कोटा: श्मशान ले जाने से ठीक पहले रोकी गई विवाहिता की अर्थी, पिता ने लगाया हत्या का आरोप
कोटा में एक विवाहिता की मौत पर मायके पक्ष ने अंतिम संस्कार रुकवाकर हत्या का आरोप लगाया.

Published : March 1, 2026 at 7:33 AM IST
कोटा : शहर में शनिवार को एक विवाहिता की मौत के बाद उस समय भारी हंगामा खड़ा हो गया, जब अंतिम संस्कार की तैयारियों के बीच मायके पक्ष ने हत्या की आशंका जताते हुए पुलिस बुला ली. पुलिस ने श्मशान ले जाने के लिए तैयार अर्थी से शव को अपने कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए एमबीएस अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया. पोस्टमार्टम शनिवार को नहीं हो सका. अब मेडिकल बोर्ड द्वारा रविवार को पोस्टमार्टम किया जाएगा, जिसके बाद ही मौत के असली कारणों का खुलासा हो पाएगा. पुलिस फिलहाल मामले के हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है.
मामला गुमानपुरा थाना क्षेत्र के छावनी रामचंद्रपुरा इलाके का है. गुमानपुरा थानाधिकारी महेश कारवाल ने बताया कि छावनी रामचन्द्रपुरा निवासी गजराज सिंह की 6 साल पहले शादी उत्तर प्रदेश की रहने वाली प्रतिमा के साथ हुई थी. शनिवार को अस्पताल में इलाज के दौरान प्रतिमा की मौत हो गई. ससुराल पक्ष ने मौत का कारण बीमारी बताते हुए अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू कर दी थी.
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जब मृतका के पिता सत्येंद्र सिंह उत्तर प्रदेश से कोटा पहुंचे, तो उन्होंने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए. उसके अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए उत्तर प्रदेश से पिता सत्येंद्र सिंह पहुंचे थे, जिन्होंने आरोप लगाया है कि प्रतिमा की कोई संतान नहीं होने के चलते ससुराल पक्ष के लोग प्रताड़ित करते थे. यहां तक की दहेज की मांग भी की जा रही थी. उन्होंने दहेज की मांग और हत्या की आशंका जताते हुए पुलिस को शिकायत दी. सब इंस्पेक्टर देवकीनंदन दुबे का कहना है कि पिता सत्येंद्र की शिकायत पर प्रकरण भी दर्ज किया गया है. मामले की जांच शुरू कर दी गई है. दूसरी ओर, प्रतिमा के पति गजराज सिंह ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है. उनका कहना है कि प्रतिमा के पेट में गांठ थी, जिसके इलाज के लिए उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था. उपचार के दौरान ही उसकी मृत्यु हुई है.

