मनीष कुंजाम ने सरकार को घेरा, बैलाडीला में खनन, बोधघाट परियोजना और धर्मांतरण के मुद्दे उठाए
बस्तर राज मोर्चा के प्रमुख मनीष कुंजाम ने जगदलपुर में प्रेसवार्ता कर कई मुद्दों पर केंद्र और राज्य सरकार को घेरा

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : June 30, 2026 at 6:30 PM IST
जगदलपुर: बस्तर राज मोर्चा प्रमुख मनीष कुंजाम ने छत्तीसगढ़ के बस्तर में चल रहे बैलाडीला डिपॉजिट नम्बर के खनन, बारसूर में प्रस्तावित बोधघाट परियोजना और अवैध धर्मान्तरण जैसे गंभीर मुद्दे पर सवाल उठाए.
जल जंगल जमीन से जुड़े मुद्दे नजरअंदाज-मनीष कुंजाम
मनीष कुंजाम ने केंद्र और राज्य सरकार के साथ-साथ प्रमुख राजनीतिक दलों पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि बस्तर के प्राकृतिक संसाधनों, जल, जंगल और जमीन से जुड़े मामलों में स्थानीय लोगों की आवाज को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है.
निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग
बस्तर राज मोर्चा के प्रमुख मनीष कुंजाम ने बैलाडीला डिपॉजिट नंबर-4 में कथित अवैध खनन का मुद्दा उठाते हुए इसकी निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की. उन्होंने दावा किया कि खनन करने वाली कंपनी ने अपने रिकॉर्ड में करीब तीन लाख टन लौह अयस्क के उत्खनन और परिवहन का जिक्र किया है, जबकि मौके पर इस तरह का कोई कार्य दिखाई नहीं देता.
मनीष कुंजाम ने लगाए गंभीर आरोप
मनीष कुंजाम ने आरोप लगाया कि इस कथित गड़बड़ी की शिकायत संबंधित विभागों से की गई थी, लेकिन अब तक किसी भी स्तर पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई. उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को लेकर वे पहले बैलाडीला क्षेत्र के कई गांवों में पदयात्रा कर चुके हैं और दंतेवाड़ा में बड़ी जनसभा आयोजित कर प्रशासन को कार्रवाई के लिए समय भी दिया था.
मनीष कुंजाम ने कहा कि तय समयसीमा समाप्त होने के बाद भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया. राजनीतिक संरक्षण के कारण पूरे मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है.
बोधघाट परियोजना पर भाजपा कांग्रेस को घेरा
बहुप्रतीक्षित बोधघाट परियोजना को लेकर भी भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों पर निशाना साधा. उनका आरोप है कि सत्ता में रहते हुए दोनों दलों ने अलग-अलग समय पर इस परियोजना को राजनीतिक मुद्दा बनाया. लेकिन स्थानीय लोगों की सहमति और हितों को प्राथमिकता नहीं दी.
मनीष कुंजाम ने कहा कि इस परियोजना से प्रभावित होने वाले गांवों के लोगों की राय लिए बिना किसी भी प्रकार का निर्णय स्वीकार्य नहीं होगा. परियोजना से प्रभावित ग्राम सभाओं और पंचायतों से पेसा कानून के प्रावधानों के अनुरूप सहमति नहीं ली गई है.
जनआंदोलन तेज करने की चेतावनी
मनीष कुंजाम ने कहा कि आदिवासी क्षेत्रों में ग्राम सभा की अनुमति और स्थानीय लोगों की सहमति के बिना किसी भी खनन परियोजना को आगे बढ़ाना कानून और संविधान की भावना के विपरीत है.
उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि ग्राम सभाओं के अधिकारों का सम्मान नहीं किया गया और कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं हुआ तो बैलाडीला सहित पूरे बस्तर में जनआंदोलन को और तेज किया जाएगा.
धर्मांतरण के मुद्दे पर भी घेरा
मनीष कुंजाम ने यह भी दावा किया कि बस्तर में अमेरिका से आने वाले फंड के माध्यम से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और मिशनरी संगठनों द्वारा धर्मांतरण की गतिविधियां संचालित की जा रही हैं.
मनीष कुंजाम ने कहा कि सरकार से मांग है कि ऐसे फंड को तत्काल रोक दिया जाए ताकि अवैध धर्मान्तरण का खेल बस्तर में समाप्त हो जाये, लेकिन भाजपा यह कभी नहीं चाहती है, क्योंकि धर्मान्तरण के नाम पर भाजपा राजनैतिक रोटी सेंकने का काम करती है.

