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मनाली विंटर कार्निवाल की डेट पर विवाद, देव समाज ने जताया कड़ा विरोध

मनाली विंटर कार्निवाल की तिथि पर विवाद खड़ा हो गया है. देव समाज ने कड़ा विरोध जताते हुए इसे बदलने की मांग की है

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मनाली विंटर कार्निवाल की डेट पर विवाद (ETV BHARAT)
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By ETV Bharat Himachal Pradesh Team

Published : December 26, 2025 at 7:39 PM IST

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मनाली: पर्यटन नगरी मनाली में प्रस्तावित राष्ट्र स्तरीय विंटर कार्निवाल 2026 की तय तिथि को लेकर अब विवाद खड़ा हो गया है. देव समाज के प्रतिनिधियों ने 20 जनवरी से कार्निवाल आयोजित करने पर असहमति जताई है. उनका कहना है कि जनवरी के मध्य से घाटी के अधिकतर देवी-देवता स्वर्ग प्रवास पर चले जाते हैं, ऐसे में शोर-शराबे वाले आयोजनों से धार्मिक परंपराओं को ठेस पहुंच सकती है.

विंटर कार्निवाल की तिथि पर उठे सवाल

देव समाज से जुड़े लोगों का कहना है कि विंटर कार्निवाल के लिए 20 से 24 जनवरी की तिथि तय करना उचित नहीं है. उनका मानना है कि इस दौरान घाटी में देवी-देवताओं के कपाट बंद रहते हैं और धार्मिक नियमों के अनुसार शोर-शराबे पर रोक होती है. ऐसे में इतने बड़े सांस्कृतिक आयोजन को इस अवधि में करना देव परंपराओं के खिलाफ माना जा रहा है.

मनाली से सटे गांव सिमसा के आराध्य देव कार्तिक स्वामी के कारदार योगराज ठाकुर ने कहा, "देव समाज इस तिथि से सहमत नहीं है. 15 जनवरी के बाद घाटी के अधिकतर देवता स्वर्ग प्रवास पर चले जाते हैं और करीब एक से डेढ़ महीने तक देवालयों के कपाट बंद रहते हैं. इस दौरान ढोल-नगाड़े, तेज संगीत और किसी भी तरह के शोर पर पूर्ण प्रतिबंध होता है."

देव आज्ञा और परंपराओं का हवाला

योगराज ठाकुर ने कहा कि देव आज्ञा के अनुसार इस अवधि में खेतों की खुदाई तक नहीं की जाती. ऐसे में बड़े स्तर पर होने वाला विंटर कार्निवाल धार्मिक मान्यताओं के विपरीत है. उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि या तो विंटर कार्निवाल 14 जनवरी से पहले आयोजित किया जाए या फिर फरवरी माह के बाद इसकी तिथि तय की जाए.

पूर्व मंत्री ने किया देव समाज का समर्थन

पूर्व मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने भी देव समाज की मांग का समर्थन किया है. उन्होंने कहा कि विंटर कार्निवाल को लेकर घाटी में चर्चा जोरों पर है, लेकिन 20 से 24 जनवरी की तिथि पर देव समाज ने आपत्ति जताई है. उनका कहना है कि इस दौरान देवी-देवता एकांतवास में होते हैं और न कोई खेत कार्य होता है, न ही शोर-शराबा.

'परंपरा और पर्यटन में संतुलन की जरूरत'

गोविंद सिंह ठाकुर ने कहा कि मनाली पर्यटन नगरी जरूर है, लेकिन यहां की परंपराएं, संस्कृति और देवी-देवताओं के प्रति आस्था भी उतनी ही महत्वपूर्ण है. उन्होंने कहा कि निर्णय लेते समय देव परंपराओं का सम्मान किया जाना चाहिए और सभी की सहमति से ही आयोजन की तिथि तय होनी चाहिए.

तैयारियों का हवाला

मनाली शहरी कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष तारु नेगी ने कहा कि विधायक भुवनेश्वर गौड की अध्यक्षता में सभी लोगों से चर्चा कर 20 से 24 जनवरी की तिथि तय की गई थी. उन्होंने माना कि देव संस्कृति का संरक्षण जरूरी है, लेकिन देव नीति में राजनीति नहीं होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि विंटर कार्निवाल राष्ट्र स्तर का आयोजन है, जिसके लिए कई तैयारियां पहले ही की जा चुकी हैं. बाहरी राज्यों की टीमों को निमंत्रण भेजे जा चुके हैं. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि देव समाज की भावनाओं को देखते हुए विधायक भुवनेश्वर गौड तिथि बदलने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं.

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