज पर बैठने को लेकर कहासुनी हो गई. स्थिति उस समय बिगड़ गई जब समर्थकों और सुरक्षा कर्मियों के बीच धक्का-मुक्की की नौबत आ गई. अब इस पूरे घटनाक्रम पर गायक ने विस्तार से अपनी सफाई दी है.
“मैंने किसी का अपमान नहीं किया”: मासूम शर्मा ने कहा कि, " मैंने किसी को जानबूझकर मंच से हटाने या अपमानित करने की कोशिश नहीं की. मैं पूर्व सरपंच को व्यक्तिगत रूप से नहीं पहचानता था, क्योंकि मेरा उस गांव से सीधा संपर्क बहुत कम रहा है. स्टेज पर बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे, जिससे मेरे साथी कलाकारों को प्रस्तुति देने में दिक्कत हो रही थी. इसी वजह से मैंने सामान्य तौर पर मंच खाली करने का अनुरोध किया था, ताकि कार्यक्रम सुचारु रूप से चल सके."
एक टिप्पणी से बढ़ा विवाद: गायक के मुताबिक जब उन्होंने मंच खाली करने को कहा तो नीचे से यह आवाज आई कि “सरपंच नीचे नहीं उतरता.” इसी बात ने माहौल को गरमा दिया और बात आपसी अहं तक पहुंच गई. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि “70 सरपंच” वाली टिप्पणी हरियाणा में प्रचलित एक कहावत के रूप में कही गई थी, किसी जनप्रतिनिधि का अपमान करने के इरादे से नहीं. अगर उनके शब्दों से किसी को ठेस पहुंची है तो वे उन्हें वापस लेने को तैयार हैं.
मंच की मर्यादा पर दिया जोर: मासूम शर्मा ने कहा कि, "किसी भी कलाकार के लिए मंच उसका कार्यस्थल होता है और वहां अनुशासन जरूरी है. कार्यक्रम में हरियाणा विधानसभा के डिप्टी स्पीकर कृष्ण मिड्ढा भी मौजूद थे, लेकिन उन्होंने दर्शकों के बीच बैठकर ही कार्यक्रम देखा. यदि प्रस्तुति के दौरान व्यवधान डाला जाएगा तो कलाकार को अपनी बात रखने का अधिकार है."
पंचायत की चर्चा पर प्रतिक्रिया: पूर्व सरपंच की ओर से पंचायत बुलाने की बात सामने आने पर मासूम शर्मा ने कहा कि, "कुछ लोगों के इकट्ठा होने से पंचायत नहीं हो जाती. राज्य में हजारों सरपंच हैं और उनके कार्यक्रमों में विभिन्न गांवों के जनप्रतिनिधि भी शामिल होते हैं." गायक ने इस पूरे मामले को गलतफहमी और संचार की कमी का परिणाम बताते हुए कहा कि, "अनावश्यक विवाद से बचना चाहिए. मेरा उद्देश्य केवल कार्यक्रम को व्यवस्थित रखना था, किसी की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाना नहीं."
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