पीएम मोदी को गंगा आरती करवाने वाले पंडित करवाएंगे मंडी शिवरात्रि में ब्यास आरती, कल निकलेगी जलेब
सोमवार से मंडी शिवरात्रि महोत्सव की शुरुआत होगी. इस बार शिवरात्रि में कई नई गतिविधियों को भी जोड़ा गया है.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : February 15, 2026 at 4:43 PM IST
मंडी: अंतर्राष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं. सोमवार से मंडी शिवरात्रि महोत्सव की शुरुआत होगी. खास बात यह है कि इस वर्ष मंडी शहर की स्थापना के 500 वर्ष पूरे हो रहे हैं. पिछले दो वर्षों से चल रही निरंतर तैयारियों के बाद इस बार शिवरात्रि महोत्सव को एक नया और भव्य स्वरूप देने का प्रयास किया गया है.
इस बार इंटरनेशनल फेस्ट में सेरी मंच पर 12 से 13 देशों के कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे, जिससे महोत्सव को वैश्विक पहचान मिलेगी. शिवरात्रि मेले का मुख्य फोकस मंडी की संस्कृति, लोक परंपराओं और समृद्ध विरासत पर केंद्रित रहेगा. इस बार कई नई गतिविधियों को भी जोड़ा गया है, जिनमें छोटी काशी साहित्य उत्सव, मंडी आर्ट एंड क्राफ्ट फेस्टिवल और हेरिटेज वॉक प्रमुख हैं. इन आयोजनों के माध्यम से स्थानीय कलाकारों, साहित्यकारों और शिल्पकारों को मंच प्रदान किया जाएगा. इसके साथ ही 15 फरवरी शाम पंचवक्त मंदिर के समीप ब्यास आरती का भी आयोजन किया जाएगा, जिसमें आधा दर्जन से अधिक विद्वान पंडितों के साथ करीब 2500 से अधिक लोग भाग लेंगे.
500 से अधिक देवी-देवताओं की सहभागिता की उम्मीद
शिवरात्रि महोत्सव के लिए पंजीकृत 216 देवी-देवताओं को आमंत्रण भेजा गया है, जिनमें प्रमुख देवता बड़ा देवता कमरुनाग शामिल हैं. अन्य देवी-देवताओं के साथ मिलकर लगभग 500 से अधिक देवी-देवताओं की सहभागिता होने की संभावना है, जिससे शिवरात्रि का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व और भी बढ़ेगा. वहीं, इस बार सीएम की जगह डिप्टी सीएम मेले का शुभारंभ करेंगे. ये इतिहास में पहली बार होगी जब मुख्यमंत्री मंडी शिवरात्रि का शुभआरंभ नहीं करेंगे. परंपरा के अनुसार सीएम ही मेले का शुभारंभ करते थे. सोमवार को माधव राय की बड़ी जलेब निकलेगी.
माधव राय मंदिर में हुआ पूजन
वहीं, आज डीसी मंडी अपूर्व देवगन ने सबसे पहले राज माधव राय मंदिर के बाहर स्थित प्राचीन हवन कुंड में वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ हवन-पाठ और पूजन किया. इसके बाद उन्होंने छोटी काशी के विभिन्न प्रमुख मंदिरों में पहुंचकर देवी-देवताओं का विधिवत पूजन किया. धार्मिक अनुष्ठानों के बाद डीसी मंडी दोबारा राज माधव राय मंदिर पहुंचे और वहां से लघु जलेब के साथ बाबा भूतनाथ मंदिर पहुंचे. मंदिर परिसर में चल रहे हवन-पाठ में पूर्णाहुति डालकर उन्होंने जिले, प्रदेश और देशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की.
ब्यास आरती का भी होगा आयोजन
पिछले साल की तरह इस साल भी ब्यास आरती का आयोजन किया जा रहा है. यह भव्य आरती आज शाम को पंचवक्त्र मंदिर के प्रांगण में ब्यास नदी के तट पर आयोजित की जाएगी, जिसे काशी से आमंत्रित पंडितों द्वारा संपन्न कराया जाएगा. इसके साथ ही शिव तांडव नृत्य और आकर्षक लेजर शो भी दर्शकों के लिए प्रस्तुत किए जाएंगे. महाशिवरात्रि के साथ शुरू होने जा रहा ये अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव मंडी जिले में आस्था, संस्कृति और पर्यटन को नई ऊंचाइयां देने वाला सिद्ध होगा. इस बार सांस्कृतिक संध्याओं में पहाड़ी कलाकारों को तरजीह दी गई है.
युगल शर्मा करवाएंगे ब्यास आरती
आज होने ब्यास आरती वाराणसी के पंडित युगल शर्मा और उनकी टीम करवाएगी. इससे पहले युगल शर्मा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को दो बार वाराणसी में गंगा आरती करवा चुके हैं. युगल शर्मा शिमला जिले के शोघी कस्बे के रहने वाले हैं और धर्मशास्त्र पर पीएचडी कर रहे हैं. अपने अन्य सहयोगियों हेमंत जोशी, नारायण मिश्रा, ललित शर्मा, सत्यन शर्मा के साथ ब्यास आरती करेंगे. ब्यास आरती करीब एक घंटे तक चलेगी. सबसे पहले 15 से 20 मिनट तक ब्यास पूजन होगा. इसके बाद ब्यास आरती शुरू होगी जो 35 से 40 मिनट तक चलेगी. इस दौरान हजारों दीप ब्यास नदी में छोड़े जाएंगे. किसी भी घटना से निपटने के लिए पुलिस बल और बोट भी ब्यास नदी में तैनात रहेगी.
पुलिस होमगार्ड के जवान रहेंगे तैनात
शिवरात्रि महोत्सव के दौरान 750 पुलिस व होम गार्ड जवानों की तैनाती की जाएगी. मंडी शहर को 4 सेक्टर और 10 सब-सेक्टर में विभाजित किया गया है. शहर की निगरानी के लिए 270 स्थाई सीसीटीवी कैमरे सक्रिय रहेंगे, जबकि 46 अस्थाई सीसीटीवी कैमरे अतिरिक्त रूप से लगाए गए हैं. इसके अलावा, विशेष कंट्रोल रूम की स्थापना की गई है, ताकि असामाजिक तत्वों पर कड़ी नजर रखी जा सके और श्रद्धालुओं व पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.
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