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लातेहार में जंगली हाथी का उत्पात, एक व्यक्ति की मौत, गांव वालों की अटकी रही सांसें

लातेहार में जंगली हाथी के हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई है. वन विभाग की टीम ने हाथी को गांव से भगाया.

ELEPHANT ATTACK MAN IN LATEHAR
लातेहार में जंगली हाथी (ईटीवी भारत)
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By ETV Bharat Jharkhand Team

Published : January 4, 2026 at 8:35 PM IST

3 Min Read
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लातेहार: जिले के विभिन्न प्रखंडों में इन दिनों जंगली हाथियों का आतंक चरम पर है. जंगली हाथी रोज किसी न किसी गांव में पहुंचकर लोगों को नुकसान पहुंचा रहे हैं. इसी क्रम में जंगली हाथियों ने पलामू टाइगर रिजर्व के छिपादोहर वन क्षेत्र अंतर्गत मतनाग गांव के पास एक ग्रामीण को मार डाला. मृतक की पहचान वीरेंद्र कोरबा के रूप में हुई है. वीरेंद्र कोरबा सामान की खरीदारी कर वापस अपने गांव जा रहा था. इसी दौरान हाथियों ने उस पर हमला कर दिया. रेंजर अजय टोप्पो ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि सरकारी प्रावधान के तहत मृतक के परिजनों को मुआवजा दिया जाएगा.

गम्हरिया टोला में एक बच्चे के साथ पहुंचा हाथी

वहीं एक जंगली हाथी अपने एक बच्चे के साथ पलामू टाइगर रिजर्व के छिपादोहर वन क्षेत्र अंतर्गत गम्हरिया टोला में भी देखा गया. गांव में जंगली हाथी के पहुंचने से पूरे गांव में हड़कंप मच गया. लगभग 3 घंटे तक लोगों की जान जोखिम में रही. हालांकि सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम गांव पहुंची और सुरक्षित हाथी को गांव से बाहर निकाला गया.

जंगली हाथी को भगाते ग्रामीण (ईटीवी भारत)

बता दें कि पलामू टाइगर रिजर्व के जंगलों में जंगली हाथियों का बसेरा रहता है. लेकिन दिन के उजाले में जंगली हाथी कभी गांव में नहीं आते हैं. पलामू टाइगर रिजर्व के इलाके में रहने वाले हाथियों का झुंड जब रात में जंगल से निकलता है तो वह खेत खलिहानों में जाकर फसलों को नुकसान करता है. गांव के बीचो-बीच हाथी नहीं के बराबर ही आते हैं.

काफी आक्रामक हो गया था हाथी
लोगों के द्वारा शोर मचाने और पत्थर फेंक कर हाथी को मारने से हाथी और भी आक्रामक हो गया था. ग्रामीणों ने इसकी सूचना तत्काल वन विभाग को दी. सूचना मिलने के बाद रेंजर अजय टोप्पो के निर्देश पर वन विभाग की टीम घटनास्थल पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद हाथी और उसके बच्चे को गांव से बाहर निकाला गया.

कम आक्रामक है पलामू टाइगर रिजर्व के जंगली हाथी

मामले को लेकर पलामू टाइगर रिजर्व के रेंजर उमेश दूबे ने बताया कि पलामू टाइगर रिजर्व में रहने वाले हाथी काफी कम आक्रामक होते हैं. उक्त हाथी ना तो किसी ग्रामीण का घर तोड़ते हैं और ना ही उन्हें ज्यादा नुकसान पहुंचाते हैं. उन्होंने कहा कि पलामू टाइगर रिजर्व के इलाके में रहने वाले हाथियों को छेड़ा ना जाए तो किसी को नुकसान नहीं पहुंचाते हैं.

पीटीआर के रेंजर ने कहा कि दूसरे जंगलों से भटक कर जो हाथी पीटीआर इलाके में पहुंचते हैं, उन्हीं के द्वारा ग्रामीणों के घर को ध्वस्त किया जाता है. साथ ही जान माल को नुकसान पहुंचाया जाता है. उन्होंने लोगों से अपील की है कि किसी भी सूरत में हाथियों अथवा किसी अन्य जंगली जानवर को परेशान ना करें. उन्होंने कहा कि अगर जानवरों से कोई परेशानी हो तो इसकी सूचना वन विभाग को दें.

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