केजरीवाल के बरी होने पर बोले मनोज तिवारी- जनता की नाराजगी ने किया सत्ता परिवर्तन
बीजेपी संंसद मनोज तिवारी ने एक बार फिर आम आदमी पार्टी और उसके नेतृत्व पर आबकारी नीति मामले को लेकर लगाए गंभीर आरोप.

Published : February 27, 2026 at 7:16 PM IST
नई दिल्ली: दिल्ली में बीजेपी सांसद मनोज तिवारी ने शुक्रवार को आम आदमी पार्टी और उसके नेतृत्व पर आबकारी नीति मामले को लेकर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार और भ्रष्टाचारियों के कई हाथ-पांव होते हैं, लेकिन कानून को साक्ष्य नष्ट कर लंबे समय तक भ्रमित नहीं किया जा सकता. भाजपा सांसद ने कहा कि न्यायालय के फैसले को सच की जीत बताने वाले आप नेताओं से दिल्ली की जनता यह जानना चाहती है कि, अगर शराब नीति सही थी तो उसे वापस क्यों लिया गया. जब से आम आदमी पार्टी के नेताओं पर भ्रष्टाचार के आरोप साक्ष्यों के साथ सामने आए, तब से साक्ष्य मिटाने की कोशिशें होती रहीं.
उन्होंने कहा कि दिल्ली की माताओं और बहनों को यह भलीभांति पता है कि किस प्रकार इस नीति के जरिए युवाओं को प्रभावित करने का प्रयास किया गया. व्यापारियों के साथ कथित कमीशनखोरी का भी उन्होंने उल्लेख किया. उन्होंने दावा किया कि दिल्ली की जनता ने इन मुद्दों पर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए सत्ता परिवर्तन किया.
कई जमानत याचिकाएं सर्वोच्च अदालत ने ठुकराई: मनोज तिवारी ने यह भी कहा कि अरविंद केजरीवाल की कई जमानत याचिकाएं सर्वोच्च अदालत की ओर से ठुकराई गईं और उन्हें मुख्यमंत्री के रूप में फाइलों पर हस्ताक्षर करने से रोका गया था. यह दर्शाता है कि मामला गंभीर है और इसके लिए पारदर्शिता आवश्यक है. आबकारी नीति के कारण सार्वजनिक खजाने को भारी नुकसान हुआ और कुछ निजी ठेकेदारों को अनुचित लाभ पहुंचा. साथ ही आप नेताओं तक कथित रूप से किकबैक पहुंचने की आशंका भी जताई. उन्होंने मांग की कि अगर नीति में कोई अनियमितता नहीं थी तो जांच शुरू होते ही उसे वापस क्यों लिया गया, इसका स्पष्ट जवाब दिया जाए.
लोग पूरी सच्चाई जानने की हकदार: बीजेपी सांसद मनोज तिवारी ने कहा कि भाजपा इस मुद्दे को राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर तब तक उठाती रहेगी, जब तक पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित नहीं होती और जिम्मेदारों को दंडित नहीं किया जाता. उन्होंने कहा, यह केवल कानूनी मुद्दा नहीं, बल्कि जनता के विश्वास का सवाल है. दिल्ली के लोग पूरी सच्चाई जानने के हकदार हैं.
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