रमदहा जलप्रपात में डूबा युवक, भाई को बचाने के लिए चिल्लाती रही बहनें
मौके पर मौजूद चौकीदार ने बताया कि उसने युवक को पानी में उतरने से मना किया था, लेकिन वो नहीं माना.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : June 22, 2026 at 9:32 AM IST
मनेंद्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर: रमदहा जलप्रपात की गिनती छत्तीसगढ़ के सबसे सुंदर पर्यटन स्थलों में की जाती है. रमदहा जलप्रपात जितना सुंदर है, उतना ही खतरनाक भी. यहां पानी की तेज धारा के साथ जलप्रपात के नीचे चिकने और खतरनाक पत्थर हैं. नहाने के दौरान अक्सर लोग फिसकर गहरे पानी में चले जाते हैं. हर साल कई लोगों की मौत रमदहा जलप्रपात में नहाने के दौरान हो जाती है. सबसे ज्यादा हादसे न्यू ईयर के दौरान होते हैं. कई बार लोग गर्मी के दिनों में भी यहां नहाने आते हैं और हादसे का शिकार हो जाते हैं.
रमदहा जलप्रपात में डूबा युवक
रविवार को 22 साल का युवक अपनी तीन बहनों के साथ रमदहा जलप्रपात देखने आया. घूमने के दौरान 22 साल के सुखलाल ने जलप्रपात में नहाने की इच्छा जाहिर की. मौके पर मौजूद चौकीदार ने उसे वहां नहाने से मना किया. चौकीदार की मानें तो उसने बताया कि यहां नहाना खतरनाक हो सकता है. बावजूद इसके सुखलाल नहाने के लिए रमदहा जलप्रपात में उतर गया. नहाने के दौरान ग्राम पतावाही का सुखलाल गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा.
चौकीदार के मना करने के बावजूद पानी में उतरा था युवक
युवक को डूबता देख उसकी बहनें मदद के लिए चिल्लाने लगी. पास ही चौकीदार भी मौजूद था. आस पास मौजूद लोगों की मदद से तत्काल युवक को बाहर निकालने का काम शुरू किया गया. करीब 20 मिनट के बाद युवक को पानी से बाहर निकाला जा सका. लोगों ने जब युवक की नब्ज देखी तो पाया कि उसकी मौत हो चुकी है. चौकीदार ने बताया कि उसने युवक को पानी में उतरने से मना किया था लेकिन वो नहीं माना.

हमारी ड्यूटी यहां रहती है, हम सबको यहां नहाने से मना करते हैं, कुछ लोग मान जाते हैं कुछ लोग सुनते ही नहीं हैं. जो युवक यहां डूबा उसे भी मैंने यहां नहाने से मना किया था लेकिन उसने मेरी नहीं सुनी: चौकीदार
वन विभाग की ओर से यहां पर कर्मचारी को रखना चाहिए. अगर विभाग थोड़ी कड़ाई करे और कर्मचारी रखे तो इस तरह के हादसों से बचा जा सकता है :सुखमंती सिंह, जिला पंचायत सदस्य

शाम करीब 4:10 बजे 108 एंबुलेंस के माध्यम से सुखलाल सिंह को अस्पताल लाया गया थ.। जांच के दौरान उसकी सांस नहीं चल रही थी और पल्स भी नहीं थी. अस्पताल पहुंचने से पहले ही युवक की मौत हो चुकी थी: डॉ. संजय मिश्रा,सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जनकपुर
वन विभाग की व्यवस्था पर उठे सवाल
जिला पंचायत सदस्य सुखमंती सिंह ने घटना पर चिंता जताते हुए कहा कि रमदहा जलप्रपात में लगातार हादसे हो रहे हैं. उन्होंने वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि वहां नियमित कर्मचारी तैनात रहते और लोगों को खतरनाक स्थानों पर जाने से रोका जाता तो ऐसी घटनाओं पर रोक लग सकती थी. उन्होंने कहा कि जलप्रपात क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं को रोका जा सके.

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