ब्यास महाआरती से गूंज उठी छोटी काशी मंडी, शिवरात्रि महोत्सव में दिखा आस्था का भव्य संगम
शिवरात्रि के मौके पर छोटी काशी में दीपों की जगमगाहट और ब्यास की शांत धारा ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : February 15, 2026 at 10:32 PM IST
|Updated : February 15, 2026 at 10:45 PM IST
मंडी: छोटी काशी के नाम से विख्यात मंडी में अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव-2026 के अवसर पर आस्था, परंपरा और संस्कृति का भव्य संगम देखने को मिला. ब्यास नदी के तट पर स्थित ऐतिहासिक पंचवक्त्र महादेव मंदिर के समीप आयोजित ब्यास महाआरती ने पूरे नगर को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया. हजारों श्रद्धालु, संत, गणमान्य नागरिक और पर्यटक इस दिव्य आयोजन के साक्षी बने.
ब्यास महाआरती में प्रदेश के उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए. उन्होंने विधिवत आरती में भाग लेकर ब्यास नदी की पूजा की और प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि व शांति की कामना की. उन्होंने कहा कि यह महाआरती नई ऊर्जा के साथ शुरू हुई है और भविष्य में मंडी की एक विशेष पहचान बनेगी. शिवरात्रि के अवसर पर आरंभ हुई यह परंपरा आगे चलकर स्थायी धार्मिक और सांस्कृतिक प्रथा के रूप में स्थापित होगी.
मंत्रोच्चार और लेजर शो ने मोहा मन
महाआरती की विधि वाराणसी से आए पांच विद्वान पंडितों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संपन्न करवाई. दीपों की जगमगाहट और ब्यास की शांत धारा ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया. श्रद्धालुओं ने दीप प्रवाहित कर मां ब्यास से मंगलकामनाएं कीं. इस दौरान आकर्षक लेजर शो भी प्रस्तुत किया गया, जिसने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। रंग-बिरंगी रोशनी और ऐतिहासिक झलकियों ने कार्यक्रम को और भी खास बना दिया.
500वें स्थापना वर्ष में नई पहचान
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि मंडी नगर अपनी स्थापना के 500वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है. इस ऐतिहासिक अवसर पर मंदिरों में जिस तरह के आयोजन हो रहे हैं, वह सराहनीय है. उन्होंने शिवरात्रि महोत्सव आम सभा के अध्यक्ष विधायक चंद्रशेखर, उपायुक्त मंडी और जिला प्रशासन को सफल आयोजन के लिए बधाई दी. उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन धार्मिक आस्था को मजबूत करने के साथ-साथ पर्यटन को बढ़ावा देते हैं और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी सशक्त बनाते हैं.
ब्यास महाआरती के सफल आयोजन में सामाजिक संस्थाओं, स्वयंसेवी संगठनों और नगरवासियों का विशेष सहयोग रहा. बड़ी संख्या में युवाओं और पर्यटकों ने इस आध्यात्मिक कार्यक्रम में भाग लेकर इसे ऐतिहासिक बना दिया. निस्संदेह, ब्यास महाआरती ने मंडी के अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव को नई ऊंचाई प्रदान की है और छोटी काशी की धार्मिक पहचान को और मजबूत किया है.

