श्योपुर कलेक्टर की जनसुनवाई में शख्स ने दी जान, स्ट्रेस में तहसीलदार की बिगड़ी तबीयत
लोगों की लगातार ट्रोलिंग और मानसिक तनाव के चलते शुक्रवार को तहसीलदार की तबीयत बिगड़ी. जिला अस्पताल में चल रहा इलाज.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : May 30, 2026 at 1:47 PM IST
श्योपुर: अपनी दुकान पर अवैध कब्जे से परेशान एक व्यक्ति जब हर जगह शिकायतें करके थक गया. कलेक्टर की जनसुनवाई में भी दो बार शिकायत करने के बावजूद उसकी समस्या नहीं सुनी गई तो बीते मंगलवार को श्योपुर कलेक्टर की जनसुनवाई में उसने जहर खा लिया. उसकी मौत के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया. बुधवार को नाराज लोगों ने उसकी डेडबॉडी रखकर प्रदर्शन किया.
लोगों की ट्रोलिंग के चलते तहसीलदार की तबीयत बिगड़ गई
मामला तूल पकड़ने के बाद कलेक्टर ने मौके पर पहुंचकर उक्त तहसीलदार को हटा दिया. सोशल मीडिया पर तहसीलदार मनीषा मिश्रा को जमकर ट्रोल किया गया और उन पर आरोप लगे कि उन्होंने फरियादी के साथ संवेदनशीलता से बात नहीं की. मौत से पहले देवेंद्र ने उन्हें प्रताड़ित करने वाले लोगों के नाम उजागर किया था. इसके बावजूद उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो सकी. लगातार ट्रोलिंग और मानसिक तनाव के चलते शुक्रवार को तहसीलदार मनीषा मिश्रा की तबीयत बिगड़ गई. जिला अस्पताल में उनका उपचार किया जा रहा है.
तहसीलदार ने दी सफाई, कहा- वह मानवता के नाते मौके पर पहुंची थीं
जनसुनवाई के दौरान फरियादी के साथ संवेदनशीलता से बात नहीं करने के आरोप पर तहसीलदार मनीषा मिश्रा ने अपनी सफाई में कहा कि वह मानवता के नाते मौके पर पहुंची थीं. उन्होंने केवल यह पूछा था ''कहां जहर खाया, यह तो पानी की बोतल है'. इधर जिला प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए तहसीलदार को हटा दिया.
इस पूरे मामले में पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं. परिजनों का आरोप है कि देवेंद्र पहले भी अपनी शिकायत लेकर पुलिस के पास पहुंचे थे लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई. मृतक की बेटी ने पुलिस पर प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं. सवाल यह है कि जब एक व्यक्ति लगातार न्याय की गुहार लगा रहा था तब पुलिस और प्रशासन ने उसकी शिकायतों को गंभीरता से क्यों नहीं लिया?
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अब इस मामले में कई बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं कि आखिर जनसुनवाई के दौरान ऐसा कौन सा अधिकारी था जिसके व्यवहार से फरियादी इस हद तक टूट गया कि उसने जहर खाकर अपनी जान दे दी. जिला अस्पताल पहुंचे अपर कलेक्टर रूपेश उपाध्याय से जब मीडिया ने बातचीत करने की कोशिश की तो उन्होंने इस पूरे मामले पर कोई प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया. उनका सिर्फ इतना कहना है कि मामले की जांच की जा रही है.
तहसीलदार के खिलाफ कार्रवाई से नाराज अखिल भारतीय ब्राह्मण समाज ने भी मोर्चा
उधर महिला तहसीलदार के खिलाफ कार्रवाई से नाराज अखिल भारतीय ब्राह्मण समाज ने भी मोर्चा खोल दिया है. उनका कहना है कि दोषियों के खिलाफ प्रशासन ने कार्रवाई नहीं की. समाज के लोगों ने कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचकर अपर कलेक्टर रूपेश उपाध्याय को ज्ञापन सौंपकर मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है. अपर कलेक्टर का कहना है कि ब्राह्मण समाज के लोगों ने आवेदन दिया है. मामले की निष्पक्ष जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

