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80 लाख की कार और गनमैन साथ, 10वीं पास ठग ने 20 करोड़ का फ्रॉड कर हिलाया मालवा

मंदसौर में 20 करोड़ की ठगी करने वाले आरोपी फरीदाबाद से गिरफ्तार, पैसे दोगुना करने का झांसा देकर की थी ठगी.

MANDSAUR 20 crore fraud
मालवा का महाठग पकड़ाया (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Madhya Pradesh Team

Published : January 3, 2026 at 12:18 PM IST

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Updated : January 3, 2026 at 12:36 PM IST

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मंदसौर: मालवा में चंद दिनों में पैसे दोगुना करने का झांसा देकर निवेशकों को फंसाने वाले बड़े ठग का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है. हैरानी की बात है कि आरोपी युवक मात्र 10वीं पास है, लेकिन उसने एक फर्जी कंपनी बनाकर साथी के साथ मिलकर 20 करोड़ रुपए की ठगी कर डाली. ठगी के पैसों से उसने अपने ऐशो आराम में कोई कमी नहीं रखी. घूमने के लिए 80 लाख की लग्जरी कार खरीदी थी. यहां तक की अपनी सुरक्षा के लिए गनमैन भी साथ रखता था. लेकिन कहते हैं न कोई क्राइम परफेक्ट नहीं होता. आखिरकार पुलिस उसे फरीदाबाद से ढ़ूढ़कर ले ही आई.

10वीं पास ने खोली कंपनी
जानकारी के मुताबिक, निवेश के नाम पर लोगों को झांसा देकर 20 करोड़ रुपये की ठगी करने वाली गैंग के सरगना सहित दो शातिर आरोपियों को गुरुवार को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. ठगी के इस गिरोह का मुख्य आरोपी अजय राठौर मंदसौर जिले के मल्हारगढ़ का निवासी है. उसने 3 साल पहले इन्वेस्टमेंट कंपनी की शुरुआत की थी. इसमें 15 फीसदी रकम सालाना रिटर्न देने का झांसा देकर लोगों से बड़ी राशि का निवेश करवाना शुरू करवाया था.

MANDSAUR fraud accused arrest
आरोपी ने ठगी के पैसों से खरीदी 80 लाख की कार (ETV Bharat)

साइबर क्राइम में माहिर हैं आरोपी
आरोपी अजय राठौर और उसका साथी आदित्य पालीवाल दोनों ही साइबर क्राइम में काफी माहिर है और एथिकल हैकिंग के खिलाड़ी माने जाते हैं. दोनों ही आरोपी सिम रहित मोबाइल का उपयोग करना, प्रोक्सी नेटवर्क उपयोग करना, वर्चुअल लोकेशन स्थापित करना जैसे साइबर क्राइम में माहिर हैं. बदमाशों ने निवेश के नाम पर कई लोगों से करीब 20 करोड़ रुपए ले लिए थे. लेकिन तय तिथि के बाद भी लोगों को ना फायदे के पैसे दिए और न ही उनके पैसे लौटाए. जब लोगों ने उनसे अपने पैसे वापस मांगे तो दोनों फरार हो गए. दोनों ही आरोपी लोगों से करोड़ों रुपए का गबन कर फरीदाबाद में ऐशो आराम की जिंदगी जी रहे थे.

72 लोगों ने दर्ज करवाई शिकायत
मंदसौर एसपी विनोद कुमार मीणा ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि, ''अपने साथ हुई ठगी को लेकर 2 जनवरी 2025 को विनय कुमठ नामक व्यक्ति ने थाना वाई डी नगर में आरोपी अजय राठौर के खिलाफ पहली शिकायत दर्ज की थी. इसके बाद एक हफ्ते भर के भीतर ही 72 लोगों ने शिकायत दर्ज करवाई. जिस पर पुलिस आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर उनकी तलाश में जुट गई थी. ठगी की इस बड़ी साजिश के बाद आरोपी लंबे समय से फरार थे और बार-बार ठिकाने बदलकर पुलिस को गुमराह कर कर रहे थे.''

फरीदाबाद में गार्मेंट्स शॉप चला रहे थे बदमाश
आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए मंदसौर जिले की पुलिस के साइबर सेल और संबंधित थानों की विशेष टीमों ने अपने तकनीकी विश्लेषण, डिजिटल सर्विलांस, मोबाइल लोकेशन, बैंक लेन-देन की जांच की. सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर तंत्र के जरिए से आरोपियों की लोकेशन हरियाणा के फरीदाबाद में मिली. जिस पर पुलिस फरीदाबाद पहुंची और एक गार्मेंट्स शॉप्स से दोनों को गिरफ्तार कर लियाा.

हालांकि तकनीकी टीम को उनके द्वारा उपयोग किए जाने वाले तरीकों को ब्रेक करने में भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा. दोनों ही आरोपी लोगों की शिकायत के बाद 1 साल से फरार थे. पुलिस ने दोनों आरोपियों से गबन किए गए रूपयों के संबंध में पूछताछ करना शुरू कर दी है और उनकी बेनामी संपत्ति और लिक्विड मनी की भी जांच की जा रही है.

लोगों से ठगे थे 20 करोड़ रुपए
मंदसौर एसपी विनोद कुमार मीणा ने बताया कि, ''दोनों आरोपियों के खिलाफ मंदसौर के वाईडी नगर थाने में धारा 318/4, 316 /5 और बीएस एवं 6/1 की धारा में प्रकरण पंजीकृत कर मामले की जांच की जा रही है. पुलिस टीम ने गोपनीय सूचना के आधार पर हरियाणा के फरीदाबाद में दबिश देकर गैंग के खास आरोपी अजय राठौर तथा उसके साथी आदित्य पालिवाल को गिरफ्तार किया. आरोपियों ने फर्जी कंपनियों के जरिए आकर्षक निवेश योजनाऐं बनाकर, अधिक मुनाफे का झांसा देते हुए आम लोगों से 20 करोड़ रुपये से अधिक की राशि ठगी.''

आरोपियों से लैपटॉप, दस्तावेज बरामद
गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लैपटॉप, मोबाइल फोन, डिजिटल दस्तावेज, बैंक खातों से संबंधित रिकॉर्ड तथा अन्य कई इलेक्ट्रॉनिक सबूत जब्त किए हैं. पुलिस द्वारा इनका बारीकी से परीक्षण किया जा रहा है. जांच एजेंसियों को आशंका है कि इस गिरोह से जुड़े बाकी आरोपी और झांसे में फंसे कई पीड़ित भी अब सामने आ सकते हैं. इस पूरे ऑपरेशन में साइबर सेल एवं तकनीकी विशेषज्ञों की भूमिका तगड़ी रही. इस मामले में फरार आरोपियों पर पुलिस अधीक्षक द्वारा इनाम घोषित किया गया था.

Last Updated : January 3, 2026 at 12:36 PM IST