कान में ब्लूटूथ लगाकर दे रहा था एग्जाम, बिहार पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा में 12 अभ्यर्थी गिरफ्तार
बिहार पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा में 12 अभ्यर्थियों को गिरफ्तार किया गया है. बेतिया में कान में ब्लूटूथ लगाकर एग्जाम दे रहा था. पढ़ें..

Published : June 28, 2026 at 6:54 PM IST
बेतिया: बिहार पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा के अंतिम दिन पश्चिम चंपारण के बेतिया से नकल का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. बेतिया के विपिन उच्च विद्यालय परीक्षा केंद्र पर एक परीक्षार्थी को डिजिटल तकनीक के सहारे नकल करते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया. परीक्षा केंद्र पर तैनात सुरक्षाकर्मियों की सतर्कता से यह पूरा मामला सामने आया.
कान में ब्लूटूथ लगाकर दे रहा था एग्जाम: परीक्षा के दौरान ड्यूटी पर तैनात बिहार पुलिस के जवानों को एक परीक्षार्थी की गतिविधियां संदिग्ध लगीं. इसके बाद जवानों ने उसकी जांच की. तलाशी के दौरान उसके पास से डिजिटल उपकरण बरामद किया गया, जिसका इस्तेमाल वह परीक्षा में नकल करने के लिए कर रहा था. बताया जा रहा है कि परीक्षार्थी कान में बेहद छोटा ब्लूटूथ डिवाइस लगाकर परीक्षा दे रहा था.

आखिरी 5 मिनट में पकड़ा गया परीक्षार्थी: सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि परीक्षार्थी परीक्षा खत्म होने के महज 5 मिनट पहले पकड़ा गया. सुरक्षाकर्मियों की नजर पड़ते ही उसकी जांच की गई और डिजिटल उपकरण बरामद होने के बाद उसे तुरंत हिरासत में ले लिया गया. मामले में पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी हुई है.
नवादा का रहने वाला है छात्र: गिरफ्तार परीक्षार्थी की पहचान बिहार के नवादा जिले के पताहा गांव निवासी अजय कुमार के रूप में हुई है. पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है. जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि अजय कुमार ने यह डिजिटल उपकरण खुद इस्तेमाल किया था या इसके पीछे कोई संगठित नकल गिरोह काम कर रहा है.
केंद्र पर उठे गंभीर सवाल: वहीं, परीक्षा केंद्र पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं. इतनी सख्ती और जांच के बावजूद आखिर डिजिटल डिवाइस परीक्षा केंद्र के अंदर कैसे पहुंच गया, यह जांच का विषय बना हुआ है. बताया जा रहा है कि इस्तेमाल किया गया ब्लूटूथ उपकरण इतना छोटा और पतला था कि वह आसानी से कान के अंदर फिट हो गया था, जिससे शुरुआती जांच में उसे पकड़ पाना मुश्किल था.
राज्यभर से 12 अभ्यर्थी गिरफ्तार: बिहार पुलिस भर्ती परीक्षा को पूरी तरह कदाचारमुक्त और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के लिए बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग (सीएसबीसी) द्वारा किए गए व्यापक इंतजाम सफल साबित हुए हैं. परीक्षा के दौरान कदाचार के आरोप में अब तक 17 अभ्यर्थियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है, जबकि 12 अभ्यर्थियों को गिरफ्तार किया गया है.

कहां कितने परीक्षार्थी गिरफ्तार?: लिखित परीक्षा के लिए एक पाली में कुल 2,82,823 अभ्यर्थियों को प्रवेश पत्र जारी किए गए थे. परीक्षा के बाद प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार कदाचार के आरोप में पटना, नवादा, कैमूर (भभुआ), मुजफ्फरपुर, पश्चिमी चंपारण, दरभंगा, कटिहार, मुंगेर और खगड़िया समेत नौ जिलों में कुल 11 प्राथमिकी दर्ज की गई हैं. इन मामलों में 17 अभ्यर्थियों को आरोपी बनाया गया, जिनमें से 12 अभ्यर्थियों की गिरफ्तारी हो चुकी है.
आयोग की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग में 'मद्य निषेध सिपाही', गृह विभाग (कारा) में 'कक्षपाल', परिवहन विभाग में 'चलंत दस्ता सिपाही', बिहार पुलिस विशेष शाखा में 'सिपाही (सामान्य बंद संवर्ग)' तथा बिहार पुलिस दूरसंचार इकाई में 'सिपाही (चालाक)' के हजारों पदों के लिए लिखित परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराई गई.
आयोग ने बताया कि परीक्षा की निगरानी के लिए पटना में अत्याधुनिक कमांड एंड कंट्रोल सेंटर बनाया गया था. यहां से राज्यभर के 544 तथा 431 परीक्षा केंद्रों की लाइव सीसीटीवी स्ट्रीमिंग के माध्यम से लगातार निगरानी की गई. जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन और केंद्राधीक्षकों को समय-समय पर आवश्यक सूचनाएं उपलब्ध कराई गईं, जिससे किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई संभव हो सकी.
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