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IITians का गांव पटवाटोली, बुनकरों की इस बस्ती में छात्रों ने लहराया परचम

जेईई एडवांस 2026 में फिर पटवा टोली का जलवा कायम रहा. 30 छात्र-छात्राओं ने कामयाबी का झंडा गाड़ा है. पढ़ें पूरी खबर..

JEE ADVANCED 2026
जेईई एडवांस में पटवा टोली का जलवा (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Bihar Team

Published : June 3, 2026 at 1:37 PM IST

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गया: बिहार के आईआईटियन गांव से प्रसिद्ध गया के पटवा टोली के छात्र-छात्राओं ने एक बार फिर जेईई एडवांस में बड़ी संख्या में सफल होने की परंपरा को बरकरार रखा है. पटवा टोली, सूर्यपोखर, मानपुर और मुफस्सिल क्षेत्र से 30 से अधिक छात्र-छात्राएं अच्छे रैंक से सफल हुए हैं, जिन्हें देश के बड़े आईआईटी एनआईटी या ट्रीपल आईटी मिलने की संभावना है.

आईआईटियन गांव पटवा टोली का जलवा बरकर: इन में अकेले 'वृक्ष द चेंज' के 10 से अधिक छात्र-छात्राएं हैं, जो अच्छा रैंक प्राप्त कर सफल हुए हैं. इसी तरह 'ब्रिटिश स्कूल' और 'ब्रिटिश गुरुकुल' से लगभग 18 छात्र-छात्राएं सफल हुए हैं. हालांकि 'ब्रिटिश इंग्लिश स्कूल' और 'ब्रिटिश स्कूल' के छात्रों में कुछ छात्र दूसरे मोहल्ले और इलाके के भी शामिल हैं.

साधारण परिवार से रखते हैं संबंध: सफल होने वाले छात्र छात्राएं बेहद साधारण परिवार से संबंध रखते हैं. इनमें कुछ के पिता गार्ड हैं तो किसी के पिता कारखाने में मजदूरी करते हैं. गयाजी के शुभम कुमार की तरह ही कई छात्रों ने अच्छा रैंक हासिल किया. हालांकि शुभम ने ऑल इंडिया-1 रैंक हासिल किया है. गयाजी के ही समीर राज 737 वीं रैंक हासिल हुई है. समीर की ये रैंक ईडब्ल्यूएस कैटेगरी में बनी है लेकिन इनकी सफलता इसलिए भी खास है, क्योंकि इनके पिता एक आटा चक्की मिल में काम करते हैं. समीर राज ने 'ब्रिटिश गुरुकुल' से जेईई मेन और एडवांस की तैयारी की थी.

इसी स्कूल से पढ़ कर आयुष कुमार ने 5180 वां रैंक प्राप्त किया है. स्कूल के डायरेक्टर भीम राज प्रसाद ने बताया कि उनके संस्थान से 18 छात्र-छात्राओं ने सफलता हासिल किया है. इनमें पटवा टोली समेत दूसरे संस्थानों के भी छात्र शामिल हैं. ऑल इंडिया रैंक-1 लाने वाले शुभम कुमार ने कोटा से पहले ब्रिटिश गुरुकुल में ही जेईई मेन की तैयारी की थी. ब्रिटिश इंग्लिश स्कूल से ही शुभम ने 12वीं बोर्ड की परीक्षा दी थी, जिसमें उनका कुल प्रतिशत 96.8 था.

"इस बार भी सिर्फ पटवा टोली ही नहीं बल्कि आस पड़ोस के दर्जनों छात्रों ने सफलता हासिल किया है. जेईई एडवांस जैसी कठिन परीक्षा में सफल हो कर छात्रों ने साबित कर दिया है कि बिहार में भी रह कर बड़ी परीक्षा की तैयारी बिहारी छात्र कर सकते हैं."- भीम राज प्रसाद, निदेशक, ब्रिटिश स्कूल

परंपरा अब भी बरकरार: जेईई एडवांस का रिजल्ट आते ही विक्ट्री के जश्न की आवाज में पटवा टोली के पॉवर लूम की खटखट की आवाज भी धीमी पड़ गई है. रिजल्ट जारी होते ही परिणाम देखने की होड़ मच गई थी. हालांकि ज्यादातर छात्र गर्मी की छुट्टियां बिताने के लिए या फिर आगे की अपनी तैयारी के लिए बड़े शहरों में चले गए हैं. ऐसे में उनके माता-पिता और उनके शिक्षक रिजल्ट देखने को बेताब नजर आए. वृक्ष द चेंज के संस्थापक चंद्रकांत पांडेशवरी भी परिणाम से संतुष्ट दिखे.

"पटवा टोली और उसके पड़ोस के मोहल्ले से 70 से अधिक छात्रों ने एडवांस की परीक्षा दी थी. इसमें अकेले उनकी संस्था से 32 छात्र छात्राओं ने एडवांस की परीक्षा दी है. 10 छात्रों का रिजल्ट तो उन तक पहुंच चुका है. जिनमें इनकी अच्छी परफॉर्मेंस ने पटवा टोली की परंपरा को बरकर रखा है."- चंद्रकांत पांडेशवरी, संस्थापक, वृक्ष द चेंज

10 छात्रों का रैंक 10000: चंद्रकांत पांडेशवरी ने बताया कि ज्यादातर छात्राएं बाहर गए हुए हैं. इसलिए उनका रिजल्ट कलेक्ट करने में अभी थोड़ा वक्त लगेगा लेकिन अबतक उनके पास लगभग 10 छात्राओं का रिजल्ट आ चुका है. जिनमें लगभग 6 छात्र-छात्राओं का रैंक 10 हजार से कम है, जबकि कुछ का रैंक 10 हजार से ऊपर है.

इन्होंने सफलता हासिल की: चंद्रकांत पांडेशवरी ने बताया कि वृक्ष द चेंज से जिन छात्रों ने सफलता हासिल किया है, उनमें अगस्त्या ने 6733वां रैंक प्राप्त किया है, जबकि स्पंदन 7899, विद्या का 10517, ओम का 10668, अभिषेक का 1291वां और एड्रिजा का 16151वां रैंक है. इनमें अभिषेक को एससी कैटेगरी में 1291 रैंक आया है. इसके अलावा चार और छात्र आए हैं, जिन्होंने एडवांस में सफलता प्राप्त की है.

ओम के पास नामांकन के भी पैसे नहीं: निशुल्क पढ़ाई करने वाले ओम बेहद साधारण परिवार से संबंध रखते हैं. उनके पास इतने भी पैसे नहीं थे कि वे किसी ऑनलाइन संस्थान से शिक्षा लें. उस परिस्थिति में वृक्ष द चेंज ने उनकी तैयारी का बीड़ा उठाया. आज उनको भले ही 10668 आया है लेकिन उनके पिता के पास इतने पैसे नहीं है कि उनका नामांकन करा सकें. उनके पिता कारखाने में मजदूरी करते हैं.

दूसरी बार में हासिल की सफलता: एक छात्रा विद्या रानी ने कहा कि उसका 10517 रैंक आया है. उनके पिता किसान हैं और वह लगातार वृक्ष द चेंज तैयारी कर रही थी. हालांकि पिछले साल उसने इस तरह की सफलता के लिए ड्रॉप ईयर लिया था. पिछले साल 2025 में जेईई मेन उसका अच्छा प्रदर्शन नहीं हुआ था जिसकी वजह से वो एडवांस तक नहीं पहुंच सकी थी लेकिन उसने हिम्मत नहीं हारी. अब आईआईटी जाने का सपना उसका पूरा होगा.

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