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पति, पत्नी और पंचायत चुनाव, हिमाचल की जोड़ी नंबर वन, प्रधान और उपप्रधान बनने की तैयारी

दिलचस्प हुआ पंचायत चुनाव, एक ही घर से 'प्रधान' और 'उप-प्रधान' की दावेदारी, पति-पत्नी की जोड़ी चर्चा में.

पंचायत चुनाव में पति-पत्नी चुनावी मैदान में आजमा रहे किस्मत
पंचायत चुनाव में पति-पत्नी चुनावी मैदान में आजमा रहे किस्मत (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Himachal Pradesh Team

Published : May 15, 2026 at 2:49 PM IST

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Updated : May 15, 2026 at 8:11 PM IST

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सराज: पंचायत चुनाव में नाम वापस लेने का आज आखिरी दिन है. 3 बजे के बाद मैदान में बचे उम्मीदवारों को 3 बजे के बाद चुनाव चिन्ह आवंटित किए जाएंगे. इस चुनावी रण में एक ही परिवार से दो-दो सदस्य चुनाव लड़ रहे हैं. पति-पत्नी, ननंद-भाभी की जोड़ी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं. कहीं पुराने चेहरे फिर मैदान में हैं तो कहीं नए उम्मीदवार अपनी दावेदारी जता रहे हैं. इसी बीच मंडी जिला की सराज घाटी में एक पंचायत में पति-पत्नी दोनों चुनावी मैदान में उतरे हैं. लोगों के बीच पति-पत्नी की ये जोड़ी चर्चा का विषय बन गई है.

दरअसल सराज की केओली पंचायत से पति-पत्नी चुनावी मैदान में कूदे हैं. एआरओ से मिली जानकारी अनुसार पति और पत्नी दोनों अलग-अलग पदों के लिए अपनी किस्मत आजमा रहे हैं. दोनों लगातार जनसंपर्क के जरिए वोट की अपील लोगों के बीच कर रहे हैं. गांव में इस अनोखी चुनावी जोड़ी की खूब चर्चा हो रही है और लोग भी इसे लेकर दिलचस्पी दिखा रहे हैं. गौरतलब है कि केओली पंचायत के पूर्व उप प्रधान खजान सिंह दो बार उप प्रधान रह चुके हैं. पहले लम्बाथाच और फिर केओली पंचायत और अब दोबारा तीसरी पारी खेलने की इच्छा से पिछले 11 मई को उप प्रधान के लिए नामांकन दाखिल कर चुके हैं. उनकी पत्नी विपना ठाकुर ने पंचायत प्रधान पद के लिए नामांकन दाखिल कर दिया है. वर्तमान समय में केओली पंचायत में प्रधान पद के लिए आठ, उप प्रधान पद के लिए छह और पांच वार्ड सदस्यों के लिए 12 ने नामांकन दाखिल कर दिया है.

पंचायत के लोगों का कहना है कि चुनाव में पहली बार ऐसा देखने को मिल रहा है जब एक ही परिवार के दो सदस्य एक साथ चुनावी मैदान में सक्रिय हैं. नामांकन वापसी की प्रक्रिया के बाद चुनावी माहौल गर्म हो गया है. अब सोशल मीडिया और गांवों में गुप्त रूप से बैठकों के जरिए भी वोट की अपील की जा रही है.अब गांव मुहल्ले में भी इसी चुनावी मुकाबले की चर्चाएं सुनने को मिल रही हैं. राजनीतिक जानकारों का कहना है कि पंचायत चुनावों में इस तरह के मुकाबले लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करते हैं और इससे चुनाव और अधिक रोचक बन जाता है.

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Last Updated : May 15, 2026 at 8:11 PM IST