मंडी में देवताओं का डेरा: शिवरात्रि महोत्सव के रंग में रंगने लगी छोटी काशी
इस वर्ष मंडी शहर की स्थापना के 500 वर्ष पूरे हो रहे हैं, इसलिए महोत्सव और भव्य रूप में मनाया जाएगा.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : February 14, 2026 at 9:27 PM IST
|Updated : February 14, 2026 at 10:02 PM IST
मंडी: छोटी काशी मंडी में अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव के लिए देवी-देवताओं का आगमन शुरू हो गया है. अलग-अलग क्षेत्रों से देवता मंडी पहुंच रहे हैं, जबकि कई देवता कल तक पहुंच जाएंगे. देव आगमन के साथ ही शहर पूरी तरह भक्तिमय हो गया है और शिवरात्रि महोत्सव की औपचारिक तैयारियां तेज हो गई हैं.
बड़ादेव कमरूनाग का भव्य स्वागत
मंडी के आराध्य देव बड़ादेव कमरूनाग मंदिर शनिवार दोपहर बाद मंडी पहुंचे. पुलघराट से लेकर राजमहल तक उनका भव्य स्वागत किया गया. पारंपरिक वाद्य यंत्रों और जयकारों से पूरा मार्ग गूंज उठा. देवता ने राज माधव राय मंदिर में हाजिरी भरी और फिर राजपरिवार की परंपरा अनुसार स्वागत हुआ. इसके बाद वे टारना माता मंदिर के लिए रवाना हुए, जहां वे सात दिन तक श्रद्धालुओं को दर्शन देंगे.

इस बार ऐतिहासिक होगा आयोजन
उपायुक्त मंडी अपूर्व देवगन ने बताया कि इस वर्ष मंडी शहर की स्थापना के 500 वर्ष पूरे हो रहे हैं, इसलिए महोत्सव को विशेष और भव्य रूप दिया जा रहा है. 12 से 13 देशों के कलाकार सेरी मंच पर प्रस्तुति देंगे. छोटी काशी साहित्य उत्सव, आर्ट एंड क्राफ्ट फेस्टिवल और हेरिटेज वॉक जैसी नई गतिविधियां भी जोड़ी गई हैं. शिवरात्रि महोत्सव-2026 के उपलक्ष्य में ब्यास नदी के तट पर स्थित पंचवक्त्र महादेव मंदिर के समीप 15 फरवरी सायं 6 बजे भव्य ब्यास महाआरती का आयोजन होगा. उपायुक्त अपूर्व देवगन ने आयोजन स्थल का निरीक्षण किया. उन्होंने बताया कि बनारस से आए पांच पंडित विधिवत आरती संपन्न करवाएंगे. उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री विशेष रूप से इसमें शामिल होंगे.
216 देवताओं को आमंत्रण
प्रशासन के अनुसार 216 पंजीकृत देवी-देवताओं को आमंत्रण भेजा गया है और लगभग 500 से अधिक देवताओं की सहभागिता की संभावना है. 15 फरवरी को पंचवक्त्र मंदिर के पास ब्यास आरती में करीब 2500 श्रद्धालु शामिल होंगे.
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
एसपी मंडी विनोद कुमार ने बताया कि 750 पुलिस और होमगार्ड जवान तैनात किए जाएंगे. शहर को 4 सेक्टर और 10 सब-सेक्टर में बांटा गया है. 270 स्थायी और 46 अस्थायी सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं.
16 फरवरी को होगा विधिवत शुभारंभ
हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू 16 फरवरी को दोपहर बाद महोत्सव का शुभारंभ करेंगेय प्रथम जलेब निकाली जाएगी, जिसमें सभी देवी-देवता शामिल होंगे. सेरी मंच पर पहली सांस्कृतिक संध्या आयोजित होगी.
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