मंडला का नाम बदलने के ऐलान से छिड़ा सियासी संग्राम, गोंडवाना गणतंत्र पार्टी का हल्लाबोल
मंडला का नाम बदलने के ऐलान के बाद गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने निषादराज भवन के सामने किया विरोध प्रदर्शन.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : January 6, 2026 at 11:07 PM IST
मंडला: प्रभारी मंत्री दिलीप जायसवाल और कैबिनेट मंत्री संपतिया उइके ने मंडला का नाम बदलने का ऐलान किया था. इसके खिलाफ मंगलवार को गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने निषादराज भवन के सामने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया. इस दौरान पार्टी के कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की और मंडला जिले का नाम बदलने के प्रस्ताव को जनभावनाओं के खिलाफ बताया.
आंदोलन और तेज करने की चेतावनी
प्रदर्शन के दौरान गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के नेताओं ने कहा कि मंडला जिले का ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व है, मंडला का नाम बदलना उचित नहीं है. बिना जनमत और स्थानीय लोगों से चर्चा किए इस तरह का निर्णय लिया जा रहा है, जो आदिवासी समाज और क्षेत्रवासियों की भावनाओं को आहत करता है. अगर नाम परिवर्तन का फैसला वापस नहीं लिया गया, तो पार्टी आंदोलन को और तेज करेगी.
शहर की संस्कृति से छेड़छाड़ का आरोप
गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष तुलेश्वर हीरा सिंह मरकाम ने कहा कि "धरना प्रदर्शन सोशल मीडिया में चल ही रहा था. सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ. जिसमें मंडला का नाम माहिष्मती मंडल रखने की मांग की गई. उसके विरोध में पुराना ग्रंथ पार्टी धरना प्रदर्शन आंदोलन का विज्ञापन दिया है. हमारे इतिहास के साथ छेड़छाड़ किया जा रहा है. यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा."

मंडला के इतिहास को मिटाने की कोशिश
उन्होंने आगे कहा कि "दुर्गावती पार्क का नाम पहले रेवांचल पार्क था. यहां का प्रशासन, भारतीय जनता पार्टी की सरकार और उनके विधायक मिलजुलकर हमारे इतिहास के साथ छेड़छाड़ कर रहे हैं. इसको बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. पुराना ग्रंथ पार्टी इसका कड़ा विरोध करती है. हमारे इतिहास को मिटाने की कोशिश की गई तो और बड़ा आंदोलन करेंगे."

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गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष इंजीनियर कमलेश टेकाम ने कहा कि "2 महीने पहले नर्मदा किनारे एक मंदिर में कार्यक्रम आयोजित की गई थी. जिसमें प्रभारी मंत्री दिलीप जायसवाल और कैबिनेट मंत्री संपतिया उइके पहुंची थी. कार्यक्रम में पूरा प्रशासन और मीडिया भी था. वहीं प्रभारी मंत्री को बोला गया कि मंडला का नाम बदलकर माहिष्मती मंडल रखा जाए. गोंडवाना गणतंत्र पार्टी और सारे सामाजिक संगठन इकट्ठा होकर अपना विरोध दर्ज किया है. हम लोग मंडला का नाम किसी भी तरीके से परिवर्तित नहीं होने देंगे."

