मंडी की पहाड़ियों पर बिछी 'सफेद चादर', शिकारी देवी में हुई 6 इंच बर्फबारी
मंडी जिले में सीजन की पहली बर्फबारी हुई है. वीरवार को शिकारी देवी समते कई क्षेत्रों में ताजा बर्फबारी हुई.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : January 2, 2026 at 8:08 PM IST
सराज: हिमाचल प्रदेश के मंडी जिला स्थित प्रसिद्ध शक्ति पीठ माता शिकारी देवी में सीजन की पहली बर्फबारी ने पूरे क्षेत्र को ठंड की चपेट में ले लिया है. वीरवार रात हुई ताजा बर्फबारी से मंदिर परिसर और आसपास की ऊंची चोटियां सफेद चादर में ढक गईं. इस मनमोहक नजारे ने जहां श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आकर्षित किया, वहीं ठंड बढ़ने से आम जनजीवन भी प्रभावित होने लगा है. प्रभावित होने लगा है.
शिकारी देवी में 6 इंच तक बर्फबारी
उपमंडल थुनाग के ऊपरी क्षेत्रों में स्थित माता शिकारी देवी मंदिर में वीरवार दोपहर बाद सीजन की पहली बर्फबारी शुरू हुई. शाम चार बजे के बाद तेज हवाओं के साथ बर्फ के फाहे गिरने लगे, जो देर रात तक जारी रहे. मंदिर क्षेत्र में करीब चार से छह इंच तक ताजा बर्फ जमने की सूचना है.

सराज की ऊंची चोटियों पर बदला मौसम
माता शिकारी के अलावा सराज क्षेत्र की अन्य ऊंची चोटियों पर भी हल्की बर्फबारी हुई, हालांकि वहां बर्फ ज्यादा देर तक टिक नहीं पाई. जंजैहली, थुनाग, बगस्याड़, केओलीनाल और रूहाडा क्षेत्रों में दिनभर धूप और बादलों की आंख-मिचौली चलती रही. शाम होते ही मौसम ने अचानक करवट ली और ऊंचे इलाकों में हल्की बर्फबारी शुरू हो गई.
ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी के बाद थुनाग उपमंडल समेत पूरे मंडी जिला में ठंड बढ़ गई है. मैदानी इलाकों में सूखी ठंड पड़ने से लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है. सुबह और शाम के समय कंपकंपा देने वाली ठंड का असर साफ नजर आ रहा है.

ऊंचाई वाले क्षेत्रों की यात्रा करने से बचें
उपमंडल अधिकारी (एसडीएम) थुनाग रमेश कुमार ने माता शिकारी मंदिर में सीजन की पहली बर्फबारी की पुष्टि की है. उन्होंने बताया कि 15 नवंबर से माता शिकारी मंदिर के कपाट बंद कर दिए गए हैं. उन्होंने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान शिकारी माता और आसपास के ऊंचे क्षेत्रों की यात्रा न करें.
5 मार्च तक बंद रहेंगे शिकारी देवी के कपाट
जिला मंडी की सबसे ऊंची चोटी पर विराजमान माता शिकारी देवी मंदिर के कपाट हर वर्ष 15 नवंबर के बाद चार से पांच मार्च तक बंद रहते हैं. इस अवधि में हल्की बारिश के बाद भी क्षेत्र में बर्फबारी शुरू हो जाती है, जिससे यात्रा करना जोखिम भरा हो जाता है.

किसानों की बढ़ी चिंता
माता शिकारी क्षेत्र में चार से छह इंच बर्फबारी के बावजूद सराज के खेत-खलिहान अभी भी सूखे पड़े हैं. बारिश न होने से किसान और बागवान चिंतित हैं, क्योंकि फसलों और बागवानी के लिए पर्याप्त नमी नहीं मिल पाई है.
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