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18 साल पहले कर दिया था अंतिम संस्कार, घर लौटा बेटा तो बूढ़े मां-बाप की आंखों से छलका आंसू

कहते हैं अगर भगवान चाहें तो कुछ भी असंभव नहीं है. अब देखिए ना, 18 साल बाद बूढ़े मां-बाप को बेटा मिला है. पढ़ें खबर.

MAN RETURNS HOME AFTER 18 YEARS
18 साल बाद माता-पिता से मिला रौशन (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Bihar Team

Published : January 2, 2026 at 1:42 PM IST

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सारण (छपरा) : बिहार के एक ऐसे युवक की कहानी, जो 18 साल बाद सकुशल घर लौट आया. फिर क्या था अपने जिगर के टुकड़े को सामने देखकर उसके माता-पिता की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े. ये काफी भावुक क्षण था.

क्या है पूरा मामला? : घटना मुजफ्फरपुर जिले के गायघाट प्रखंड अंतर्गत लक्ष्मण नगर की है. जहां के रहने वाले विश्वनाथ शाह और रामपुरी देवी का पुत्र रौशन मैट्रिक की परीक्षा में गलत संगत में पड़कर दोस्तों संग दिल्ली चला गया. जहां वह रास्ते में ही दोस्तों से बिछड़ गया.

कर दिया था अंतिम संस्कार : परिजनों ने खोज खबर में कोई कसर नहीं छोड़ी. पिता सरकारी सेवा में थे, इसलिए उन्होंने हर संभव प्रयास किया लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला. अंततः परिवार के लोगों ने रौशन को मृत मानकर हिंदू रीति के अनुसार अंतिम संस्कार कर दिया.

प्रशासन ने कराया इलाज : हालांकि ऊपरवाले को कुछ और ही मंजूर था. रौशन छपरा में इधर-उधर भटकता रहा और मंदबुद्धि हो गया. सेवा कुटीर से जुड़े लोगों की नजर उसपर पड़ी, तो उन्होंने रौशन को अपने संरक्षण में ले लिया. भोजपुर के मानसिक चिकित्सालय में उसका इलाज कराया गया.

18 साल बाद वापस लौटा बेटा : इलाज के बाद उसकी काउंसलिंग कराई गई. जिसमें रौशन ने अपने घर, माता-पिता के बारे में जानकारी दी. उसके बाद सेवा कुटीर जिला प्रशासन (सारण) के अधिकारियों और कर्मचारियों ने मानवीय दृष्टिकोण के तहत सभी संभावित प्रयास शुरू किये. विभिन्न स्रोतों से जानकारी जुटाई गई. यह प्रक्रिया काफी लंबी रही लेकिन अधिकारियों ने उम्मीद नहीं छोड़ी. अंततः परिजनों का पता चल गया और वर्षों से बिछड़ा परिवार फिर एक हो गया.

भावुक हुए माता-पिता : अपने बेटे को जीवित देखकर रौशन के माता-पिता काफी भावुक हो गए. उन्होंने सारण के जिला प्रशासन सेवा कुटीर का आभार व्यक्त किया. अधिकारियों और कर्मचारियों की इस कार्रवाई की स्थानीय लोगों ने काफी सराहना की. कहा कि आज उनके प्रयास से वर्षों से बिछड़ा बेटा वापस मिला है.

''सामाजिक न्याय एवं पुनर्वास की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के तहत सेवा कुटीर सारण में आवासित रोशन कुमार नामक लाभार्थी को आज लगभग 18 वर्ष बाद उसके परिजनों से सफलतापूर्वक मिलाया गया. सेवा कुटीर सारण द्वारा निराश्रित एवं भिक्षावृत्ति से जुड़े व्यक्तियों के पुनर्वास, संरक्षण एवं पारिवारिक पुनर्मिलन हेतु निरंतर कार्य किया जा रहा है, जिससे उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ा जा सके.''- वैभव श्रीवास्तव, जिलाधिकारी, सारण

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