मनाली ओवरलोड! 500 वाहनों की पार्किंग कैपेसिटी, लेकिन पहुंच रही 3000 गाड़ियां, ट्रैफिक जाम से टूरिस्ट परेशान
हर साल लाखों सैलानी मनाली घूमने आते है. लेकिन पार्किंग की उचित व्यवस्था न होने के चलते चालक और पर्यटकों को काफी परेशानी होती है.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : December 25, 2025 at 9:49 PM IST
|Updated : December 26, 2025 at 8:13 PM IST
कुल्लू: हिमाचल प्रदेश की प्रसिद्ध पर्यटन नगरी मनाली इन दिनों भारी वाहन दबाव से जूझ रही है. एक ओर क्रिसमस और नए साल के जश्न के लिए हजारों सैलानी मनाली का रुख कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सीमित पार्किंग व्यवस्था शहर की सबसे बड़ी परेशानी बन गई है. मनाली में जहां केवल करीब 500 वाहनों की पार्किंग क्षमता उपलब्ध है, वहीं पर्यटन सीजन में प्रतिदिन दो से तीन हजार वाहन शहर में प्रवेश कर रहे हैं. इससे न केवल ट्रैफिक जाम की स्थिति बन रही है, बल्कि सैलानियों और वाहन चालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.
हर साल लाखों सैलानी आते हैं मनाली
कुल्लू जिले की मनाली घाटी देश-विदेश के पर्यटकों की पहली पसंद रही है. बर्फबारी, पहाड़, नदी, साहसिक खेल और शांत वातावरण के कारण हर साल लाखों सैलानी यहां पहुंचते हैं. पर्यटन सीजन के दौरान मनाली की आबादी कई गुना बढ़ जाती है. होटल, होमस्टे और गेस्ट हाउस पूरी तरह भर जाते हैं, लेकिन पर्यटकों की बढ़ती संख्या के अनुपात में बुनियादी सुविधाएं विकसित नहीं हो पाई हैं.

मनाली के विधायक भुवनेश्वर गौड़ ने कहा, "मनाली के आसपास बड़ी पार्किंग बनाने को लेकर सरकार से बातचीत की जा रही है. स्थान चयन की प्रक्रिया चल रही है. प्रशासन कोशिश कर रहा है कि जश्न मनाने आए सैलानियों को परेशानी न हो."
पार्किंग बनी सबसे बड़ी समस्या
मनाली में आने वाले अधिकतर पर्यटक अपने निजी वाहनों से पहुंचते हैं. लेकिन शहर में पार्किंग की व्यवस्था बेहद सीमित है. वर्तमान में मनाली में कुल मिलाकर करीब 500 वाहनों को ही व्यवस्थित रूप से पार्क करने की क्षमता है. इसके मुकाबले पर्यटन सीजन में प्रतिदिन 2000 से 3000 छोटे वाहन और 150 से 200 वोल्वो बसें मनाली पहुंच रही हैं. इस असंतुलन के कारण सड़कों पर वाहनों का दबाव लगातार बढ़ रहा है.
पार्किंग की कमी के चलते कई पर्यटकों को अपने होटल से तीन से पांच किलोमीटर दूर वाहन खड़े करने पड़ते हैं. इससे न केवल समय बर्बाद होता है, बल्कि सैलानियों को ठंड में पैदल चलने या टैक्सी का सहारा लेना पड़ता है. कई बार पार्किंग दूर मिलने के कारण पर्यटक देर रात तक जाम में फंसे रहते हैं.

नगर परिषद ने बताई पार्किंग लोकेशन
नगर परिषद मनाली के अध्यक्ष मनोज लार्जे ने कहा, "ग्रीन फॉरेस्ट कैफे, ईशान होटल, मिशन अस्पताल, डायमंड होटल, गुलमोहर होटल, गोपा, फायर ऑफिस, भूतनाथ मंदिर और ब्यास पुल के पास पार्किंग की व्यवस्था है. यहां दो घंटे तक वाहन पार्क करने का शुल्क लिया जाता है, इसके बाद प्रति घंटा 20 रुपये चार्ज किया जाता है. दोपहिया वाहनों के लिए अलग व्यवस्था की गई है."
क्रिसमस और न्यू ईयर पर और बढ़ेगी भीड़
इस साल भी मनाली क्रिसमस और नववर्ष के स्वागत के लिए पूरी तरह सजी हुई है. माल रोड को सजाया गया है, होटल और रेस्टोरेंट विशेष पैकेज दे रहे हैं. पर्यटन कारोबारियों का अनुमान है कि क्रिसमस से नए साल तक 60 से 90 हजार पर्यटक मनाली पहुंच सकते हैं. लेकिन इतने बड़े पैमाने पर आने वाले सैलानियों के वाहनों को कहां पार्क किया जाएगा, यह अब भी बड़ा सवाल बना हुआ है.
मौजूदा पार्किंग व्यवस्था नाकाफी
नगर परिषद मनाली के पास फिलहाल लगभग 300 वाहनों की पार्किंग सुविधा है. राष्ट्रीय राजमार्ग पर चिह्नित पार्किंग में करीब 150 वाहन खड़े हो सकते हैं. वोल्वो बस स्टैंड में लगभग 100 बसों के खड़े होने की व्यवस्था है. इसके अलावा कुछ पर्यटन निगम के होटलों में भी पार्किंग उपलब्ध है, लेकिन यह कुल जरूरत के मुकाबले बेहद कम है.

