कार्यकर्ता सुनवाई के बीच मंत्री गोदारा का तंज: 'राहुल गांधी की शादी हो जाए तो वे भी सुधर जाएंगे'
भाजपा के प्रदेश मुख्यालय पर चल रही कार्यकर्ता सुनवाई में जिस मंत्री को आना था, वे नहीं आए. ऐसे में दूसरे मंत्री ने समस्याएं सुनी.

Published : December 30, 2025 at 4:04 PM IST
जयपुर: भाजपा के प्रदेश मुख्यालय पर खाद्य मंत्री सुमित गोदारा और राजस्व मंत्री हेमंत मीणा ने मंगलवार को कार्यकर्ताओं की सुनवाई की. इस सुनवाई में 58 परिवेदनाएं आईं. राजस्व मंत्री हेमंत मीणा ने कहा कि कार्यकर्ता सुनवाई से आमजन के काम हो रहे हैं, जिससे जनता के बीच सरकार और संगठन का अच्छा संदेश जा रहा है. खाद्य मंत्री सुमित गोदारा ने कहा कि 10 साल पहले वे भी पार्टी कार्यालय पर कार्यकर्ता बनकर समस्याएं लेकर आते थे. साथ ही उन्होंने ये भी बताया कि खाद्य सुरक्षा योजना से 80 लाख लोगों ने लाभ लेना छोड़ दिया है, जबकि 72 लाख नए लाभार्थी जुड़े हैं. प्रियंका गांधी के बेटे रेहान वाड्रा की सगाई के सवाल पर गोदारा ने कहा, 'अच्छी बात है कि उनके बेटे की शादी हो रही है, लेकिन राहुल गांधी भी शादी कर लें तो वे भी सही चलने लग जाएंगे.'
खाद्य मंत्री गोदारा ने बताया कि प्रदेश में खाद्य सुरक्षा योजना के कुल लाभार्थियों में से लगभग 18 से 20 प्रतिशत लोगों ने स्वेच्छा से खाद्य सुरक्षा छोड़ी, जिससे वास्तविक जरूरतमंदों को इसका लाभ मिल सका. गोदारा ने बताया कि वर्तमान में करीब 11 लाख आवेदन लंबित हैं, जिनका शीघ्र निस्तारण किया जाएगा. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गैस सिलेंडर सब्सिडी छोड़ने की अपील के बाद देशभर में जनभागीदारी का वातावरण बना और उसी तर्ज पर राजस्थान में भी खाद्य सुरक्षा योजना के तहत बड़ी संख्या में लोगों ने स्वेच्छा से लाभ छोड़ा. इससे नए पात्र लाभार्थियों को योजना से जोड़ा जा सका.
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अरावली पर सरकार पहले से कटिबद्ध थी: अरावली पर्वतमाला के संरक्षण मामले पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर गोदारा ने कहा कि भाजपा सरकार ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि एक इंच भी अरावली से खनन नहीं होने दिया जाएगा. सुप्रीम कोर्ट का फैसला तो बाद में आया है. हमारी सरकार ने पहले से अपनी कटिबद्धता जाहिर कर दी थी. अरावली का संरक्षण करना हमारी प्राथमिकता है और इस दिशा में हमारी सरकार लगातार काम कर रही है. गोदारा ने कहा कि इसे भले ही राजनीतिक मुद्दा बनाने की कोशिश की गई हो, लेकिन सरकार पहले दिन से स्पष्ट थी कि अरावली में खनन नहीं होने दिया जाएगा.
कार्यकर्ता सुनवाई में आए 58 मामले: राजस्व मंत्री हेमंत मीणा ने बताया कि सुनवाई के दौरान कुल 58 मामले सामने आए, जिनका मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया. उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता पार्टी की रीढ़ हैं. उनकी समस्याओं का समयबद्ध समाधान सरकार व संगठन की प्राथमिकता है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि कार्यकर्ताओं से प्राप्त सुझावों और समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर शीघ्र कार्रवाई की जाएगी.
तय समय पर नहीं पहुंचे मंत्री: सुनवाई के दौरान मंत्री निर्धारित समय पर तय मंत्री उपस्थित नहीं हुए. कार्यकर्ताओं को पहले यह जानकारी दी गई थी कि सामाजिक न्याय अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत शामिल होंगे, लेकिन वे अनुपस्थित रहे. निर्धारित समय पर मंत्री के नहीं पहुंचने से कुछ समय तक कार्यकर्ताओं में भ्रम की स्थिति बनी रही. इसी बीच सुबह करीब 11:15 बजे राजस्व मंत्री हेमंत मीणा मुख्यालय पहुंचे और उन्होंने सुनवाई की जिम्मेदारी संभाली. बाद में, मंत्री अविनाश गहलोत की अनुपस्थिति की भरपाई के लिए खाद्य मंत्री सुमित गोदारा करीब 11:50 बजे पहुंचे. इसके बाद सुनवाई को आगे बढ़ाया गया. उधर, मंत्री हेमंत मीणा ने कहा कि सुनवाई तय समय से 15 मिनट देर से शुरू हुई, लेकिन इसकी भरपाई एक घंटे अतिरिक्त समय देकर की गई.

