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मंशाराम हत्याकांड; अजय सिपाही समेत तीन को आजीवन कारावास, जानिये कब हुई थी वारदात?

सहायक शासकीय अधिवक्ता के मुताबिक, यह प्रकरण 23 मार्च 2016 का है.

कोर्ट ने सुनाई सजा
कोर्ट ने सुनाई सजा (Photo credit: ETV Bharat)
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By ETV Bharat Uttar Pradesh Team

Published : February 24, 2026 at 4:44 PM IST

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अंबेडकरनगर : बहुचर्चित मंशाराम यादव हत्याकांड में माफिया अजय प्रताप ऊर्फ अजय सिपाही, मुलायम यादव व अजय यादव को एडीजे कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. दोषी करार दिए जाने के दिन गत 21 फरवरी के दौरान अदालत में मौजूद अजय सिपाही समेत तीनों अभियुक्तों को जेल भेज दिया गया था. फैसले की अगली तिथि 24 फरवरी तय की गई थी.

सहायक शासकीय अधिवक्ता सुभाष वर्मा के मुताबिक, यह प्रकरण 23 मार्च 2016 का है. 24 मार्च 2016 को सुल्तानपुर जिले के जयसिंहपुर थाने के भोवापार इलाके के पास नहर में दोस्तपुर थाना इलाके के किशनागरपुर निवासी मंशाराम यादव की लाश मिली थी. मामले में मृतक के मामा ने मुलायम यादव, अजय यादव, सपा के तत्कालीन ब्लॉक प्रमुख अजय सिंह ऊर्फ अजय सिपाही उनके भाई विजय प्रताप सिंह तथा दो अन्य के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कराया था. इसके बाद मृतक की बुआ चंद्रावती ने भी एक अन्य मुकदमा दर्ज कराया.

प्रकरण में आरोप था कि मुलायम यादव व अजय यादव किशनागरपुर घर आए थे और मंशाराम यादव को बुलाकर महरुआ बाजार ले गए थे. मंशाराम महरुआ चौराहे पर पान की दुकान करता था. घर न लौटने पर जब खोजबीन की गई तो बताया गया कि मुलायम व अजय यादव उसे लेकर लोकनाथपुर गांव थाना महरुआ गए हैं, जहां पर दावत थी. वहां पता करने पर इस बात की जानकारी हुई कि अजय सिपाही के नवनर्मित घर में गोली चली है और कहीं लेकर गए हैं.

दूसरे दिन सुल्तानपुर जिले के जयसिंहपुर थाना क्षेत्र के एक नहर में शव मिलने की जानकारी हुई, वहां पहुंचकर देखा तो वह लाश मंशाराम की थी. आरोप यह भी था कि मंशाराम को माफिया अजय सिपाही के नवनिर्मित घर पर ले जाकर गोली मारी गई थी. इसके बाद कपड़े में लपेटकर उसे रविंद्र नाथ पांडेय व गिरेंद्र पांडेय के घर शव ले जाकर रखा गया और रात में दूसरे जिले में नहर में ले जाकर फेंक दिया गया. पुलिस ने प्रकरण में नामजद और अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था.

इसी मामले में पुलिस ने न्यायालय के समक्ष आरोप पत्र दाखिल किया. अंतिम सुनवाई तक प्रकरण में चार आरोपियों के नाम शेष बचे थे. इनमें माफिया अजय सिपाही, मुलायम यादव, अजय यादव व गिरेंद्र पांडेय शामिल थे. प्रकरण की सुनवाई व पुलिस द्वारा दाखिल किए गए आरोप पत्र का विचारण करते हुए, दोनों पक्षों के वकीलों की दलीलों को सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम रामविलास सिंह ने यह आदेश पारित किया कि मंशाराम हत्याकांड में माफिया अजय सिपाही, मुलायम यादव व अजय यादव हत्या, साजिश और साक्ष्य मिटाने के दोषी पाए गए हैं, जबकि एक अन्य आरोपी गिरेंद्र पांडेय को आरोपी से मुक्त कर दिया गया है.

सुनवाई के दौरान मुख्य आरोपियों में शामिल अजय सिपाही, मुलायम यादव व अजय यादव मौजूद थे, जिन्हें अदालत में जेल भेज दिया और फैसले के लिए 24 फरवरी की तिथि निर्धारित की थी. एडीजे प्रथम राम विलास सिंह ने मामले में फैसला सुनाते हुए तीनों आरोपियों को आजीवन कारावास और दस-दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है. एक आरोपी मुलायम यादव को आर्म्स एक्ट मामले में तीन साल की सजा और तीन हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है. सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी. फैसले की तिथि तय होने के चलते अदालत परिसर के बाहर बड़े पैमाने पर सुरक्षा व्यवस्था की गई थी.


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