मोबाइल गुम होने के बाद हो जाएं सावधान! बिहार में बुजुर्ग के खाते से साइबर ठगों ने उड़ाए 8.19 लाख
मुंगेर में साइबर अपराधियों ने एक बुजुर्ग को निशाना बनाते हुए लाखों की निकासी की है. मोबाइल गुम होते ही हुई साइबर ठगी. पढ़ें खबर-

Published : May 30, 2026 at 4:12 PM IST
मुंगेर: बिहार के मुंगेर जिले में साइबर अपराधियों ने एक बुजुर्ग को निशाना बनाकर उनके बैंक खातों से 8 लाख 19 हजार रुपये की अवैध निकासी कर ली. मोबाइल फोन गुम होने के बाद हुई इस घटना ने स्थानीय स्तर पर सनसनी फैला दी है. पीड़ित योगेंद्र प्रसाद साहनी अपनी बहू से मिलने बिहटा गए थे, जहां उनका मोबाइल कहीं खो गया.
नया सिम चालू होते ही चौंकाने वाला खुलासा: मोबाइल खो जाने के बाद काफी तलाश के बावजूद फोन नहीं मिला. वापस मुंगेर लौटकर योगेंद्र प्रसाद साहनी ने नया सिम कार्ड जारी कराया. नया सिम सक्रिय होने पर जब उन्होंने अपने बैंक खातों की जांच की तो उनके खातों से भारी रकम गायब पाई गई. जांच में पता चला कि मोबाइल गुम होने की अवधि में अपराधियों ने उनके खातों तक पहुंच बनाकर पैसे ट्रांसफर कर लिए.
दोनों बैंकों से हुई लाखों की निकासी: पीड़ित के भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के खाते से 6 लाख 91 हजार रुपये तथा इंडियन बैंक के खाते से 1 लाख 28 हजार रुपये की अवैध निकासी की गई. इस तरह कुल 8 लाख 19 हजार रुपये की साइबर ठगी को अंजाम दिया गया. अपराधियों ने मोबाइल और सिम से जुड़ी जानकारी का दुरुपयोग कर बैंकिंग सेवाओं तक पहुंच बनाई.
"नया सिम सक्रिय होने के बाद जब अपने बैंक खातों की जांच की तो खाते से बड़ी रकम की निकासी हो चुकी थी. मोबाइल बंद रहने के दौरान साइबर अपराधियों ने बैंक खातों को निशाना बनाया और कुल 8 लाख 19 हजार रुपये उड़ा लिए."-योगेंद्र प्रसाद साहनी, पीड़ित
साइबर थाने में दर्ज हुई शिकायत: योगेंद्र प्रसाद साहनी ने घटना की जानकारी मिलते ही तुरंत साइबर थाना और साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने मामले की गंभीरता से जांच शुरू कर दी है. प्रारंभिक जांच में संदेह है कि अपराधियों ने मोबाइल बंद रहने के दौरान तकनीकी तरीकों से बैंकिंग डिटेल्स हासिल कर ली.
तकनीकी जांच में जुटी पुलिस: साइबर डीएसपी राकेश कुमार रंजन ने बताया कि पीड़ित की शिकायत मिलते ही मामले की जांच शुरू कर दी गई है. पुलिस लेन-देन के डिजिटल ट्रेल की पड़ताल कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि रकम किन खातों में ट्रांसफर हुई तथा अपराधियों ने जानकारी कैसे हासिल की. तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर अपराधियों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है.
मोबाइल गुम होने पर तुरंत ये कदम उठाएं: साइबर डीएसपी राकेश कुमार रंजन ने आम लोगों से अपील की है कि मोबाइल फोन गुम हो जाए तो तुरंत संबंधित नंबर को ब्लॉक कराएं. साथ ही बैंक को सूचित कर नेट बैंकिंग, UPI और मोबाइल बैंकिंग सेवाओं को अस्थायी रूप से बंद करा दें. उन्होंने साइबर हेल्पलाइन 1930 पर तुरंत शिकायत दर्ज कराने की भी सलाह दी.
"मोबाइल खोने पर तुरंत सिम ब्लॉक कराने, बैंक को सूचना देने और साइबर पुलिस से संपर्क करने जैसे कदम बेहद जरूरी हैं. फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है."-राकेश कुमार रंजन, साइबर डीएसपी
बढ़ते साइबर अपराधों से जागरूकता जरूरी: मुंगेर और आसपास के क्षेत्रों में लगातार हो रही साइबर ठगी की घटनाएं लोगों में चिंता बढ़ा रही हैं. फर्जी कॉल, OTP फ्रॉड और मोबाइल गुम होने जैसी घटनाओं का फायदा उठाकर अपराधी आसानी से लोगों की मेहनत की कमाई लूट रहे हैं. मोबाइल आज बैंकिंग का मुख्य माध्यम बन चुका है, इसलिए लापरवाही महंगी पड़ सकती है.
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