सड़क किनारे खड़े वाहन बढ़ा रहे जाम
पार्किंग न मिलने के कारण अधिकतर वाहन चालक मजबूरी में सड़क किनारे वाहन खड़े कर देते हैं. इससे सड़क की चौड़ाई कम हो जाती है और ट्रैफिक जाम की समस्या और गंभीर हो जाती है. मनाली से अलेयू, बाहंग और रागड़ी की ओर जाने वाले मार्गों पर रोजाना जाम लग रहा है. सिमसा चौक पर क्षतिग्रस्त सड़क और मनाली गांव की तंग सड़कें भी परेशानी बढ़ा रही हैं.
पर्यटकों ने सुनाया अपना दर्द
उत्तर प्रदेश से मनाली घूमने आए सैलानी हरीश यादव ने बताया कि वह घूमने के लिए तो मनाली आ गए हैं, लेकिन यहां पार्किंग की समस्या उन्हें परेशान कर रही है। उनका कहना है कि मनाली ही नहीं, बल्कि अन्य पर्यटन स्थलों पर भी पार्किंग की भारी कमी है. ऐसे में उनका काफी समय सिर्फ पार्किंग तलाशने में ही निकल रहा है. वाहन चालक मजबूरी में सड़क किनारे वाहन खड़े कर रहे हैं, जिससे ट्रैफिक जाम की समस्या और बढ़ रही है.
गुजरात से आई सैलानी संध्या ने बताया कि मनाली पहुंचते ही उन्हें सबसे पहले ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ा. जब वह होटल पहुंचीं तो पता चला कि वहां पार्किंग की कोई व्यवस्था नहीं है. इसके बाद उन्हें अपने वाहन के लिए अलग से पार्किंग तलाशनी पड़ी. उन्होंने कहा कि यहां बनाई गई पार्किंग की क्षमता बहुत कम है, जिसके कारण सैलानियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है. प्रशासन और सरकार को मनाली में पार्किंग क्षमता बढ़ाने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए.

दिल्ली से आई सैलानी अनु ने कहा कि जब प्रशासन को पहले से पता होता है कि पर्यटन सीजन और नए साल के दौरान हजारों वाहन मनाली पहुंचते हैं, तो पार्किंग स्थलों को पहले ही चिन्हित किया जाना चाहिए. अगर शहर के भीतर पार्किंग की जगह कम है, तो शहर के बाहर पार्किंग की व्यवस्था कर वहां से टैक्सी या बसों के जरिए सैलानियों को मनाली लाया जाना चाहिए, ताकि लोगों को वाहन खड़ा करने में परेशानी न हो.
क्या कहते हैं पर्यटन कारोबारी?
पर्यटन कारोबारी गगन कुमार, दिनेश शर्मा और राकेश ठाकुर का कहना है कि मनाली में पार्किंग और ट्रैफिक की समस्या लंबे समय से बनी हुई है. सुबह और शाम के समय यातायात दबाव सबसे ज्यादा रहता है. बाईपास सड़क का निर्माण जारी है, लेकिन इसके पूरा होने तक समस्या बनी रहेगी.
वाहन चालकों का दर्द
पंजाब से आए वाहन चालक सुरजीत सिंह का कहना है कि पर्यटन सीजन में उन्हें कई बार पांच घंटे तक जाम में फंसे रहना पड़ता है. होटल दूर होता है और पार्किंग उससे भी ज्यादा दूर मिलती है. वहीं दिल्ली से आए चालक जसवीर सिंह ने कहा कि पार्किंग न मिलने से पूरा ट्रिप खराब हो जाता है और चालान का डर भी बना रहता है.
डीएसपी मनाली केडी शर्मा ने कहा, "पर्यटकों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए संवेदनशील स्थानों पर पुलिस जवान तैनात किए गए हैं. यातायात को सुचारू बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है और अवैध पार्किंग पर कार्रवाई भी की जा रही है."
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